गहलोत बोले- चुनाव आयोग राजनीतिक रैलियों पर तुरंत रोक लगाए:चुनाव नहीं टाल सकते, लेकिन कोविड को देखते हुए प्रचार के दूसरे तरीके अपनाएं

जयपुरएक वर्ष पहले

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग से राजनीतिक पार्टियों की रैलियों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। कोविड की तीसरी लहर और तेजी से फैल रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के मद्देनज़र सीएम ने यह मांग रखी है। गहलोत ने ट्वीट किया कि चुनाव टाले नहीं जा सकते हैं, लेकिन रैलियों की जगह प्रचार के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल होना चाहिए।

CM अशोक गहलोत का ट्वीट।
CM अशोक गहलोत का ट्वीट।

IT बेस्ड हो चुनाव प्रचार

गहलोत ने कहा है कि आज इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का जमाना है, इसलिए प्रचार भी आईटी और सोशल मीडिया पर आधारित होना चाहिए। चुनाव आयोग टीवी, रेडियो जैसे कम्युनिकेशन मीडियम पर सभी पॉलिटिकल पार्टियों को टाइम स्लॉट बांट दे, जिससे सभी पार्टियों को प्रचार करने का बराबर मौका मिल सके। बड़ी रैलियों की जगह कोविड प्रोटोकॉल के तहत घर-घर प्रचार किया जाए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिखा कि रैलियों की जगह प्रचार के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल होना चाहिए। चुनाव प्रचार आईटी और सोशल मीडिया आधारित होना चाहिए।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिखा कि रैलियों की जगह प्रचार के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल होना चाहिए। चुनाव प्रचार आईटी और सोशल मीडिया आधारित होना चाहिए।

ओमिक्रॉन आगे क्या नया रूप लेगा, किसी को मालूम नहीं

गहलोत ने लिखा है कि देश के ज्यादातर लोग अभी तक कोविड की दूसरी लहर के भयानक हालातों को भूले नहीं हैं। पिछले साल अप्रैल-मई के महीने में अस्पतालों में बेड तक नहीं मिल रहे थे। ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की तड़पते हुए मौत हुई। अब देश के सामने कोरोना की तीसरी लहर है। विशेषज्ञों के मुताबिक ओमिक्रॉन आगे जाकर क्या नया रूप लेगा, यह अभी किसी को मालूम नहीं है।

5 राज्यों में हो रहे हैं विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। जिस तरह से चुनावी राज्यों में राजनीतिक पार्टियों की रैलियों में भीड़ उमड़ रही है। वह कोविड और ओमिक्रॉन को आमंत्रण दे रही है। यही हालात रहे तो देश में बड़े लेवल पर कोविड फैलने की आशंका है। क्योंकि लाखों लोगों की रैलियां अलग-अलग राज्यों में रोजाना होंगी। चुनाव तक करोड़ों लोग एक दूसरे के सम्पर्क में आएंगे। रैली और भीड़भाड़ की जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, मास्क की पालना भी नहीं हो पाती है।

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