पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

भास्कर एक्सक्लूसिव:कोविड पीड़त छात्रों के साथ धोखा, एनटीए ने जेईई मेन-2 लिए बिना ही जारी कर दी ऑल इंडिया रैंक

जयपुर8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेन परीक्षा में कोविड पॉजिटिव छात्रों के साथ बड़ा धोखा किया है
  • एजेंसी ने पहले कहा परीक्षा होगी, लेकिन बाद में मेन-1 के आधार पर जारी कर दिया रिजल्ट
  • जेईई मेन-2 में करीब दो लाख छात्र अनुपस्थित रहे थे, उनमें से कोविड के कारण कितने एब्सेंट रहे

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेन परीक्षा में कोविड पॉजिटिव छात्रों के साथ बड़ा धोखा किया है। पहले एनटीए ने कहा था कि ऐसे छात्रों की परीक्षा बाद में होगी, लेकिन एनटीए ने बिना किसी परीक्षा के जेईई मेन-1 के आधार पर उनकी ऑल इंडिया रैंक तक घोषित कर दी।

मतलब परीक्षा की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही कोविड पॉजिटिव छात्रों का परिणाम जारी कर दिया। एनटीए ने ऐसा कई छात्रों के साथ किया है। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर ने कोविड पॉजिटिव छात्रों के जेईई के परिणामों को टटोला। छात्रों की मार्कशीट में जेईई-2 (अप्रैल-सितंबर) में एब्सेंट लिखा आ रहा है।

वहीं ऑल इंडिया रैंक उनके मेन-1(जनवरी) के स्कोर के आधार पर निकाल दी गई। जो छात्र सिर्फ मेन-2 ही देना चाहते थे और संक्रमित होने से परीक्षा नहीं दे पाए, उनका भी साल बर्बाद होगा। सबसे पहले एनटीए ने पीड़ित छात्रों को सेंटर्स पर बुलाया, वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि एग्जाम बाद में होगा।

जेईई मेन-2 में करीब दो लाख छात्र अनुपस्थित रहे थे, उनमें से कोविड के कारण कितने एब्सेंट रहे, उनकी संख्या अभी तक भी जारी नहीं हुई। सवाल यह है कि एनटीए ने इस मामले में पारदर्शिता क्यों नहीं बरती और रिजल्ट जारी करने की बात को पहले क्यों नहीं बताया?

यह है जेईई मेन 1 व 2 की प्रक्रिया

एनटीए साल में दो बार जनवरी व अप्रैल/सितंबर (सितंबर इस साल) जेईई मेन आयोजित करवाता है। दोनों परीक्षाओं को देने पर भी छात्र का एक ही अटैम्प्ट गिना जाता है। छात्र दोनों परीक्षा देने के पात्र होते हैं। जनवरी व अप्रैल की परीक्षा में जिस परीक्षा में उसका स्कोर अधिक होता है, वह स्कोर ही ऑल इंडिया रैंक व जेईई एडवांस्ड की कट ऑफ के लिए काउंट किया जाता है।

बात एनटीए की जिम्मेदारी की
एक तर्क दिया जा रहा है कि बहुत कम संक्रमित छात्र ही परीक्षा से वंचित रहे, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि यहां बात छात्र संख्या से अधिक एनटीए के सिस्टम की है। केंद्र सरकार व मानव संसाधन मंत्रालय महत्वपूर्ण परीक्षाएं इसीलिए करवा रहा है कि छात्रों का साल बर्बाद नहीं हो, लेकिन एनटीए के इस कदम ने भी छात्रों का साल बर्बाद किया है।

मंशा पर पहले ही उठे थे सवाल
सबसे पहले एनटीए ने कोविड पीड़ितों की परीक्षा लिए बिना ही जेईई मेन 2 का रिजल्ट जारी कर दिया। एडवांस्ड का रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद भी परीक्षा नहीं करवाई। ऐसे में उसकी मंशा पर सवाल खड़े हो गए थे। बाद में परीक्षा होने पर मेन-2 का पर्सेंटाइल निकालने में परेशानी होती। नीट एक ही स्लॉट में हुआ है, वह दोबारा संभव है।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- समय पूर्णतः आपके पक्ष में है। वर्तमान में की गई मेहनत का पूरा फल मिलेगा। साथ ही आप अपने अंदर अद्भुत आत्मविश्वास और आत्म बल महसूस करेंगे। शांति की चाह में किसी धार्मिक स्थल में भी समय व्यतीत ह...

और पढ़ें