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घड़साना किसान आंदोलन में समझौता:UP में किसान हिंसा को मुद्दा बना रही कांग्रेस ने सुलझाया पानी का मुद्दा, गंगानगर-हनुमानगढ़ के किसानों की मांगे मानी

जयपुर9 दिन पहले
घड़साना किसान आंदोलन समाप्त।

UP में किसान हिंसा को मुद्दा बना रही कांग्रेस ने किसी सवाल से बचने के लिए घड़साना में आंदोलन कर रहे किसानों की मांगे मान ली है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों के बाद आनन-फानन में फैसला किया गया। इसके साथ ही किसानों का आंदोलन खत्म हो गया है। सरकार ने किसानों को सिंचाई का पानी 4 बार में देने की घोषणा की है और दिसंबर-जनवरी में पानी की मौजूदगी के आधार पर आगे फैसला लेने की बात कही है।

राज्य सरकार ने गंगानगर और हनुमानगढ़ में केन्द्र सरकार से धान की खरीद की स्वीकृति भी जल्द जारी करवाने का भरोसा दिलाया है। इसे लेकर मुख्य सचिव ने बैठक भी की। केन्द्रीय खाद्य सचिव और एफसीआई मुख्यालय से भी धान खरीद की ऑफिशियल स्वीकृति जल्द जारी करने की जानकारी किसानों को दी गई है।

राजस्थान सरकार पर लग रहे थे लाठी चार्ज करवाने के आरोप
श्रीगंगानगर के किसानों का आंदोलन बीती रात खत्म हो गया। किसानों का जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग और संयुक्त किसान मोर्चा ने सिंचाई पानी और दूसरे मुद्दों को लेकर समझौता किया। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कांग्रेस नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ भरतपुर से लखीमपुर खीरी की ओर कूच रखा है।

यूपी में किसानों पर हिंसा का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी की राजस्थान सरकार पर भी किसानों की मांगें नहीं मानने और पुलिस से लाठियां पड़वाने के आरोप लग रहे थे। सियासी सूत्र बताते हैं कि ऐसे में बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर गहलोत सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेर सकती थी, इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने किसानों का आंदोलन खत्म करवाने के लिए समझौता करना बेहतर समझा।

नहरी क्षेत्र के किसान नेता।
नहरी क्षेत्र के किसान नेता।

अक्टूबर में 4 बारी में सिंचाई पानी दिया जाएगा
श्रीगंगानगर में सिंचाई क्षेत्रों को अलग-अलग ग्रुप में बांट दिया गया है। समझौता वार्ता के बाद 4 ग्रुप में से 1 ही ग्रुप में पानी चल रहा है। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी को मर्ज करने के लिए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) को प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजने पर भी सहमति हुई।

4 बारी का पानी अक्टूबर में ही दिया जाएगा। पहली बारी पूरी होने पर दूसरी, तीसरी और चौथी बारी में 3 में से 1 ग्रुप में नहर से पानी की सप्लाई दी जाएगी। समझौते में इस बात पर भी सहमति बनी कि दिसंबर और जनवरी में बांध में पानी की उपलब्धता को देखते हुए और जल परामर्शदात्री समिति से सलाह लेने के बाद फैसला लिया जाएगा। साथ ही पहले फेज में 58 फीसदी पानी रिजर्व रखने की किसानों की मांग के लिए राज्य सरकार को बता दिया गया है।

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