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  • 3% Recovery Rate Increased In Three Days, So The Number Of Active Cases Decreased And The State In The Country From Fourth To Sixth; 40% Oxygen And 22% ICU Beds Emptied In Banswara

राजस्थान में राहत:तीन दिन में 3 फीसदी बढ़ी रिकवरी रेट, इसलिए एक्टिव केस की संख्या घटी और संक्रमण के मामले में राज्य चौथे से छठे नंबर पर पहुंचा

जयपुर8 महीने पहले
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राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से रिकवर मरीजों की संंख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसके कारण तीन दिन पहले तक देश में एक्टिव केस के मामले में राजस्थान की स्थिति चौथे नंबर पर थी, वह अब 2 पायदान नीचे आ गई है। रिकवरी रेट में भी 3 फीसदी का इजाफा हुआ है। राज्य में रिकवरी की इस स्थिति से लोगों को राहत मिली है। बीते एक माह से लोग कोरोना के बढ़ते संक्रमण से खासे डरे हैं और परेशानी से जूझ रहे हैं। आदिवासी जिले बांसवाड़ा में रिकवरी सबसे अच्छा है। इसी का परिणाम है कि यहां कुछ समय पहले तक अस्पतालों में साधारण बेड भी खाली नहीं थे। आज यहां 40 फीसदी ऑक्सीजन बेड, जबकि 22 फीसदी से ज्यादा आईसीयू बेड खाली पड़े हैं। जोधपुर में भी हालात काबू में होने लगे हैं।

प्रदेश में रिकवरी रेट 76.60 फीसदी है, जो मई की शुरुआत में 69.67 फीसदी था। राज्य में रविवार को एक दिन में सर्वाधिक 24,440 लोग रिकवर हुए थे। रिकवर मरीजों की ये संख्या अब तक के कोरोनाकाल में एक दिन में रिकवर हुए मरीजों की संख्या में सबसे ज्यादा रही है। राजस्थान की स्थिति अब एक्टिव मरीजों के मामले में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से भी अच्छी हो गई है। तीन दिन पहले तक इन दोनों राज्यों में एक्टिव केस राजस्थान से कम थे। राजस्थान की स्थिति देखें तो अभी एक लाख 94 हजार 382 एक्टिव केस हैं।

सवाई माधोपुर में सबसे खराब स्थिति

राजस्थान में जिलेवार स्थिति देखें तो सवाई माधोपुर, जैसलमेर और चूरू ऐसे जिले है, जहां रिकवरी रेट अभी 60 फीसदी से भी नीचे है। सवाई माधोपुर में सबसे कम 54.30 फीसदी रिकवरी रेट है। यहां अब तक 9925 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 45 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां अभी भी 4494 एक्टिव केस हैं, जिनका इलाज चल रहा है। 5386 मरीज ठीक हो चुके है। सबसे अच्छी 92 फीसदी रिकवरी रेट बांसवाड़ा जिले की है। यहां मौजूदा समय में एक्टिव केस की संख्या 650 ही रह गई है। यही कारण है कि यहां कुछ समय पहले तक अस्पताल के सभी बेड फुल थे। आज यहां के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल महात्मा गांधी अस्पताल में 31 में से 7 आईसीयू बेड खाली हैं। 148 में से 58 (करीब 40 फीसदी) ऑक्सीजन सपोर्ट के बेड भी खाली पड़े हैं।

जोधपुर की भी स्थिति अच्छी
मुख्यमंत्री के गृह जिला जोधपुर में भी स्थिति अब धीरे-धीरे कंट्रोल में आने लगी है। यहां भी 10 दिन पहले तक हालात विकट थे। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं हाे रहे थे। आज स्थिति ये है कि यहां एम्स, मथुरादास और महात्मा गांधी जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड खाली होने लगे हैं। हालांकि यहां अभी क्रिटिकल मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण आईसीयू और वेंटिलेटर के लिए मारामारी ज्यादा है। जयपुर में वर्तमान में 19 हजार एक्टिव केस हैं, जबकि 6 दिन पहले यानी 10 मई तक एक्टिव केस 25 हजार से ज्यादा थे। इसके अलावा जोधपुर में पिछले कुछ दिनों से नए केस भी कम आ रहे हैं।

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