आप प्रवक्ता मयंक त्यागी बोले-गृहमंत्री गहलोत दें इस्तीफा:कन्हैयालाल के परिजनों से मुलाकात, बेटा यश बोला-हत्यारों के घर क्यों लगाई सिक्योरिटी

जयपुरएक महीने पहले
आप प्रवक्ता मयंक त्यागी ने गृहमंत्री गहलोत से मांगा इस्तीफा

तालीबानी हत्याकांड के शिकार उदयपुर के कन्हैयालाल का परिवार मौत के 4 दिन बाद भी खुदको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मयंक त्यागी ने कहा- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत घटना की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत गृहमंत्री पद से इस्तीफा दें। कन्हैयालाल के बेटे यश का कहना है कि घटना के बाद से सरकारी आश्वासन और मुआवजा तो मिल गया। कुछ पुलिसवाले घर के बाहर लगाए गए हैं। लेकिन उन्हें स्थायी तौर पर सुरक्षा की जरूरत है। जो आगे भी तैनात रहे। कन्हैयालाल परिवार में कमाने वाले इकलौते थे। टेलर की उसी दुकान से उनका घर चल सकता है। इसलिए परिवार को दुकान पर काम करते वक्त भी सुरक्षा दी जाए। परिवार कितना खौफ में है, यह पीड़ा कन्हैयालाल के बेटे यश ने आम आदमी पार्टी के नेता और प्रदेश प्रवक्ता मंयक त्यागी को बताई। त्यागी आप पार्टी प्रतिनिधि के तौर पर कन्हैयालाल के परिवार से मिलने और उनके परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंचे।

यश, मृतक कन्हैयालाल का बेटा।
यश, मृतक कन्हैयालाल का बेटा।

हमलावरों के परिवारों को सुरक्षा दी, हमारी सिक्योरिटी का क्या ?

मृतक के बेटे यश ने अपना दर्द बताया कि पुलिस हमलावरों के परिवारों को सुरक्षा दे रही है। जबकि हमारे घर के बाहर कम पुलिस सुरक्षा है। बाहर आने-जाने पर सुरक्षा साथ होगी या नहीं यह भी चिन्ता है। सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। यश ने त्यागी को बताया कि कल CM आए थे, तो 400 सुरक्षाकर्मी उनके साथ आए, जो उनके परिवार के साथ खड़े थे। लेकिन आज केवल 2 सुरक्षाकर्मी उनके घर के बाहर बैठे हैं। डर है जब तक नेता आ रहे हैं, तब तक सुरक्षाकर्मी रहेंगे। उसके बाद यह भी हट जाएंगे। यश ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

मयंक त्यागी,प्रदेश प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी।
मयंक त्यागी,प्रदेश प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी।

CM गहलोत गृहमंत्री पद से इस्तीफा दें

आप प्रवक्ता मयंक त्यागी ने कहा- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत घटना की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत गृहमंत्री पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा- राज्य सरकार की इंटेलिजेंस की लापरवाही से कन्हैया लाल के साथ यह हादसा हुआ। परिवार ने अभी भी यही चिंता जाहिर की है, कि वैसा हमारे साथ भी हो सकता है। सरकार ने अभी भी इसी से संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। त्यागी ने कहा- कोई व्यक्ति हमारे दुश्मन देशों में आतंकवादी ट्रेनिंग लेकर सालों साल किसी शहर में रहता रहे। वह विदेश से अपना संपर्क बनाए रखे। पुलिस, इंटेलिजेंस, राज्य और जिला प्रशासन को इसकी भनक भी ना लगे, तो सरकारी कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है । इस घटना की जांच राज्य सरकार की SIT,SOG, ATS कर रही हैं। वहीं आतंकवाद के मामले पर केंद्र सरकार की NIA भी सक्रियता से जांच में जुटी है। तो इसके हर एंगल की गहराई से जांच कर रिजल्ट को जनता के सामने लाना चाहिए। अपराधियों को जल्द सजा दिलानी चाहिए।

लोग खुद अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें, कांग्रेस-बीजेपी को सिर्फ सत्ता की चाह

त्यागी ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही पार्टी अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रही हैं। जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि मृतक के परिवार से ज्यादा सुरक्षा हत्यारों के परिवार वालों को दे रखी है। त्यागी ने कहा चुनाव आने तक बीजेपी और कांग्रेस की राजनीति में प्रदेश में यू ही दंगे भड़काते रहेंगे। आम लोग खुद अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। क्योंकि कांग्रेस-बीजेपी को सिर्फ सत्ता की चाह है।

मयंक त्यागी ने कहा- राजस्थान में पिछले 1 साल से जयपुर, करौली, अलवर, जोधपुर, भीलवाड़ा, और अब उदयपुर और उसके बाद राजसमंद में धर्म आधारित उन्माद और उत्पात होना राज्य में धराशाई कानून व्यवस्था की पोल खोल रहा है। ऐसी घटनाओं से सामाजिक असहनशीलता बढ़ रही है। आम जनता की जिन्दगी इंटरनेट बंदी, धारा 144, कर्फ्यू से होने वाली परेशानियां से दूभर और असहनीय बन रही है। रोजाना कमाने-खाने वाले लोग इससे बहुत दुखी और पीड़ित हैं। उदयपुर की घटना का आतंकवाद और विदेशियों से संबंधित होने की चर्चा और भी चिंताजनक और गंभीर है।

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