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किसानों ने चीफ इंजीनियर को बंधक बनाया:सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी देने की मांग, पूरी रात तहसील कार्यालय बंधक बनाकर बैठे रहे किसान

श्रीगंगानगरएक वर्ष पहले
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तहसील कार्यालय के बैठक हॉल में वार्ता करते हुए अधिकारी और किसान। - Dainik Bhaskar
तहसील कार्यालय के बैठक हॉल में वार्ता करते हुए अधिकारी और किसान।

नहर में पानी बंदी करने से पूर्व अनूपगढ़ व सूरतगढ़ शाखा सहित आईजीएनपी के प्रथम चरण की नहरों में अतिरिक्त सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार को तहसील कार्यालय में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सहित अधिकारियों का घेराव किया। कार्यालय के बाहर धरना दिया व सभा की। आक्रोशित किसानों ने सिंचाई महकमे के अधिकारियों को बंधक बना लिया। जो रविवार सुबह तक सिंचाई व प्रशासनिक अधिकारी तहसील कार्यालय परिसर में ही रहे। दो दौर की वार्ता बेनतीजा रही।

इनमें मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने कहा कि निर्धारित किसानों को सात बार पानी मिल चुका है। तीनों बांधों में पानी कम है। इसके बावजूद अतिरिक्त सिंचाई बारी दी तो जून 2021 में पेयजल के लिए भी गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। कलेक्टर के आश्वासन के अनुसार मुख्य अभियंता शनिवार को यहां किसानों से वार्ता करने आए थे। इससे पहले शुक्रवार को भी किसानों ने 4 घंटे तक एसई व एसडीएम सहित अधिकारियों को 4 घंटे तक बंधक बनाए रखा था। धरने में बड़ी संख्या में किसान शामिल थे। वहीं एहतियात के तौर पर पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। इस बीच सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने किसानों का धरना रविवार को जारी रहा। सुबह किसान एसई कार्यालय के आगे एकत्रित हो गए।

तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसान।
तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसान।

वार्ता में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल, एसई राम सिंह, एडीएम भवानी सिंह, एसडीएम प्रियंका बिश्नोई, एएसपी बनवारी लाल मीणा व डीवाईएसपी विक्की नागपाल और किसानों की ओर से पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, श्योपतराम मेघवाल, सुनील गोदारा, प्रकाश झूरिया, रामप्रताप, लोकेंद्र कुलड़िया, हरनेक सिंह, तरसेम सिंह, सुरजीत सिंह, अजायब सिंह, कैलाश मीणा, परमजीत सिंह आदि शामिल हुए। इस दौरान रायसिंहनगर, समेजा, मुकलावा आदि थानों के थाना प्रभारी तैनात रहे वहीं पुलिस लाइन से भी जाब्ता बुलाया गया था। रात को किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था भी वहीं धरनास्थल पर ही की गई।

किसानों के लिए लंगर से बनकर गया खाना।
किसानों के लिए लंगर से बनकर गया खाना।
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