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नेता प्रतिपक्ष कटारिया बोले-20 सितंबर को विधानसभा घेरेगी बीजेपी:देवनानी ने कहा-गहलोत सरकार लंपी को प्रदेश में आपदा घोषित करे, CM दें इस्तीफा

जयपुर2 महीने पहले
नेता प्रतिपक्ष कटारिया बोले-20 सितंबर को विधानसभा घेरेगी बीजेपी

19 सितम्बर से राजस्थान विधानसभा का शुरू होने वाला सत्र हंगामेदार रहेगा। 20 सितम्बर को बीजेपी राजस्थान विधानसभा का घेराव करेगी। रविवार को जयपुर में प्रदेश बीजेपी मुख्यालय पर हुई विधायक दल की बैठक में इसकी रणनीति तैयार की गई। बैठक के फौरन बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने मीडिया से रूबरू होकर कहा- 20 सितम्बर को लंपी के मुद्दे पर बीजेपी का विधानसभा घेराव का कार्यक्रम है। जिसमें जयपुर और आसपास के जिलों से बीजेपी कार्यकर्ता आएंगे। वो विधानसभा के बाहर घेराव करेंगे और हम विधानसभा सदन के अंदर विरोध जताएंगे।

गुलाबचन्द कटारिया,नेता प्रतिपक्ष,राजस्थान विधानसभा।
गुलाबचन्द कटारिया,नेता प्रतिपक्ष,राजस्थान विधानसभा।

गौसेवा पर धेला भी खर्च नहीं कर रही गहलोत सरकार

बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा प्रदेश की गहलोत सरकार ने पिछले 6 महीने में राजस्थान का बुरा हाल कर दिया है। सेस के नाम पर टैक्स वसूल कर सरकार कमाई कर रही है, लेकिन गौसेवा के नाम पर धेला भी खर्च नहीं कर रही है। सरकार पूरी तरह नाकाम है। गायों के लिए वैक्सीन ईजाद हो चुकी है। लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र से मांग तक नहीं की है कि टीका उपलब्ध कराओ। गायों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने समेत सेवा के कई काम किए जाने हैं। हममें से कई विधायकों ने अपने कोष से 10-10 लाख रुपए दिए हैं, उसका भी अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ है।

CM को प्रदेश में लंपी को आपदा घोषित करने से किसने रोका

CM अशोक गहलोत की ओर से PM को लंपी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग पर देवनानी ने कहा-गहलोत पहले राजस्थान में तो लंपी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें । उन्हें राज्य में इसे आपदा घोषित करने से किसे रोका है। राज्य में तो आपदा घोषित कर नहीं रहे और केंद्र को पत्र लिख रहे हैं। वह खुद की जिम्मेदारी से भागना और सारी जिम्मेदारी केंद्र पर ढोलना चाहते हैं। यह अशोक गहलोत का दिमाग जिस तरह से काम कर रहा है मुझे लगता है बहुत फ्रस्ट्रेशन में हैं। पहले जनता को नहीं संभाल पाए और अब पशुओं को भी नहीं संभाल पा रहे हैं। चारों ओर अराजकता का माहौल है।

देवनानी ने कहा-प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है। जब मुख्यमंत्री को अपने की गृह क्षेत्र में 10 किलोमीटर सड़कों की बजाय हेलीकॉप्टर से जाना पड़ जाए और मुख्यमंत्री खुद एक भाषण में कहें कि सारे इंजीनियर ठेकेदारों से मिलकर कमीशन खा रहे हैं, तो ऐसे मुख्यमंत्री को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। जो खुद अपने शासन में भ्रष्टाचार रोक नहीं पा रहे हैं।

वासुदेव देवनानी,बीजेपी विधायक।
वासुदेव देवनानी,बीजेपी विधायक।

देवनानी बोले- महिला अत्याचार सहित बाकी कई मुद्दों पर विधायक दल बैठक में चर्चा की है। हम सरकार को घेरेंगे। ERCP पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। सरकार को कई बार कहा है कि टेक्निकली सही प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजे। केंद्र उस पर निश्चित रूप से विचार करेगा। लेकिन सरकार बहानेबाजी करते हुए राजनीतिक स्टंट के रूप में इसे इस्तेमाल कर रही है और बीजेपी को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही है। सरकार की मंशा साफ नहीं है, यह जनता को पानी देना नहीं चाहती है । हम सरकार को कहेंगे पहले प्रस्ताव लेकर आओ। सरकार किस तरह का प्रस्ताव लेकर आती है, उसके बाद सर्वसम्मति पर विचार होगा।

