नकल रोकने में विफल सरकार ने की नेटबंदी:REET में धांधली के बाद भी नहीं सीखे; पटवारी परीक्षा के लिए दो दिन नेट बंद कराया

जयपुर3 महीने पहले
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राजस्थान में REET एग्जाम के दौरान बड़ी धांधली सामने आई। कहीं चप्पल में मोबाइल छिपाया तो कहीं डमी कैंडिडेट पहुंचे। इन सबके बावजूद राजस्थान में पटवारी परीक्षा के लिए किसी तरह की तैयारी नहीं दिखी। सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नकल रोकने के लिए उनके पास कोई रणनीति नहीं है। जब कुछ समझ नहीं आया था तो शुक्रवार को आधी रात को नेटबंदी का फैसला कर दिया। ऐसे में सुबह जब लोग उठे तो जनता को समझ ही नहीं आया कि आखिर उनका नेट क्यों नहीं चल रहा है। क्योंकि सरकार ने कोई सूचना रात तक नहीं दी थी।

REET एग्जाम में नकल रोकने में विफल रहा सिस्टम
नकल रोकने के लिए सिर्फ एक ही जुगाड़ समझ आया इंटरनेट पर पाबंदी। इसकी वजह से आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ी। सभी इंटरनेट सेवाएं ठप हो गईं। यहां तक कि सरकार ने कुछ इलाकों में वाई-फाई भी बंद करवा दिए। ऐसे में काम भी प्रभावित हुआ।

आधी रात सब ठप
इंटरनेट बंदी की ये घोषणा भी सरकार से समय रहते नहीं की जाती। रीट हो या पटवारी आधी रात को नेट बंदी की घोषणा की गई। इस कारण लोग परेशान होते रहे। जैसे इंटरनेट बंद करना ही नकल रोकने का आखिरी रास्ता है। अचानक होने वाली इस नेट बंदी से लोगों की आफत तो बढ़ी ही, 15 लाख से ज्यादा पटवारी अभ्यर्थियों को भी परेशानी का सामने करना पड़ा। एक दिन पहले सेंटर की पहचान करनी पड़ती है। क्योंकि सरकार को कोई भरोसा नहीं, अचानक नेट बंद होने के बाद बिना जीपीएस सेंटर कैसे पहुंचेंगे। इंटरनेट बंदी के कराण सरकारी ऑफिस के कामकाज तक ठप पड़े दिखे।

जयपुर समेत इन जिलों में बंद रहा नेट
पटवारी भर्ती परीक्षा में इंटरनेट बंद को लेकर निर्णय जिला स्तर पर लिया जा रहा है। इसके तहत पुलिस की अनुशंसा पर राजधानी जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, दौसा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अजमेर, नागौर, सिरोही और सवाईमधोपुर में पटवारी भर्ती परीक्षा के चलते शनिवार और रविवार को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक एक बार फिर नेटबंदी के आदेश जारी कर दिए गए। जहां इंटरनेट बंद नहीं रहा, वहां भी लोग इंटरनेट बंद की अफवाह से परेशान होते रहे। बार-बार मोबाइल चेक करते रहे।

ये सुविधाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
अचानक नेट बंद होने से बच्चों की ऑनलाइन क्लास, घरों के वाई-फाई भी नहीं चले। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर कार्ड से होने वाले पेमेंट भी रुके रहे। न कोई ऑर्डर कर सका। न ही पहले ऑर्डर किया गया सामान डिलिवर हो सका। कैब तक बंद रहीं।

अगर नकल रोकने की रणनीति बनाई, फिर भी इंटरनेट बंदी की क्यों पड़ी जरूरत?
रीट में एक पूरे दिन इंटरनेट बंद रहा। अब पटवारी में 2 दिन इंटरनेट बंद रहा। एक तरफ तो प्रशासन दावे करता है कि सुरक्षा के लिए पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। सेंटर पर हर स्टूडेंट की चैकिंग की जा रही है। इस बार तो मेटल डिटेक्टर तक सेंटर पर लगा दिए गए। अधिकारी कहते हैं कि नकल पर रोकने के लिए रणनीति बनाई गई है। अगर पुलिस इतनी चाकचौबंद है तो आखिर इंटरनेट बंदी की जरूरत ही क्या है।

बीकानेर में 6 लाख में चप्पल में मोबाइल बनाकर बेचने वाला मास्टरमाइंड तुलसाराम अभी भी फरार है। इसके बावजूद पटवारी एग्जाम से एक दिन पहले तुलसाराम के रिश्तेदार के घर छापा मारा। जहां नकल का समान बेचते 2 को गिरफ्तार किया गया। वहीं, रीट का मास्टरमाइट भजनलाल भी आज तक फरार है।