BJP जयपुर बैठक के फैसलों का देशभर में इम्प्लीमेंटेशन:राजस्थान में 6000 बूथ कमजोर, जेपी नड्डा ने कहा- निचोड़ निकालकर लाओ,पार्टी वीक क्यों है?

जयपुर3 महीने पहले
जेपी नड्डा बोले-नीचे से निचोड़ निकालकर लाओ पार्टी कमजोर क्यों है ? - Dainik Bhaskar
जेपी नड्डा बोले-नीचे से निचोड़ निकालकर लाओ पार्टी कमजोर क्यों है ?

BJP ने आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए बूथ कार्यक्रम शुरु कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसकी वर्चुअल शुरुआत की। जिसमें राजस्थान समेत अलग-अलग प्रदेशों से बीजेपी संगठन के पदाधिकारी, सलेक्टेड सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष नड्डा के साथ बैठक में जुड़े। जेपी नड्डा ने राजस्थान के 25 लोकसभा क्षेत्रों और 200 विधानसभा क्षेत्रों में कमजोर बूथों पर बनाई गई ‘बूथ कमेटियों’ को एक्टिव कर इन पर पूरा फोकस डालने को कहा है।

नीचे से निचोड़ निकालकर लाओ पार्टी कमजोर क्यों है ?

राजस्थान में बीजेपी के 6000 से ज्यादा बूथ कमजोर हैं। आज से ही इन पर बनाई गई ' वीक बूथ कमेटियों' को टास्क दे दिया गया है। जेपी नड्डा ने साफ कहा है कि बूथ वाइज नीचे से यह निचोड़ निकालकर लाओ कि वहां पार्टी कमजोर क्यों है। फिर उस कमजोरी को दूर करने की प्लानिंग तैयार कर इम्प्लीमेंटेशन करना है। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार है। यहां बीजेपी को खास तौर पर मेहनत करने को कहा गया है।

जयपुर की बैठक का देशभर में इम्प्लीमेंटेशन

हाल ही में जयपुर में हुई बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए फैसलों पर अब पार्टी ने इम्प्लीमेंटेशन शुरु कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने सबसे पहले देशभर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए 75 हजार बूथों को मजबूत करने पर फोकस किया है। इस कार्यक्रम को 2023 विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए चलाया जा रहा है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि पिछले लोकसभा चुनाव में जीती सीटों को बरकरार रखने के लिए बीजेपी शासित और दूसरी पार्टियों के राज वाले प्रदेशों में कमजोर बूथों पर ‘वीक बूथ कमेटी’ बनाकर मजबूती दी जा रही है। हर बूथ कमेटी में 3 से 5 मेम्बर होंगे।

बूथ जीता तो चुनाव जीता

'बूथ जीता तो चुनाव जीता', सशक्त मंडल अभियान और माइक्रो मैनेजमेंट फॉर्म्युले के तहत बीजेपी चुनावी स्ट्रैटेजी अपना रही है। खास बात यह है कि वोटों के माइक्रो मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी बूथ कमेटियों और ‘पन्ना प्रमुखों’ पर रहेगी। राजस्थान में बीजेपी के 52 हजार बूथों पर कमेटियां बनाई गई हैं। साथ ही लगभग 11 लाख पन्ना प्रमुखों की नियुक्तियां की गई हैं। हर पन्ना प्रमुख 60 वोटर्स से वोट कास्ट करवाने की जिम्मेदारी सम्भालेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बूथों की संख्या के लिहाज से हर बूथ पर औसत 3.42 वोट से कांग्रेस से पिछड़कर सत्ता खोनी पड़ी थी।