बीजेपी मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक

सत्र में गहलोत सरकार को घेरने के लिए आज शाम 4.30 बजे से 5.30 बजे तक नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया की अध्यक्षता में जयपुर में बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। जिसमें बीजेपी प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ समेत विधायक शामिल हुए। पहले विधायक दल की यह बैठक दोपहर 3 बजे विधानसभा की ‘ना पक्ष’ लॉबी में प्रस्तावित थी, लेकिन पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने सत्र में गहलोत सरकार को घेरने के लिए खास रणनीति विधायकों के साथ तय की। इसलिए बैठक की जगह और समय को बदला गया। बीजेपी आलाकमान की ओर से जो मैसेज भाजपा विधायकों के नाम दिया गया है, वह अरुण सिंह ने विधायकों के साथ शेयर किया।

बीजेपी विधायक दल।
बीजेपी विधायक दल।

लंपी, कर्जमाफी, बिजली, लॉ एंड ऑर्डर मुद्दों पर गहलोत सरकार को घेरेंगे

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- लंपी डिजीज से गायों की मौतों और मुआवजा नहीं मिलने के मुद्दे पर 20 सितम्बर को बीजेपी राजस्थान विधानसभा का घेराव करेगी। किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता, भ्रष्टाचार, महंगी बिजली, बिगड़ा लॉ एंड ऑर्डर, महिला और दलित अत्याचार, रेप, क्राइम के बढ़ते ग्राफ, टूटी सड़कें, तुष्टीकरण जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को सदन के अंदर-बाहर बीजेपी जमकर घेरेगी।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया से दैनिक भास्कर की बातचीत-

सवाल- बीजेपी की विधानसभा घेराव की क्या प्लानिंग है ?

जवाब- मुख्य रूप से पूरे प्रदेश को लंपी प्रभावित कर रहा है। 20 सितम्बर को जयपुर, भरतपुर डिविजन, पश्चिमी राजस्थान समेत प्रदेशभर में लंपी से गौवंश को नुकसान को लेकर विधानसभा घेराव रखा गया है।

सवाल- विधानसभा में कौनसे मुद्दे उठाने की तैयारी है ?

जवाब- बीजेपी विधायक पिछले 6 महीने की जनता से जुड़ी समस्याएं सदन में उठाएंगे।

सवाल- लॉ एंड ऑर्डर को लेकर क्या स्टैंड रहेगा ?

जवाब- राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर की हालत बिगड़ी हुई है। महिला और दलित अत्याचार, रेप, क्राइम के बढ़ते ग्राफ को लेकर सरकार की पोल खोलेंगे और जवाब देने पर मजबूर करेंगे।

सवाल- किसानों से जुड़े कौनसे मुद्दे उठाने की तैयारी है ?

जवाब- प्रदेश में बारिश कहीं ज्यादा कहीं कम हुई है। फसलों का खराबा बहुत ज्यादा हुआ है। सरकार ने किसान की कोई मदद अभी तक नहीं की है। कई जगह फसल गल गई हैं और कई जगह पर बुलाई नहीं हो पाई है। गिरदावरी के बारे में सरकार ने कुछ नहीं सोचा। इसे मुद्दा बनाएंगे

सवाल- महंगी बिजली और पावर कट पर क्या प्लानिंग है ?

जवाब- सत्र शुरू होने के बाद एक दिन बीजेपी विधायक बिजली की बढ़ी टैरिफ, सिक्योरिटी राशि वसूली, सरचार्ज, कनेक्शन काटने नोटिस का मुद्दा भी उठाएंगे। प्रदेश में बिजली उत्पादन घटा है। कई प्रोजेक्ट्स बंद होते जा रहे हैं। कोयला नहीं होने से भी बिजली प्लांट काम नहीं कर पा रहे हैं। रात में गांवों, कस्बों में लाइट जा रही है। लाखों लोग इससे परेशान हैं। शहरों में घरों में भी बिजली आती-जाती रहती है। बिजली उपभोक्ता पूरा बिल भरते हैं, लेकिन पूरे समय और क्वालिटी की बिजली नहीं मिलती है।

सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट। (फाइल फोटो।)
सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट। (फाइल फोटो।)

सवाल- सियासी मुद्दा क्या रहेगा ?

जवााब- आपसी विवाद के स्टेटमेंट ने सरकार को खोखला कर पंगु बना दिया है। बड़ी बात यह है कि कई जगह CM की मौजूदगी में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। यह बात हमारे विधायक पुरजोर तरीके से उठाएंगे।

सवाल- प्रदेश में अबकी बार भारी बारिश हुई है, किसानों और कच्चे घरों में रहने वालों का बहुत नुकसान हुआ है। उनके लिए क्या कोई आवाज उठाएंगे ?

