जयपुर पुलिस कमिश्नरेट / फर्जी दस्तावेज के आधार पर सायबर ठगों को उपलब्ध करवाते थे मोबाईल सिम, तीन शातिर ठग गिरफ्तार

जयपुर में सायबर सेल पुलिस की गिरफ्त में तीन शातिर ठग, जो कि सायबर ठगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम उपलब्ध करवाते है जयपुर में सायबर सेल पुलिस की गिरफ्त में तीन शातिर ठग, जो कि सायबर ठगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम उपलब्ध करवाते है
X
जयपुर में सायबर सेल पुलिस की गिरफ्त में तीन शातिर ठग, जो कि सायबर ठगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम उपलब्ध करवाते हैजयपुर में सायबर सेल पुलिस की गिरफ्त में तीन शातिर ठग, जो कि सायबर ठगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम उपलब्ध करवाते है

  • जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सायबर सेल टीम की कार्रवाई, अलवर से ठगों को पकड़ा
  • फर्जी आधार कार्ड के आधार पर जारी करवाई 11 मोबाइल सिम व 3 मोबाइल फोन बरामद

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:46 PM IST

जयपुर. पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल टीम ने तकनीकी सहायता से साईबर ठगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों आरोपी नवल सिंह, मुश्ताक खां व विनोद कुमार मीणा को अलवर से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से पुलिस टीम ने 62 फर्जी आधार कार्ड व फर्जी आधार कार्ड पर जारी करवाई गई 11 मोबाईल सिम व तीन मोबाईल फोन बरामद किये गये हैं। प्रारंभिक पूछताछ में करीब 300 सिम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी कर साईबर ठगों को उपलब्ध करवाने की जानकारी प्राप्त हुई है। 

आर्मी में होना बताकर ठग ने ओएलएक्स पर वाशिंग मशीन बेचने का झांसा देकर की ठगी

पुलिस कमिश्नर आनन्द श्रीवास्तव ने बताया कि सायबर ठगों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी की वारदातों व ऑनलाइन ठगी ठगी की वारदातों के खुलासे के लिए एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता और डीसीपी क्राइम योगेश यादव के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस बीच स्पेशल ऑफॅसेज एण्ड साईबर क्राइम पुलिस थाने में सोनिया कालरा ने एक मुकदमा दर्ज करवाया था। 

जिसमें बताया कि ओएलएक्स पर वाशिंग मशीन बेचने की डील पर खरीददार ने आर्मी में होना बताकर क्यूआर कोड भेजकर पेटीएम से 98000 रूपए धोखा देकर ट्रांसफर करवा लिये। केस का अनुसंधान सबइंस्पेक्टर ईमीचंद को सौंपा गया। इसके बाद एसीपी रणवीर सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने इस गैंग काे तकनीकी पड़ताल कर अलवर से गिरफ्तार कर लिया।

तरीका वारदात

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक गुप्ता ने बताया कि सायबर ठगों द्वारा ओएलक्स व अन्य वेबसाईट पर सामान खरीदने व बेचने के इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क किया जाता है व अपने आपको आर्मी में पोस्टेड होना बताकर क्यूआर कोड या लिंक के जरिये रूपये भेजने का झांसा दिया जाता है तथा परिवादी को पहले एक या दो रू0 जमा करवाकर उसे विश्वास मे लेकर परिवादी के खाते से अपने खाते में रूपये ट्रांसफर करवा लेते हैं।

साईबर ठगों द्वारा उक्त काम के लिये फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी सिम व पेटीएम खातों का प्रयोग किया जाता है। इस गैंग के बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने साथियों से फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाये जाकर फर्जी आधार कार्डों पर मोबाईल सिम जारी कर साईबर ठगों को उपलब्ध करवाते है। जिसे सायबर ठग धोखाधड़ी के केसों में इन मोबाईल सिम का प्रयोग कर वारदात को अंजाम देते हैं। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना