पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sri Ganganagar (Rajasthan) Bird Flu Outbreak Update | Crows Dead In Sri Ganganagar Due To Bird Flu, Alert Sounded

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

श्रीगंगानगर में बर्ड फ्लू का खतरा:35 कौए मृत मिले, अब तक कुल 104 पक्षियों की मौत; वेटरनरी डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
क्षियों के मरने का कारण बर्ड फ्लू ही माना जा रहा है। - Dainik Bhaskar
क्षियों के मरने का कारण बर्ड फ्लू ही माना जा रहा है।

जिले में बर्ड फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह जिले के पदमपुरा के गांव जलौकी में 35 कौए मृत मिले। वहीं, इससे पहले बुधवार को 60 पक्षियों की मौत हो गई थी। इन पक्षियों के मरने का कारण बर्ड फ्लू ही माना जा रहा है। फिलहाल जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। जिन्हें भोपाल लैब में भेजा जा रहा है। मृत पक्षियों को कोरोना गाइडलाइन के तहत डिस्पोज किया जा रहा है। वहीं, रंगमहल में भी 9 कौए और बगुले मृत मिले। जिसके बाद कुल आंकड़ा 104 पर पहुंच गया है।

जालौकी में सुबह पक्षियों के मृत मिलने की सूचना ग्रामीणों ने प्रशासन को दी। जिसके बाद वेटरनरी डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई है। आशंका जताई जा रही है कि जिस स्तर पर प्रदेशभर में पक्षियों की मौत हो रही है। इन पक्षियों में भी बर्ड फ्लू हो सकता है।

बर्ड फ्लू एक जेनेटिक रोग, इंसान भी ग्रसित हो सकता है
बर्ड फ्लू एक जेनेटिक रोग है जो मनुष्यों को भी प्रभावित करता है। मनुष्यों में बर्ड फ्लू संक्रमित मुर्गियों व उनके दूषित कचरे के संपर्क में आने से फैलता है। पक्षियों की सभी प्रजातियां इस रोग के लिए अतिसंवेदनशील होती हैं। इन्फ्लुएंजा वायरस पोल्ट्री फार्म की स्थितियों के अनुसार भिन्न होते हैं और भयानक रूप लेते हैं। वायरस के एच 5 और एच 7 उपप्रकार को अत्यधिक घातक माना जाता है। यह फार्म के सभी पक्षियों को मार सकता है। बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी बिना किसी संकेत के अचानक मर जाते हैं। मनुष्यों में वायरस मुंह, नाक और आंखों के माध्यम से प्रवेश कर सकता है, इसलिए पोल्ट्री किसान सावधानी बरतें। रोकथाम का पहला और सबसे महत्वपूर्ण साधन जैव-सुरक्षा (बायो-सिक्योरिटी) है। पोल्ट्री में बर्ड फ्लू व अन्य बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए पोल्ट्री किसान जैव-सुरक्षा उपायों को जानें और उनका पालन करें।

नॉलेज: लार, नाक, आंख व बीट में पाया जाता है वायरस
पशु चिकित्सा विशेषज्ञ ने बताया कि बर्ड फ्लू का इन्फ्लूऐंजा-ऐ वायरस रोगी पक्षी की लार, नाक, आंख के स्त्राव व बीट में पाया जाता है। रोगी पक्षी के सीधे संपर्क में या संक्रमित बीट व नाक, आंख के स्त्राव के संपर्क में आए व्यक्ति, आहार, पानी व उपकरणों दि से यह वायरस फैलता है। शरीर में वायरस के प्रवेश करते ही 3 से 5 दिन में लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं। इससे व्यक्ति के साथ पक्षी व जानवर सभी संक्रमित हो सकते हैं। पक्षियों में इस वायरस के सक्रिय होने पर पक्षी सुस्त होकर खाना पीना बंद कर देता है। पक्षी को तीव्र जुकाम व नाक और आंख से स्त्राव होने लगता है। साथ ही सिर और गर्दन में भी सूजन आ जाती है।

खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आप बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपने काम संपन्न करने में सक्षम रहेंगे। सभी का सहयोग रहेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। घर के बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन आपके लिए सुकून दायक रहेगा। न...

और पढ़ें