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राजस्थान में सियासी उठापटक, आज साफ होगी तस्वीर:दिल्ली पहुंचे गहलोत ने कहा- कांग्रेस में हमेशा डिसिप्लिन रहा है, पार्टी आज संकट में

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: दिल्ली से गोवर्धन चौधरी

कांग्रेस में अध्यक्ष का चुनाव और राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री पद का फैसला.. दोनों मसलों पर अब गुरुवार या शुक्रवार तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

बुधवार देर रात दिल्ली पहुंचने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा- कल यानी गुरुवार को सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। हमारे दिल के अंदर नंबर वन जो होता है, उनकी अगुवाई में हम काम करते हैं। आगे भी सोनिया गांधी के नेतृत्व में हम एकजुट रहेंगे। कांग्रेस में हमेशा डिसिप्लिन रहा है। पार्टी आज संकट में है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया का अपना दृष्टिकोण हो सकता है। घर की बातें हैं। इंटरनल पॉलिटिक्स में यह सब चलता रहता है। यह सब सॉल्व कर लेंगे, यह मैं कह सकता हूं।

बुधवार देर रात राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली पहुंच गए। राजस्थान में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच उन्होंने पहली बार बयान दिया। कांग्रेस में हमेशा डिसिप्लिन रहा है। पार्टी आज संकट में है।
बुधवार देर रात राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली पहुंच गए। राजस्थान में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच उन्होंने पहली बार बयान दिया। कांग्रेस में हमेशा डिसिप्लिन रहा है। पार्टी आज संकट में है।

गहलोत ने राजस्थान के विवाद पर पहली बार बयान दिया है। इससे पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत विधायक दानिश अबरार, चेतन डूडी ने किया।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के नॉमिनेशन के लिए अब केवल एक दिन बचा है। रिटर्निंग ऑफिसर मुधसूदन मिस्त्री के 29 सितंबर को दिल्ली में नहीं होने के कारण उम्मीदवार केवल आखिरी दिन 30 सितंबर को ही आवेदन कर सकते हैं।

इधर, एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए दिग्विजय सिंह का नाम चल पड़ा है, भारत जोड़ो यात्रा छोड़कर वे दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने केरल में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन कर सकते हैं।

सियासी घमासान के बीच आज दोपहर मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी, मंत्री शांति धारीवाल समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की। इसकी जानकारी देते हुए मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने दावा किया कि गहलोत इस्तीफा नहीं दे रहे हैं।

वहीं, अध्यक्ष पद पर नॉमिनेशन के सवाल पर प्रताप ने कहा कि नामांकन वे भरेंगे या नहीं, इसकी जानकारी केवल मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व को है। राजस्थान के घमासान पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राजस्थान में कोई समस्या नहीं है।

आरटीडीसी चेयरमैन का विवादित बयान
गहलोत समर्थक धर्मेंद्र राठौड़ ने पायलट समर्थकों को लेकर विवादित बयान दिया है। राठौड़ ने मानेसर जाने वाले विधायकों की तुलना घर से से भागी लड़की से की है। राठौड़ राजस्थान कांग्रेस के उन तीन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरटीडीसी चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने हमेशा आलाकमान के आदेश का माना है।

वेणुगोपाल बोले- जल्द निकलेगा समाधान
भारत जोड़ाे यात्रा और अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया के बीच राजस्थान कांग्रेस की कलह फिर खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के इस संकट को लेकर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राजस्थान संकट का समाधान एक-दो दिन में ढूंढ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम प्रजातंत्र में विश्वास करते हैं और हमारे यहां पर सब कुछ प्रजातांत्रिक तरीके से चर्चा होती है।

वहीं, CM पद के लिए गहलोत खेमे के विरोध का सामना कर रहे सचिन पायलट पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। अभी तक पायलट ने केवल यही कहा है कि वे हाईकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा पायलट या उनके किसी समर्थक ने कोई बयान नहीं दिया है। इस चुप्पी को गंभीर माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, CM पद को लेकर भी फैसला जल्द लिया जा सकता है। इधर, भरतपुर में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने दावा किया है कि गहलोत अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

राजस्थान से दिल्ली मूवमेंट के पीछे कांग्रेस की स्ट्रैटजी
गहलोत के नजदीकी तीन नेताओं ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार किया और इस पर उन्हें नोटिस दिया गया। लेकिन, पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट और नोटिस में गहलोत का नाम नहीं लिया है। सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान इस विवाद को टालने की कोशिश में है। गहलोत का नाम नहीं लिए जाने को विवाद टालने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही हाईकमान आगे संभावनाएं खुली रखने की स्ट्रैटजी पर चल रहा है। अध्यक्ष पद के नॉमिनेशन का नाम आज फाइनल होने की संभावना है।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि गहलोत को लेकर कोई अपडेट नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि गहलोत को लेकर कोई अपडेट नहीं है।

अध्यक्ष पद पर अब तक केवल दो ही नेताओं ने नॉमिनेशन फॉर्म लिए
कांग्रेस अध्यक्ष पद पर 30 सितंबर तक नामांकन भरे जा सकेंगे। अब तक कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण से केवल शशि थरूर और कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल ही नॉमिनेशन फॉर्म लेकर गए हैं। पवन बंसल खुद नॉमिनेशन भरने से मना कर चुके हैं। बताया जाता है कि बंसल ने हाईकमान के नेताओं के इशारे पर ही नॉमिनेशन फॉर्म लेकर रखा है, ऐसे में कोई नया नाम सामने आ सकता है।

पायलट और गहलोत की स्ट्रैटजी बयां करती दो तस्वीरें

सचिन पायलट दिल्ली पहुंच चुके हैं, लेकिन उन्होंने पूरे मामले पर अभी भी मौन साध रखा है।
सचिन पायलट दिल्ली पहुंच चुके हैं, लेकिन उन्होंने पूरे मामले पर अभी भी मौन साध रखा है।
मंगलवार काे करीब 20 मंत्री-विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सीएम हाउस में मुलाकात की थी।
मंगलवार काे करीब 20 मंत्री-विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सीएम हाउस में मुलाकात की थी।

विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के बाद हुए विवाद और माकन की रिपोर्ट पर गहलोत के नजदीकी मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी ने खुलकर सवाल उठाए थे। धारीवाल ने माकन पर पक्षपात करने के आरोप लगाए। इन आरोपों पर गहलोत ने अब तक कुछ नहीं कहा है। अजय माकन को लेकर गहलोत खेमा कभी भी संतुष्ट नहीं रहा, अब उन्हें बदलने की नए सिरे से मुहिम शुरू की गई है।

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सवाल उठ रहे हैं कि अब गांधी परिवार अशोक गहलोत को अध्यक्ष के पद पर बैठाएगा? आखिर गहलोत गुट को किस बात की चिंता है? अब सचिन पायलट कैंप का रुख क्या होगा? क्या सरकार गिर सकती है? इनके जवाबों और पूरा पॉलिटिकल सिनेरियो समझने के लिए आप पढ़ सकते हैं..पूरी खबर

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