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राजस्थान का मानसून ऑडिट:जून में 6% ज्यादा बारिश, लेकिन बांध-तालाबों में 5.5% कम पानी; जयपुर, अलवर समेत आधे राजस्थान में सामान्य से भी कम बारिश

राजस्थान7 महीने पहलेलेखक: अनुराग हर्ष/दिनेश पालीवाल
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राजस्थान में समय से सात दिन पहले आए मानसून ने हर बार की तरह इस बार भी धोखा दे दिया है। राज्य में प्रवेश करने के दो दिन बाद से ही मानसून अपनी जगह से आगे नहीं बढ़ा। शुरूआती दो दिन जमकर बरसने और प्री-मानसून में अच्छी बारिश होने का नतीजा रहा कि प्रदेश में जून में सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। जयपुर मौसम विभाग के मुताबिक जून में औसतन 50.1 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार पूरे राज्य में औसतन 53.1 मिमी बारिश हुई है। हालांकि राजस्थान में जिलेवार स्थिति देखें तो इस बार 50 प्रतिशत जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इसके कारण राज्य के जलस्रोत (बांध, तालाबों इत्यादि) में पानी पिछले साल के मुकाबले 5.53 फीसदी कम आया। इस बार खास बात यह रही कि जून महीने में रेगिस्तानी इलाके जैसलमेर, बीकानेर और जालोर में अच्छी बारिश दर्ज हुई। जैसलमेर में सर्वाधिक बारिश दर्ज हुई। वहीं साल 2020 से तुलना करें तो इस बार थोड़ी ज्यादा बारिश हुई है। साल 2020 में जून में 52.9 मिमी बारिश हुई थी।

अजमेर जिले के अनासागर झील के पास बारिश के बाद का नजारा।
अजमेर जिले के अनासागर झील के पास बारिश के बाद का नजारा।

इस बार पश्चिमी राजस्थान में मेहरबान हुए बादल, पूर्वी राजस्थान का कुछ हिस्सा ही भीगा

मौसम विभाग से मिली रिपोर्ट को देखे तो बरसात के लिहाज से राजस्थान दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्सा अरावली की पहाड़ियों के उस पार है, जो पूर्वी राजस्थान कहलाता है। दूसरा हिस्सा अरावली से दूर रेगिस्तानी है, जिसे पश्चिमी राजस्थान कहा गया है। आमतौर पर मई-जून में पूर्वी राजस्थान का मौसम ज्यादा सुहाना होता है क्योंकि बादल यहां बरस जाते हैं। इस बार इसके उलट हुआ। पश्चिमी राजस्थान में जमकर बारिश हो चुकी है, वहीं पूर्वी राजस्थान का कुछ हिस्सा ही भीग सका। अरावली की पहाड़ियों से सटे जयपुर, अजमेर, अलवर सहित अन्य जिलों में सामान्य से भी कम बारिश हो सकी है।

बारिश के बाद अलवर के सिलीसेढ़ झील में बोटिंग करते लोग।
बारिश के बाद अलवर के सिलीसेढ़ झील में बोटिंग करते लोग।

रेगिस्तान में जमकर बरसा पानी, जैसलमेर में 124 फीसदी ज्यादा बारिश

इस बार मानसून राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ज्यादा बरसा है। जल संसाधन विभाग राजस्थान से जारी डेटा के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और जैसलमेर में अच्छी बारिश हुई। सबसे आश्चर्य की बात है कि जैसलमेर में सामान्य से 124% ज्यादा बारिश दर्ज हुई। यहां सामान्य तौर पर जून में औसत 25.60 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 57.33 मिमी बारिश दर्ज की गई, यह साल 2020 में हुई 24.67 मिमी की तुलना दोगुना से भी ज्यादा है। इसके अलावा बीकानेर में 38, श्रीगंगानगर में 45, हनुमानगढ़ में 40 और चूरू में 42 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। हालांकि जून के आखिरी सप्ताह में मौसम की बेरुखी और पाकिस्तान से आ रही गर्म हवा से लोग गर्मी और लू से परेशान हो रहे हैं। इसी तरह पाली में 60, जालोर में 23, राजसमंद में 27, चित्तौड़गढ़ में 42 और प्रतापगढ़ में 46 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।

चित्तौड़गढ़ जिले में हुई बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी।
चित्तौड़गढ़ जिले में हुई बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी।

जयपुर-कोटा संभाग में पूरा नहीं हुआ 'कोटा'

बारिश के मामले में इस बार जयपुर, कोटा संभाग की स्थिति खराब रही। झुंझुनूं जिले में 68.8 फीसदी बारिश कम हुई, जो राज्य में सबसे कम रही। यहां जून में सामान्य तौर पर 58.10 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 18.13 मिमी ही बारिश हुई, जबकि साल 2020 में यहां जून अंत तक 59.29 मिमी बारिश हुई थी। इसी तरह इस साल बूंदी में 58.8, अलवर में 56 और कोटा में 46.4 फीसदी बारिश कम हुई।

बांध भी खाली, पिछले साल के मुकाबले 5.53% कम आया पानी

राजस्थान में इस बार बारिश का असर जल स्रोतों पर भी देखने को मिला। राज्य में साल 2020 की तुलना में इस बार 5.53 फीसदी कम पानी आया है। राज्य में छोटे-बड़े कुल 727 बांध है, जिसमें से अब तक 71% बांध खाली है। अभी तक केवल 6 बांध ही ऐसे है, जो पूरी तरह भरे हुए है, जबकि 516 पूरे सूखे पड़े हैं।

उदयपुर के फतेहसागर झील से मौसम का नजारा।
उदयपुर के फतेहसागर झील से मौसम का नजारा।

मानसून कहां अटका हुआ है?

