क्ले मॉडलिंग से उभरे हृयूमन फेसेज:शहर के उभरते कलाकारों ने मिट्टी से बनाई कलाकृतियां, सोशल मैसेज से बटोरी सुर्खियां

जयपुर2 महीने पहले
राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से अकादमी संकुल में आयोजित क्ले मॉडलिंग कार्यशाला के समापन मंगलवार को हुआ।

फेस पर हंसी, खुशी, दुख, मातृत्व प्रेम सहित कई विषयों के साथ कलाकारों ने क्ले मॉडलिंग के जरिए कलाकृतियां तैयार की। इन कलाकृतियों को मंगलवार को झालाना स्थित राजस्थान ललित कला अकादमी में प्रदर्शित किया गया। मौका था, राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से अकादमी संकुल में आयोजित क्ले मॉडलिंग कार्यशाला के समापन का।

सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। वहीं कार्यशाला के प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।
सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। वहीं कार्यशाला के प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।

आखिरी दिन कलाकृतियों को आमजन के लिए प्रदर्शित किया गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। वहीं कार्यशाला के प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर वरिष्ठ मूर्तिकार अशोक गौड़ और सुमन गौड़ मौजूद रही। उन्होंने प्रतिभागियों को मूर्तिकला के क्षेत्र में हो रहे प्रयोगों के साथ कला में आ रहे बदलावों की जानकारी दी।

कलाकार ने मानव फेस के चरिए कई भाव दर्शाने का प्रयास किया है।
कलाकार ने मानव फेस के चरिए कई भाव दर्शाने का प्रयास किया है।

अशोक गोड़ ने कहा कि कलाकार को पूर्ण स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए, जिससे एक इंडिपेंड क्रिएशन सामने आता है। कार्यशाला में प्रदर्शित कलाकृतियां कलाकारों के वृहद सोच को दर्शाती है।

कलाकारों ने अलग—अलग विषयों को क्ले मॉडलिंग के जरिए उकेरा है।
कलाकारों ने अलग—अलग विषयों को क्ले मॉडलिंग के जरिए उकेरा है।

सुमन गौड़ ने सभी प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए और महिला कलाकारों को कहा कि कला के क्षेत्र में महिला कलाकारों की भी अहम भूमिका रही है। ऐसे में यहां भी अपना कॅरियर बनाया जा सकता है। इस मौके पर अकादमी के चेयरमैन लक्ष्मण व्यास, सचिव रजनीश हर्ष, प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा, अकादमी वित्त सदस्य चन्द्रशेखर सेन मौजूद रहे।

इस मौके पर अकादमी के चेयरमैन लक्ष्मण व्यास, सचिव रजनीश हर्ष, प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा, अकादमी वित्त सदस्य चन्द्रशेखर सेन मौजूद रहे।
इस मौके पर अकादमी के चेयरमैन लक्ष्मण व्यास, सचिव रजनीश हर्ष, प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा, अकादमी वित्त सदस्य चन्द्रशेखर सेन मौजूद रहे।

राजस्थान ललित कला अकादमी अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से कलाविद्यार्थियों की कला की अन्य विधाओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। अकादमी सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि इस कार्यशाला में विभिन्न कला महाविद्यालय में अध्ययनरत कला विद्यार्थी एवं स्वतन्त्र कलाकारों ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला में भी कृष्ण प्रजापति प्रशिक्षण दे रहे हैं।

राजस्थान ललित कला अकादमी अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास ने अतिथियों का स्वागत किया।
राजस्थान ललित कला अकादमी अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास ने अतिथियों का स्वागत किया।

मिट्टी से बना हैंड बैग, राजस्थानी पगड़ी का अट्रैक्शन

वर्कशॉप् में राजस्थान स्कूल आॅफ आर्ट की चेल्सी मेहता ने क्ले मॉडलिंग में कैरी ​बैग बनाया है, जो लोगों के साथ जुड़ाव को बयां करता है। वहीं श्रुति जैन ने राजस्थानी पगड़ी के साथ ग्रामीण जन—जीवन को दिखाया है। उन्होंने मिट्टी में बिल्ली के अक्स को दिखाया है। मोनिका शारदा ने ह्यूमन पोट्र्रेट्स को बनाया है। उन्होंने कैंडी के जरिए बचपन की खुशी को दर्शाया है। एक कलाकृति में उन्होंने महिलाओं की महत्वकांक्षाओं को दिखाया है, इसमें उन्होंने आधुनिक युग में महिलाएं किस तरह सोचती है और मन में किस तरह का भाव होता है, उसे मिट्टी के जरिए दिखाया है।

प्रियंका ने मॉडनाइज बच्चे का रूप दिखाया है, जो बच्चा खिलौनों से दूर है और मोबाइल से जुड़ा हुआ है।
प्रियंका ने मॉडनाइज बच्चे का रूप दिखाया है, जो बच्चा खिलौनों से दूर है और मोबाइल से जुड़ा हुआ है।

प्रियंका ने मॉडनाइज बच्चे का रूप दिखाया है, जो बच्चा खिलौनों से दूर है और मोबाइल से जुड़ा हुआ है। पूजा भारद्वाज ने वीमन फेस बनाया है। इसके अलावा उन्होंने बुक से बाहर निकलता हुआ फेस दिखाया है, इसमें उन्होंने डिजिटल के दौर में व्यक्तिओं के बीच से बुक्स की आने वाली दूरी का आभास करवाया है।

अशोक गोड़ ने कहा कि कलाकार को पूर्ण स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए, जिससे एक इंडिपेंड क्रिएशन सामने आता है।
अशोक गोड़ ने कहा कि कलाकार को पूर्ण स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए, जिससे एक इंडिपेंड क्रिएशन सामने आता है।
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