सोनिया-गहलोत के बीच 2 घंटे बातचीत:CM की कुर्सी छोड़ने पर गहलोत बोले- समय बताएगा; दिग्विजय ने कहा- कांग्रेस अध्यक्ष बने तो छोड़ना पड़ेगा पद

जयपुर2 महीने पहले

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे है। इस सिलसिले में उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से बुधवार शाम दो घंटे बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, यह पता नहीं चल पाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनिया ने इतना ही कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए इस चुनाव में वे किसी का फेवर नहीं करेंगींं। उधर, गहलोत गुरुवार को राहुल गांधी से मिलने कोच्चि भी जाएंगे।

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद जब गहलोत बाहर निकले तो उन्हें वरिष्ठ नेता पवन बंसल मिल गए। दोनों 10 मिनट तक बातचीत करते रहे।
सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद जब गहलोत बाहर निकले तो उन्हें वरिष्ठ नेता पवन बंसल मिल गए। दोनों 10 मिनट तक बातचीत करते रहे।

दिग्विजय बोले- अध्यक्ष बने तो गहलोत को सीएम पद छोड़ना होगा
दिल्ली पहुंचने पर गहलोत ने भले ही कांग्रेस अध्यक्ष के साथ सीएम बने रहने का संकेत दिया हो, लेकिन कांग्रेस नेता और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि वे अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। एनडीटीवी से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि उदयपुर अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास हुआ था कि एक व्यक्ति सिर्फ एक पद पर रहेगा। दिग्विजय खुद भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

इससे पहले सुबह दिल्ली पहुंचने पर गहलोत ने कहा था कि अगर पार्टी के लाेग मुझे चाहते हैं, उन्हें लगता है कि अध्यक्ष पद या सीएम पद पर मेरी जरूरत है तो मैं मना नहीं कर सकता। हमारे लिए पद कोई मायने नहीं रखता। एक पद, एक व्यक्ति का नियम केवल नॉमिनेटेड पोस्ट के लिए है। चुनाव लड़कर कोई भी दो पोस्ट पर रह सकता है।

गहलोत बोले- समय बताएगा, मैं कहां रहूंगा
गहलोत ने कहा, 'समय बताएगा कि मैं कहा रहूंगा, कहां नहीं रहूंगा। एक पद, एक व्यक्ति फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा तो ये है कि मैं किसी पद पर न रहूं, क्योंकि मैं बहुत पद पर रह चुका हूं। मेरी उपस्थिति से पार्टी को फायदा होना चाहिए, कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए, मैं यह चाहता हूं। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है।'

शशि थरूर बुधवार सुबह कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी के चैयरमेन मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की।
शशि थरूर बुधवार सुबह कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी के चैयरमेन मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर सुबह कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी से मुलाकात की। ये भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकते हैं। उधर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर सुबह कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी से मुलाकात की। ये भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकते हैं।

राहुल से मिलने कोच्चि जाएंगे
गहलोत दिल्ली से केरल के कोच्चि जाएंगे। वहां राहुल गांधी से मुलाकात कर पूरे मामले में चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं एक बार और प्रयास कर रहा हूं राहुल गांधी को अध्यक्ष पद के लिए मनाने का। मैं अपने मुख्यमंत्री रहने या न रहने की बात नहीं कर रहा हूं, यह समय बताएगा। मैं वहां रहना पसंद करूंगा, जहां मेरे रहने से पार्टी को फायदा मिल रहा हो।'

इससे पहले जयपुर में मंगलवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत ने अध्यक्ष पद पर नामांकन भरने के साफ संकेत दिए थे। विधायकों को गहलोत ने उनके नामांकन करने पर दिल्ली आने के लिए भी कहा।

राहुल गांधी से मिलकर दिल्ली लौटेंगे, फिर आगे का मूवमेंट
विधायक दल की बैठक में राहुल गांधी को आखिरी बार मनाने की बात भी गहलोत ने की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि राहुल नहीं माने, तब वे खुद नामांकन करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नामांकन के लिए राहुल की हां या ना सुनने के बाद वे दिल्ली लौटेंगे। राहुल की फाइनल राय के बाद अब आगे का मूवमेंट तय होगा।

