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पायलट समेत 19 विधायकों को राहत:राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर को बागी विधायकों पर कार्रवाई करने से रोका, अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर स्थिति साफ होगी

जयपुर3 महीने पहले
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राजस्थान के सियासी संकट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने-सामने हैं। गहलोत तो पायलट को तीन बार खरी-खोटी सुना चुके हैं। निकम्मा-नकारा तक बता चुके हैं। पायलट ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि, वे भाजपा में न जाने की बात कह चुके हैं। -फाइल फोटो
  • स्पीकर सीपी जोशी ने 19 विधायकों को नोटिस जारी कर पूछा था- क्यों न आपको अयोग्य घोषित कर दिया जाए?
  • अगर हाईकोर्ट का फैसला स्पीकर के पक्ष में आता, तो वे विधायकों को भेजे गए नोटिस पर कार्रवाई कर सकते थे
  • अब फ्लोर टेस्ट होने तक स्पीकर के पास पायलट खेमे के विधायकों पर कार्रवाई का अधिकार नहीं होगा

पायलट खेमे के विधायकों पर फिलहाल विधायकी जाने का खतरा नहीं है। राजस्थान हाईकोर्ट के शुक्रवार को आए आदेश से उन्हें राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने स्पीकर से मौजूदा स्थिति बनाए रखने को कहा। मौजूदा स्थिति का मतलब ये कि स्पीकर सीपी जोशी अब सचिन पायलट समेत 19 विधायकों को कम से कम सोमवार तक अयोग्य घोषित नहीं कर पाएंगे। सोमवार को इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।

सबसे पहले जानते हैं कि राजस्थान में कांग्रेस की कलह कठघरे तक क्यों पहुंची थी?

  • राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने फोन टैपिंग कर 10 जुलाई को दावा किया था कि गहलोत सरकार गिराने की साजिश रची गई है।
  • अगले ही दिन पायलट और उन्हें समर्थन देने वाले विधायक दिल्ली चले गए।
  • गहलोत की बुलाई विधायक दल की बैठक में भी जब पायलट खेमे के विधायक नहीं पहुंचे, तो कांग्रेस ने स्पीकर से शिकायत की।
  • 14 जुलाई को स्पीकर ने पायलट समेत 19 विधायकों को नोटिस जारी कर पूछा था- क्यों न आपको अयोग्य घोषित कर दिया जाए?
  • 16 जुलाई को पायलट खेमा हाईकोर्ट पहुंच गया। तब से कांग्रेस की कलह कठघरे में है।

जब हाईकोर्ट ने स्पीकर को कार्रवाई करने से रोक दिया है, तो आगे क्या होगा?
14 जुलाई के नोटिस पर स्पीकर सोमवार तक कदम नहीं उठा सकेंगे। दरअसल, हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई 21 जुलाई को हुई थी। तब हाईकोर्ट ने अपना फैसला 24 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया था और स्पीकर से कहा था कि वे तब तक इन विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें। स्पीकर ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी पर सोमवार को सुनवाई होगी।

बागी विधायकों पर किस स्थिति में खतरा रहेगा?

  • अगर अदालतों का आखिरी फैसला आने से पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होता है तो पार्टियां व्हिप जारी करेंगी।
  • फ्लोर टेस्ट में पायलट समेत सभी 19 विधायकों को भी कांग्रेस के पक्ष में वोट करना होगा, नहीं तो सदस्यता जाने का खतरा रहेगा।
  • अगर वे वोटिंग करने विधानसभा नहीं पहुंचे, तो भी उनकी सदस्यता पर खतरा बना रहेगा क्योंकि ये व्हिप का उल्लंघन होगा।

राजस्थान विधानसभा की मौजूदा स्थिति कुल सीटें = 200 बहुमत के लिए जरूरी = 101 कांग्रेस = 107 पायलट खेमे के 19 विधायकों को छोड़कर कांग्रेस (107-19) = 88 भाजपा+रालोपा (72+3) = 75 अन्य (निर्दलीय: 13, रालोद: 1, बीपीटी: 2, सीपीएम: 2)​​​​​ = 18

अब तक क्या हुआ?

  • 10 जुलाई: राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने दाे फाेन नंबर सर्विलांस पर रखे थे। सरकार का दावा है कि टेप हुई बातचीत से पता चला कि राज्यसभा चुनाव के वक्त गहलोत सरकार गिराने की साजिश रची गई थी।
  • 11 जुलाई: पायलट गुट के विधायक दिल्ली पहुंचे। सीएम ने मंत्रियों की बैठक ली।
  • 12 जुलाई: पायलट ने 30 विधायकों के समर्थन का दावा किया।
  • 13 जुलाई: गहलोत ने विधायक दल की बैठक की, पायलट समेत 19 विधायक नहीं पहुंचे।
  • 14 जुलाई: स्पीकर ने सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को अयोग्यता का नोटिस दिया और 17 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक जवाब मांगा।
  • 16 जुलाई: नोटिस के खिलाफ पायलट सहित 19 विधायक हाईकोर्ट चले गए। पीछे-पीछे व्हिप चीफ महेश जाेशी ने सरकार की तरफ से कैविएट लगा दी कि कोई भी फैसला किए जाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।
  • 17 जुलाई: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की और मामला दो जजों की बेंच में भेजा। इस बेंच ने 18 जुलाई को सुनवाई तय की।
  • 18 जुलाई: अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की और स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करें। स्पीकर ने भी कार्रवाई टाली।
  • 20 जुलाई: हाईकोर्ट ने बहस पूरी न हो पाने के कारण कहा- 21 जुलाई को भी सुनवाई होगी।
  • 21 जुलाई: हाईकोर्ट ने फिर मामले को सुना और फैसला 24 जुलाई के लिए सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी तब तक के लिए कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा।
  • 22 जुलाई: स्पीकर सीपी जोशी ने हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सचिन गुट ने भी कैविएट दाखिल की।
  • 23 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
  • 24 जुलाई: राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर से मौजूदा स्थिति बनाए रखने को कहा। इससे पायलट खेमे के विधायकों को राहत मिल गई।

इन विधायकों को नोटिस दिया गया
सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पीआर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत।

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