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पुलिस-तस्कर के बीच मुठभेड़:दो कॉन्स्टेबल की हत्या में शामिल था, सुबह 3 बजे तीन जिलों की पुलिस ने की घेराबंदी, सरेंडर के लिए कहा तो गोली चला दी, पुलिस की फायरिंग में बदमाश घायल

भीलवाड़ा4 महीने पहले
तस्कर पाबुराम, जिसे भीलवाड़ा पुलिस ने जालोर व बाड़मेर पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया है।

भीलवाड़ा में दो कॉन्स्टेबल की हत्या के मामले में फरार चल रहे राजू फौजी के राइट हैंड और एक लाख के इनामी बदमाश पाबुराम गोरसिया को भीलवाड़ा पुलिस ने दबोच लिया है। शनिवार सुबह 3 बजे भीलवाड़ा पुलिस ने जालोर व बाड़मेर पुलिस की मदद से जालोर के करेड़ा थाना क्षेत्र के भाटीप गांव में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। पुलिस ने पाबुराम को चारों तरफ से घेरने के बाद उसे हिरासत में लेने की कोशिश की, लेकिन तस्कर ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की और इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस पाबुराम को जालोर अस्पताल लेकर आई है। कड़ी सुरक्षा के बीच उसका उपचार किया जा रहा है।

दरअसल, भीलवाड़ा पुलिस को सूचना मिली थी कि पाबुराम अपने ननिहाल जालोर जिले के भाटीप गांव आया हुआ है। इस पर भीलवाड़ा, जालोर व बाड़मेर की पुलिस गांव पहुंची और घेराबंदी की। पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने का बोला। इस पर तस्कर ने पुलिस पर फायर शुरू कर दिए। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में तस्कर घायल हो गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल से डिस्चार्ज करने के बाद उसे भीलवाड़ा लाया जाएगा।

जालोर जिले में पुलिस ने रख रही थी नजर

एसपी विकास शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा पुलिस की ओर से पिछले लंबे समय से जालोर के अलग-अलग क्षेत्रों में नजर रखी हुई थी। जहां पाबुराम छिप सकता था। भाटीप गांव में उसका ननिहाल है। यहां भी पुलिस की नजर थी। शुक्रवार रात को पाबुराम अपने ननिहाल आने की सूचना थी। जिसके बाद पुलिस ने शनिवार तड़के उसे चारों तरफ से घेर लिया। एसपी शर्मा ने अपनी पूरी टीम को इस सफल ऑपरेशन के लिए बधाई भी दी है।

2 दिन पहले ही भानिया ने किया था सरेंडर

कॉन्स्टेबल हत्या के मामले में भीलवाड़ा पुलिस अब काफी सख्त नजर आ रही है। पुलिस का भय इन अपराधियों में भी साफ तौर पर नजर आ रहा है। मामले में पुलिस फरार बदमाशों का एनकाउंटर ना कर दें, इस डर से 2 दिन पहले ही रमेश भनीत में चित्तौड़गढ़ एनडीपीएस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और अपने एनकाउंटर होने की आशंका भी जताई थी।

पुलिस को देख हवा में किए 2 फायर

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा पाबुराम गोरसिया को घेरने के बाद गोरसिया ने अपनी बंदूक से हवा में दो फायर किए थे। इस दौरान जवाबी फायर एसआई सुनील ताड़ा ने किया। जिसकी गोली गोरसिया के पैर में लगी। इसके बाद भी गोरसिया मकान की छत से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
इस टीम का रहा सफल ऑपरेशन

1 लाख इनामी तस्कर पाबूराम गोरसिया को पकड़ने के लिए मांडल थाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा, रायला थाना प्रभारी गजराज चौधरी, एसआई सुनील ताड़ा, एसआई सुरजीत ठोलिया, पचपदरा थाना प्रभारी प्रदीप डांग, बाड़मेर सदर थाने के एसआई रामनिवास व पादु थाना प्रभारी अशोक बिसू सहित करीब 15 पुलिस के जवानों ने ऑपरेशन में भाग लिया था।

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