जवाब-भारी बारिश में उफनते नदी-नालों में कई लोग बह गए, कच्चे घर बह गए, पशु बह गए हैं। लेकिन उन लोगों की सरकार ने आर्थिक मदद नहीं की।

जिन लोगों के घर पानी में 48 घंटे से ज्यादा घिरे रहते हैं, उनको प्रति परिवार 3800 रुपए देने का प्रावधान है। लेकिन गहलोत सरकार ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया। हम इस मुद्दे को उठाने जा रहे हैं।

राजस्थान विधानसभा,जयपुर।
राजस्थान विधानसभा,जयपुर।

सवाल- पिछला सत्र ही कंटीन्यू हो रहा है, कई विधायक 6 महीने के दौरान प्रश्न नहीं पूछ सके ?

जवाब- हम स्पीकर से मिलकर इस पर नाराजगी जाहिर करेंगे। हम आज विधायक दल में तमाम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। स्पीकर से मिलकर नाराजगी जाहिर करेंगे कि विधानसभा में लगातार ट्रेंड सा बन गया है सत्र खत्म नहीं करते। इससे हर सप्ताह एक सवाल पूछने का विधायक का अधिकार खत्म हो गया है।

पिछले और मौजूदा सत्र के बीच 6 महीने का वक्त गुजर गया। इस दौरान हमारा सवाल पूछने और मुद्दे उठाने का आधार छिन गया। एक तरफ विधायकों का हक मारा गया, दूसरी तरफ राज्यपाल का सदन आहूत करने का अधिकार भी छिन गया।

बीकानेर के जोड़बीड़ में मरे हुए पशुओं के बिखरे शव देखकर हर कोई स्तब्ध है।
बीकानेर के जोड़बीड़ में मरे हुए पशुओं के बिखरे शव देखकर हर कोई स्तब्ध है।

लंपी पर विधानसभा घेराव क्यों ?

राजस्थान के पशुपालन विभाग के सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 57906 पशुओं की मौत प्रदेश में लंपी संक्रमण से हुई है। 12 लाख 83 हजार 985 पशु इस बीमारी से संक्रमित हैं। लेकिन बीजेपी का आरोप है कि प्रदेश में लाखों गायों की मौत लंपी संक्रमण से हुई है। सरकारी आंकड़ों को बीजेपी लगातार झुठला रही है। पार्टी का आरोप है कि सरकार किसानों और पशुपालकों को मुआवजा नहीं दे रही है। सरकार को जगाने के लिए बीजेपी विधानसभा घेरेगी।

चंद्रभान सिंह आक्या, बीजेपी विधायक, चित्तौड़गढ़।
चंद्रभान सिंह आक्या, बीजेपी विधायक, चित्तौड़गढ़।

विधायक आक्या के लिस्टेड सवाल पर हो रही तैयारी

चित्तौड़गढ़ से बीजेपी विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या का एक सवाल 21 सितम्बर को विधानसभा के प्रश्न काल के लिए लिस्टेड हुआ है। इस तारांकित प्रश्न में प्रदेश में लंपी बीमारी की कंट्रोलिंग और वर्क प्लान के बारे में पशुपालन विभाग से सवाल पूछा गया है।

चन्द्रभान सिंह आक्या का 21 सितम्बर को तारांकित प्रश्न लगा है। जिसमें पूछा गया है-

1.क्या यह सही है कि प्रदेश में गायों और नंदी में लंपी नाम की महामारी फैल रही है? अगर हां, तो पिछले 5 महीने में कितने मवेशी इस बीमारी से ग्रसित पाए गए। कितने मवेशियों की मौत हुई और कितने स्वस्थ हुए? जिलेवार संख्या की डिटेल सदन की मेज पर रखें।

2.सरकार की ओर से इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए क्या-क्या कार्यवाही की गई ? डिटेल सदन की मेज पर रखें।

3.इस बीमारी से ग्रसित मवेशियों की मौत होने पर सरकार की ओर से गोपालकों को क्‍या सहायता दी गई है? क्या सरकार उन्हें मुआवजा देकर राहत देने करने का विचार रखती है? यदि हां, तो कब तक और नहीं, तो क्यों? विवरण सदन की मेज पर रखें।

रामप्रताप कासनियां,बीजेपी विधायक, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर।
रामप्रताप कासनियां,बीजेपी विधायक, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर।

किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर विधानसभा सदन में हंगामे के आसार

20 और 21 सितम्बर को प्रशनकाल में लगने वाले जो प्रश्न लिस्टेड हुए हैं। उनमें श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ से BJP विधायक रामप्रताप कासनियां का सवाल भी शामिल है। जिसमें पूछा गया है- क्या सरकार कॉमर्शियल बैंकों के किसानों पर 2 लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने का विचार रखती है ?