मौसम विभाग जयपुर के कार्यवाहक निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अभी राजस्थान में मानसून की उतरी सीमा बाड़मेर, भीलवाड़ा व धोलपुर से गुजर रही है। मानसून उदयपुर, झालावाड़ के अलावा बारां, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और सिरोही जिले में पूरी तरह प्रवेश कर गया, जबकि पाली, जालौर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बूंदी, धौलपुर और कोटा जिले के कुछ हिस्सों में मानसून की मौजूदगी दर्ज हुई है। यह स्थिति पिछले 11 दिनों से बनी हुई है।

मानसून क्यों अटका हुआ है?

18 जून काे प्रदेश में एंट्री करने के बाद शुरुआती दिनों में करीब डेढ़ दर्जन जिलों में ठीक-ठाक बारिश हुई है, लेकिन दो दिन बाद जैसे ही पश्चिमी क्षेत्र पाकिस्तान से गर्म हवाओं का दौर शुरू हुआ तो मानसून कमजाेर पड़ने लग गया। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पश्चिमी हवाओं की सक्रियता बढ़ने से दक्षिण और पूर्वी क्षेत्र से जो हवाएं मानसून को आगे बढ़ाती है, उनका प्रभाव कम हो गया। इसी कारण मानसून पिछले 11 दिनों से यथास्थिति में बना हुआ है।

अलवर में बारिश के बाद अरावली की पहाड़ियों पर छाई हरियाली।
अलवर में बारिश के बाद अरावली की पहाड़ियों पर छाई हरियाली।

राजस्थान में मानसून पर एक नजर

एक से 30 जून तक बारिश : 53.1 मिमी (सामान्य से 6% ज्यादा)

सामान्य होती है : 50.1 मिमी

पूर्वी राजस्थान में बारिश : 56.7 (सामान्य से 15% कम)

सामान्य होती है : 66.7 मिमी

पश्चिमी राजस्थान में बारिश : 50.2 मिमी ( सामान्य से 36% ज्यादा)

सामान्य होती है : 36.9 मिमी

साल 2020 में जून में हुई कुल बारिश : 52.9 मिमी (सामान्य से 5.37% ज्यादा)

बाड़मेर में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद फंसी बाइक को निकालते युवक।
बाड़मेर में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद फंसी बाइक को निकालते युवक।

आगे क्या: मानसून की गति धीमी पड़ी, 5 जुलाई से पहले आसार नहीं

  • मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल राजस्थान में मानसून की गति धीमी पड़ गई है। 5 जुलाई तक मानसून के सक्रिय हाेने की कोई उम्मीद नहीं है।
  • अगले दो-तीन दिन प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हीट वेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की है।
  • बंगाल की खाड़ी में हलचल होती है या पश्चिम से आने वाली हवा का दिशा बदलती है तो राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने की संभावनाएं बनेगी। मौसम विभाग की माने तो पिछले कई सालों में मानसून की यही स्थिति देखने को मिल रही है। मानसून आने के बाद कुछ समय के लिए सुस्त पड़ जाता है, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलती है और बारिश का दौर फिर शुरू हो जाता है।

राज्य में जिलेवार बारिश की स्थिति

जिलाजून में सामान्य बारिश (MM)इस बार हुई बारिश (MM)ज्यादा/कम (प्रतिशत में)

गंगानगर

33.7038.24(+) 13.5

जोधपुर

35.7041.89(+) 17.3

जालौर

38.6043.78(+) 13.4

सिरोही

74.4088.83(+) 19.4

अजमेर

45.6053.12(+) 16.5

उदयपुर

74.2080.93(+) 9.1

बांसवाड़ा

100.60109.36(+) 8.7

राजसमंद

67.6085.86(+) 27

डूंगरपुर

79.7080.83(+) 1.4

बाड़मेर

33.9033.57(-) 1

भरतपुर

56.1053.62(-) 4.4

भीलवाड़ा

62.6047.88(-) 23.5

नागौर

48.8036.81(-) 24.6

धौलपुर

55.7039.17(-) 29.7

करौली

55.1036.38(-) 34

सवाई माधोपुर

56.9051(-) 10.4

जयपुर

6037.16(-) 38.1

सीकर

5640.63(-) 27.5

झालावाड़

8980.80(-) 9.2

दौसा

60.1048.25(-) 19.7

पिछले दस साल राज्य में पूरे मानसून में हुई बारिश की स्थिति

वर्षइतनी बारिश हुई (MM)आमतौर पर होती है (MM)
2010539.5419
2011590.4419
2012464.0419
2013527.2419
2014420.4419
2015457.0419
2016536.4419
2017454.9419
2018393.3419
2019583.6415
2020449.8415

नोट : ये सभी डेटा जल संसाधन विभाग राजस्थान और मौसम विभाग जयपुर से लिए गए हैं।

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