केंद्रीय मंत्री बाल्यान बोले-लंपी और पशुपालन स्टेट सब्जेक्ट:गहलोत सरकार फेल है स्वीकार करे, राजस्थान में आपदा घोषित करें,फिर केंद्र का नम्बर आएगा

जयपुर2 महीने पहले
केंद्रीय मंत्री बाल्यान बोले-लंपी और पशुपालन प्रदेश का सब्जेक्ट

राजस्थान दौरे पर आए केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री संजीव बाल्यान ने कहा-राजस्थान में लंपी की समस्या गम्भीर है। वैसे तो देश के 15 राज्य में पशुओं में लंपी है, लेकिन ज्यादातर राज्यों में हालात कंट्रोल में है और इसमें कमी आई है। देश की बात करूं तो 18.50 लाख गौवंश देश में लंपी से पीड़ित हैं, दुर्भाग्य से इनमें से 12.50 लाख राजस्थान में हैं। लंपी और पशुपालन स्टेट का सब्जेक्ट हैं। यह गहलोत को समझना चाहिए।

राजस्थान की गहलोत सरकार की ओर से लंपी को बार-बार राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग पर बाल्यान बोले- प्रदेश सरकार अपने यहां से भेज दे, हम घोषित करने को तैयार है। लेकिन प्रदेश सरकार के पास अपने फंड होते हैं, SDRF के बाद NDRF का नम्बर आता है। गहलोत इतने पुराने मुख्यमंत्री हैं,उनका इतना लम्बा राजनीतिक जीवन है। ये तो वह समझ सकते हैं कि प्रदेश में पहले उन्हें आपदा घोषित करना है, राष्ट्र का नम्बर उसके बाद आता है।

अगर प्रदेश सरकार फेल हो रही है तो स्वीकार करे, इस बात को न घुमाएं

केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री दो दिन के राजस्थान दौरे पर आए हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने कहा- आज वह दौसा में वेटेरनरी डॉक्टर्स से बातचीत भी करेंगे।बाल्यान बोले-मैं भी एक वेटेरनेरियन हूँ। आए हैं तो सबसे मिलेंगे इस बारे में बातचीत करेंगे। अपने प्रोफेशन और यहां के हालात के बारे में भी बातचीत करेंगे। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यह वक्त गौवंश और पूरे एनीमल हस्बेंडरी सेक्टर के लिए वाकई संकट का है। इसमें राजनीति छोड़कर अपनी जिम्मेदारी लें। जो मदद चाहिए हमसे लें। लेकिन अगर प्रदेश सरकार फेल हो रही है, तो स्वीकार करे, इस बात को घुमाएं मत। हम मदद के लिए तैयार हैं। ये लड़ाई का वक्त बिल्कुल नहीं है। हम चाहते हैं कि वैक्सीनेशन ड्राइव हो। सब काम रोककर पूरे प्रदेश में वैक्सीनेशन किया जाना चाहिए। आइसोलेशन सेंटर बनाए जाने चाहिए। जितने धन,वैक्सीन की जरूरत है केंद्र सरकार प्रोवाइड कराने को तैयार है।

दूसरे प्रदेश वैक्सीनेशन में राजस्थान से बहुत आगे

बाल्यान ने कहा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी वैक्सीनेशन सप्लाई करने की है। अभी भी राजस्थान सरकार के पास 30 लाख डोज पड़ी है, राजस्थान में मात्र 12 लाख वैक्सीन लगी है। तुलना करें तो दूसरे प्रदेश वैक्सीनेशन में बहुत आगे रहे हैं। राजस्थान सरकार को जितनी भी वैक्सीन और लॉजिस्टिक्स की जरूरत है, अगर वो कहते हैं हमें 50 लाख वैक्सीन और चाहिए, 1 करोड़ वैक्सीन और चाहिए , तो केंद्र सरकार 6 घंटे से ज्यादा समय वैक्सीन सप्लाई में नहीं लेगी।

वेटेरनरी सिस्टम कहीं न कहीं कमजोर

संजीव बाल्यान ने कहा- लंपी नई बीमारी है। केंद्र सरकार सभी प्रदेश सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। फिर चाहे राजस्थान हो या दूसरे राज्य हों। संकट बड़ा है, लेकिन आधारभूत ढांचे की बात करें, तो वेटेरनरी सिस्टम बनना चाहिए। वह कहीं न कहीं कमजोर है। उसे भविष्य के लिए मजबूत करने की जरूरत है। युद्ध स्तर पर सब काम छोड़कर सभी राज्यों में वैक्सीनेशन ट्रायल चलाई जाए। विशेष रूप से राजस्थान में वैक्सीनेशन ट्रायल चलाएं, क्योंकि यहां समस्या गम्भीर है। केंद्र सरकार हर तरह से साथ है। मेरे कर्मचारी राजस्थान में नहीं हैं। ये प्रदेश का विषय है। एनीमल हसबेंडरी डेयरी प्रदेश का विषय है। हम सिर्फ आर्थिक मदद, लॉजिस्टिक्स, वैक्सीन सप्लाई कर सकते हैं। जो भी चाहिए वो प्रदेश को दे सकते हैं। लेकिन वैक्सीनेशन करने का काम प्रदेश सरकार का है। आइसोलेशन सेंटर बनाने हैं तो वो काम प्रदेश करेगा।