इस सवाल के जरिए विधानसभा में किसान कर्जमाफी का मुद्दा गूंजेगा, बीजेपी की पूरी तैयारी है कि मुद्दे पर गहलोत सरकार को घेरा जाए। इस मुद्दे पर बीजेपी की ओर से हंगामे के भी आसार बनते नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर विधानसभा सत्र हंगामेदार रहेगा।

ज्ञानचंद पारख, बीजेपी विधायक,पाली।
ज्ञानचंद पारख, बीजेपी विधायक,पाली।

पाली से बीजेपी विधायक ज्ञानचंद पारख का 20 सितम्बर को तारांकित प्रश्न लगा है, जिसमें पूछा गया है-

1.पाली जिले की रोहट और पाली तहसील के किस-किस पटवार सर्कल में 2021 में खरीफ की किस-किस कृषि जिन्स में कितना-कितना खराबा बताया गया ? विवरण सदन की मेज पर रखें।

2. खराबे को लेकर प्रभावित किसानों को दी जाने वाले आदान-अनुदान की कुल कितनी राशि कुल कितने प्रभावित किसानों को दी जानी हैं ? इस राशि का भुगतान कितने पीरियड में कर दिया जायेगा ? विवरण सदन की मेज पर रखें।

3. इन दोनों तहसीलों में पहले की खरीफ 2016, 2017 और 2018 साल की सूची में शामिल प्रभावित काश्तकारों के नाम होने के बाद भी उन्हें किन-किन कारणों से सब्सिडी की राशि का भुगतान नहीं किया गया। उन्हें अब कितनी अवधि में भुगतान कर दिया जाएगा ? विवरण सदन की मेज पर रखें।

विधानसभा सत्र कंटीन्यू चलाने का ट्रेंड बनाने का आरोप क्यों ?

पिछले साल 10 फरवरी 2021 को बजट सत्र शुरू हुआ था। बजट 19 मार्च 2021 को पास हो गया था। लेकिन तब भी बजट सत्र को समाप्त नहीं किया गया था। सदन की बैठक 9 सितम्बर 2021 को फिर से बुलाकर 18 सितम्बर तक बैंठकें करवाई गई थीं। तब भी विपक्ष ने इस प्रक्रिया का विरोध किया था। कांग्रेस के ही वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने आरोप लगाया था कि विधानसभा सत्र पिंग-पोंग जैसा खेल हो गया है।

बीजेपी का आरोप है कि उसी तर्ज पर इस साल भी 15वीं विधानसभा का 7वां सत्र कंटीन्यू कर दिया है। यह सत्र 9 फरवरी 2022 से शुरू हुआ था। जिसे 28 मार्च 2022 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया। तब सत्र में कुल 25 बैठकें हुईं। इस दौरान लगभग 171 घण्टे 19 मिनट विधान सभा की कार्यवाही चली। कुल 8336 प्रश्न विधानसभा को मिले। वही सत्र 19 सितम्बर 2022 से फिर शुरू किया जा रहा है। इस बीच 6 महीने विधायक सत्र जारी रहने के कारण विधायकों को हर सप्ताह अपना 1 प्रश्न पूछने का अधिकार खोना पड़ा।

ERCP पर विधानसभा में सर्वसम्मति बनाकर प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजने की तैयारी में है सरकार।
ERCP पर विधानसभा में सर्वसम्मति बनाकर प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजने की तैयारी में है सरकार।
ERCP को लेकर पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।
ERCP को लेकर पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।

ERCP और बिलों के मुद्दे पर भी BJP ने बनाई रणनीति

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) पर विधानसभा सदन में चर्चा कर सर्व सम्मति से संकल्प पारित कर केन्द्र सरकार को भेज सकती है। प्रदेश में सामाजिक सदभाव, आपसी वैमनस्य और कटुता मिटाने के लिए चर्चा की जा सकती है। SC-ST के खिलाफ होने वाले अपराधों और भेदभाव मिटाने को लेकर सख्त कानून बनाने के लिए बिल लाया जा सकता है। 'राइट टू हेल्थ बिल' और 'जवाबदेही का अधिकार कानून' को लेकर भी सरकार बिल ला सकती है। बीजेपी ईआरसीपी पर सरकार को टेक्नीकली सही प्रस्ताव बनाने को कहेगी। तभी उस पर सर्वसम्मति के लिए सहमत होगी। ऐसे संकेत पार्टी विधायकों ने दिए हैं।

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