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प्रदेश में बिजली कटौती नहीं होगी:राज्य में अब 9926 मेगावॉट बिजली उपलब्ध, औसत डिमांड से 153 मेगावॉट ज्यादा, बिजली संकट से राहत

जयपुर7 महीने पहले

बिजली की डिमांड में कमी और उपलब्धता में बढ़ोतरी की स्थिति बन रही है। इसके साथ ही अब राज्य में बिजली कटौती नहीं की जाएगी। बिजली कंपनियों का दावा है कि दो दिन से यह कटौती बंद कर दी गई है। हालांकि राज्य में दिवाली पर मेंटेनेंस के कारण फेजवार कुछ-कुछ कॉलोनी-बस्तियों में बिजली कटौती का दौर जारी है।

राजस्थान के लिए यह राहत की बात है कि बिजली उपलब्धता में जो संकट बन रहा था, उसमें एक दम कमी आई है। कंपनियों का दावा है कि राज्य को जितनी औसत बिजली की आवश्यकता रहती है, उसके मुकाबले इन दिनों उपलब्धता बढ़ गई है। ऐसे में शहर और गांवों के लिए घोषित की गई कटौती को वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में निर्देश भी दिए थे कि दिवाली और ईद सहित त्योहारी सीजन में बिजली या तो काटी ही नहीं जाए, या फिर कम से कम कटौती हो। ऐसे में दो दिन पहले से ही कटौती बंद कर दी गई है। प्रदेश में अब बिजली की उपलब्धता 9926 मेगावॉट पहुंच गई है, जो औसत डिमांड 9773 से कुछ ज्यादा है।
सोमवार और मंगलवार को बिजली कटौती रही शून्य
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिजली संकट के दौर में आम लोगों सहित सभी से बिजली बचाने की अपील की है। गहलोत रेग्युलर बिजली और कोयले की उपलब्धता का हाई लेवल रिव्यू कर रहे हैं। विभाग के सूत्र बताते हैं कि उसी का रिजल्ट है कि अधिकारी भी इन दिनों पूरी तरह सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को बिजली की कटौती शून्य यानी जीरो लेवल पर रही है। ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला राज्य में बिजली की मांग, उपलब्धता की मॉनिटरिंग करके सीएम को रिपोर्ट कर रहे हैं। साथ ही एसीएस और बिजली कंपनियों के आला अफसरों से मुख्यमंत्री भी फीडबैक ले रहे हैं।
ऊर्जा एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल
ऊर्जा एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल

अब औसत मांग से ज्यादा हुई बिजली
ऊर्जा विभाग के एसीएस डॉ.सुबोध अग्रवाल ने बताया कि 19 अक्टूबर को प्रदेश में बिजली की औसत उपलब्धता करीब 9926 मेगावॉट रही। वहीं औसत अनुमानित मांग 9773 मेगावॉट और अधिकतम मांग करीब 10500 मेगावॉट रही। उन्होंने बताया कि एक तरफ मौसम में बदलाव के कारण बिजली की मांग में कमी आ रही है, तो दूसरी तरफ प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ डिमांड और सप्लाई के अंतर को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि विद्युत उत्पादन निगम, विद्युत प्रसारण निगम और ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों के बीच बेहतर कॉर्डिनेशन बनाया गया है, जिससे बिजली की सप्लाई में अब सुधार आ रहा है।

कोयला खदानों से बढ़ी सप्लाई।
कोयला खदानों से बढ़ी सप्लाई।

हाई लेवल कोशिशों से कोयले की 15 से बढ़कर 18 रैक आईं
बेहतर कॉर्डिनेशन और हाई लेवल की कोशिशों से सोमवार देर रात कोयले के 3 रैक ज्यादा डिस्पैच होकर कुल 18 रैक आई हैं। जबकि इससे पहले 2 दिन से कोयले की 15-15 रैक ही डिस्पैच हो पा रही थीं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कोल इंडिया की सब्सिडियरी यूनिट एनसीएल से 3 रैक डिस्पैच हुई हैं। वहीं एसईसीएल से कोयले की 3 रैक रेलवे से और एक रैक रेल कम रोड वे से डिस्पैच हुई है। इसी तरह से राज्य सरकार के कोल ब्लॉक से कोयले की 11 रैक डिस्पैच हुई हैं।

दिवाली मेंटेनेंस के कारण कहीं-कहीं बंद रह सकती है बिजली
हालांकि जानकारी यह है कि दिवाली की मेंटेनेंस के कारण अलग-अलग जिलों के कुछ इलाकों में बिजली बंद की जा रही है, लेकिन कंपनियों का कहना है कि बिजली की किल्लत के कारण कहीं पर भी कटौती नहीं की जा रही है। मेंटेनेंस या फॉल्ट के कारण कहीं बिजली जाती है, तो तुरंत सुधार होते ही वह चालू कर दी जाती है। यह किसी एरिया विशेष में ही होता है।