पिछले दिनों कांग्रेस डेलिगेट्स की बैठक में भी गहलोत ने हाथ खड़े करवाकर राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित कराया था। गहलोत की कोच्चि यात्रा भी इसी एक्सरसाइज के तौर पर देखी जा रही है। गहलोत का दिल्ली और कोच्चि दौरे के बाद आगे भी सियासी दौरों का प्रोग्राम है। अगले तीन से चार दिन तक गहलोत दिल्ली में रहकर अध्यक्ष के चुनाव की रणनीति बनाएंगे।

पायलट की भूमिका तय होने में भी रहेगा रोल
गहलोत का कोच्चि दौरा अध्यक्ष पद के चुनाव के साथ-साथ राजस्थान की सियासत के हिसाब से भी अहम माना जा रहा है। वे अगर अध्यक्ष का चुनाव लड़ते हैं तो सचिन पायलट के अगले रोल को लेकर भी बात होगी। पायलट भी राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होने कोच्चि गए हुए हैं।

गहलोत राजस्थान CM पद से लेकर उनके अध्यक्ष के नामांकन तक को लेकर राहुल गांधी से बात करेंगे। बताया जाता है कि सोनिया गांधी से गहलोत की 24 अगस्त की मुलाकात के समय उन्हें इस बात के संकेत दे दिए थे कि अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करना है।

CM तो गहलोत ही रहेंगे: खाचरियावास

सोमवार रात हुई विधायक दल की बैठक की जानकारी देते हुए राजस्थान के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि CM तो गहलोत ही रहेंगे। उन्होंने विधानसभा के बाहर कहा- अशोक गहलोत CM और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों पदों पर रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अभी वो बने नहीं हैं।

अगर बन जाएंगे तो उसके बाद ये सारी स्थितियां आएंगी। सारा फैसला होने दें। अभी तक यही तय है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे तो भी CM रहेंगे। खाचरियावास ने कहा कि विधायकों की सबकी इच्छा है कि मुख्यमंत्री पद पर गहलोत ही रहें।

गहलोत की दावेदारी से जुड़ी खबरें यहां पढ़िए...

1. अध्यक्ष के लिए गांधी परिवार की पसंद गहलोत ही क्यों? भरोसेमंद होने के साथ भाजपा को दे रहे टक्कर

कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा? इस प्रश्न का उत्तर लगभग मिल गया है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अशोक गहलोत ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे नामांकन भर रहे हैं। 25 साल बाद वे ही गैर गांधी चेहरा होंगे, जो कांग्रेस के अध्यक्ष बनेंगे। गहलोत ने पहले मंगलवार देर रात विधायक दल की बैठक में कहा था- मैं आखिरी बार राहुल गांधी से मिलकर उन्हें मनाने का प्रयास करूंगा, अगर राहुल नहीं माने तो फिर हाईकमान का जो आदेश होगा, उसके लिए आपको तकलीफ दूंगा। संकेत साफ था- वे अध्यक्ष पद का नामांकन भरेंगे। पढ़ें पूरी खबर...

2. गहलोत अध्यक्ष बने तो 4 बातें संभव: पायलट बन सकते हैं मुख्यमंत्री

कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राजस्थान में सबसे बड़ा चर्चा का मुद्‌दा बना हुआ है। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इन कयासों में राहुल गांधी हैं तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम भी एक मजबूत चेहरे के रूप में सामने आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें

3. गहलोत ने राहुल के लिए हाथ खड़े करवाए, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का रखा प्रस्ताव

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोटिंग के लिए चुने गए डेलिगेट्स की पहली बैठक में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग प्रमुखता से उठी। कांग्रेस डेलिगेट्स की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखते हुए वहां मौजूद नेताओं से हाथ खड़े करवाए। पूरी खबर पढ़ें