13 दिन में लिया बैंक मैनेजर की हत्या का बदला:लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्शन, कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में मारा

जयपुर6 महीने पहले
जान मोहम्मद लश्कर-ए-तैयबा का वही आतंकी है, जिसने राजस्थान के बैंक मैनेजर विजय कुमार को गोली मारी थी। विजय कश्मीर के कुलगाम में इलाकाई देहाती बैंक में तैनात थे और उनकी 4 महीने पहले ही शादी हुई थी।

सुरक्षाबलों ने 13 दिन में राजस्थान के बैंक मैनेजर विजय की हत्या का बदला ले लिया है। कश्मीर के शोपियां में दो आतंकियों को एनकाउंटर में मार गिराया है। ये दोनों आतंकी लश्कर-ए -तैयबा से जुड़े थे और इसमें से ही एक ने विजय को कुलगाम में बैंक ड्यूटी के समय गोली मारी थी। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच बुधवार को शोपियां जिले के कांजीलुर इलाके में मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों आतंकी मारे गए हैं। कश्मीर IGP कश्मीर ने बताया कि इनमें से एक आतंकी बैंक मैनेजर की हत्या में शामिल था।

बैंक मैनेजर विजय की हत्या करने वाला आतंकी जान मोहम्मद। जिसने 13 दिन पहले बैंक में घुसकर विजय पर फायर किए थे। अब सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में मार दिया।
बैंक मैनेजर विजय की हत्या करने वाला आतंकी जान मोहम्मद। जिसने 13 दिन पहले बैंक में घुसकर विजय पर फायर किए थे। अब सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में मार दिया।

उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जिन दो आतंकवादियों को मार गिराया है, उसमें एक की पहचान शोपियां के जान मोहम्मद लोन के रूप में हुई है, जबकि दूसरे आतंकी का नाम तुफैल गनी बताया गया है। दोनों के ही आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से लिंक सामने आए हैं। आतंकी जान मोहम्मद ने बैंक मैनेजर विजय कुमार को गोली मारी थी। उस समय नाजुक हालत में विजय को हॉस्पिटल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले विजय कुमार की 4 महीने पहले ही शादी हुई थी। एक महीने पहले ही पत्नी भी विजय के साथ गई थी। पिता ओमप्रकाश बेनीवाल सरकारी स्कूल में टीचर हैं। छोटा भाई अनिल कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है।

विजय कुमार कुलगाम जिले के अरेह मोहनपोरा स्थित इलाकाई देहाती बैंक (EDB) में मैनेजर थे। हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और अर्द्ध सैनिक बल की एक संयुक्त टीम ने आतंकियों का पता लगाने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी थी। तभी से आतंकियों की तलाश की जा रही थी।

विजय की शादी को 4 महीने ही हुए थे। मौत से 1 महीने पहले ही पत्नी को कश्मीर ले गए थे। घर में दोनों के नाम लगी मेहंदी का रंग उतरा नहीं था कि विजय की हत्या कर दी गई थी।
विजय की शादी को 4 महीने ही हुए थे। मौत से 1 महीने पहले ही पत्नी को कश्मीर ले गए थे। घर में दोनों के नाम लगी मेहंदी का रंग उतरा नहीं था कि विजय की हत्या कर दी गई थी।

ये भी पढ़ें-