पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Demonstrations Across The State Regarding Inflation As Soon As The Second Wave Is Overcome, Social Distancing Broken In The Presence Of Most Ministers And MLAs Including Former Deputy CM

राजस्थान में कोरोना भूल गए कांग्रेसी!:दूसरी लहर पर काबू आते ही महंगाई को लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन, पूर्व डिप्टी सीएम सहित ज्यादातर मंत्री और विधायकों की मौजूदगी में टूटी सोशल डिस्टेंसिंग

जयपुर2 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में सरकार ने खुद ही कोरोना गाइडलाइन का खूब मजाक उड़ाया है। प्रदेश भर में शुक्रवार को कांग्रेसियों ने पेट्रोल पंपों पर तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। सरकार पिछले डेढ़ महीने से काेरोना की दूसरी लहर को कंट्रोल करने में जुटी थी, शादी-समारोह पर भी पाबंदी लगा रखी है यहां तक कि शादी में सिर्फ 11 लोगों की ही अनुमति दी गई है। ऐसे में हैरानी की बात है कि सरकार के ही शिक्षा मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, परिवहन मंत्री सहित कई विधायकों ने ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा कर रख दी। विरोध-प्रदर्शन में कई नेताओं ने तो मास्क लगाना भी जरूरी नहीं समझा।

जयपुर में शिक्षा मंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, सहकारिता मंत्री बीडी कल्ला, पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल सहित काफी संख्या में कांग्रेसी शामिल हुए थे। सरकार ने कोरोना गाइडलाइन के तहत प्रदेश में 144 भी लगा रखा है, जिसमें 4 से ज्यादा लोग इकट्‌ठे नहीं हो सकते। ऐसे में क्या ये धारा 144 का उल्लंघन नहीं है? गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर माफी भी मांगते हुए कहा कि महंगाई से त्रस्त कार्यकर्ता खुद को धरने में शामिल होने रोक नहीं सके। इसीलिए धरने में काफी लोग इकट्‌ठा हो गए। इतनी ही नहीं कांग्रेसियों में बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचाने की भी होड़ मची रही।

सरकार के शिक्षा मंत्री,परिवहन मंत्री, सहकारिता मंत्री भी नियमों को भूले।
सरकार के शिक्षा मंत्री,परिवहन मंत्री, सहकारिता मंत्री भी नियमों को भूले।

कोरोना की दूसरी लहर कितनी घातक रही

देश भर में कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक रही है। राजस्थान की ही बात करें तो सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार दूसरी लहर में साढ़े तीन महीने में 8772 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इसके अलावा 4 विधायक, 10 से ज्यादा पूर्व विधायकों व पूर्व मंत्रियों की भी मौत हो चुकी थी। फिलहाल 10 हजार से ज्यादा एक्टिव केस चल रहे है। पहली लहर में भी 2800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक रही।
कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक रही।

भीड़ जुटाने से ही हुआ कोरोना अनकंट्रोल

देशभर में कोरोना दूसरी लहर में भीड़ जुटने से ही अनकंट्रोल हो गया था। देशभर में मेले, बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव व उपचुनाव कराए गए। लगातार भीड़ जुटने से कोरोना संक्रमण फैलने लग गया। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होने लग गई। मरीजों को आईसीयू बेड भी नहीं मिल सके। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी होने लग गई। देशभर में हजारों लोगों की जान चली गई थी।

जयपुर में पेट्रोल पंप पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रदर्शन करते हुए।
जयपुर में पेट्रोल पंप पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रदर्शन करते हुए।

क्या आम लोगों को ही होता है कोरोना

कोरोना गाइडलाइन के नियम सिर्फ क्या आम लोगों, व्यापारियों और बाजारों पर ही लागू होते है? सरकार के नुमाइंदों पर कोई नियम-कानून लागू नहीं होते है। विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों सहित मेयर भी शामिल हुए। कोरोना के सारे नियम-कायदों को ताक पर रख कर प्रदर्शन किए गए। बड़ा सवाल है कि क्या अभी कोरोना को भूल कर महंगाई के लिए विरोध-प्रदर्शन करना उचित था? इतना ही नहीं कई जिलों में बाकायदा सड़क पर पंडाल व दरी-पटि्टयां लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

कांग्रेसियों में भीड़ जुटाने की मची रही होड़

एक तरफ तो शादी-समारोह से लेकर राजनीतिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया। पडंाल सजाएं गए। विरोध-प्रदर्शन में भीड़ जुटाने की काफी होड़ मची रही। मंत्रियों के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता फोटो खिंचवाने में भी आगे रहे। दौसा, उदयपुर, कोटा सहित कई जिलों में काफी संख्या में पेट्रोल पंप पर भीड़ जुटी और जमकर सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाई गई।

तस्वीर नागौर की है...कैसे तार-तार हो रहे थे कायदे

नागौर में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसी।
नागौर में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसी।

नागौर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में नावां विधायक एवं विधानसभा उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी शामिल हुए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन के साथ कांग्रेस सेवा दल से अमित गौरी व काफी संख्या में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंसिंग को भूल कर नियमों की धज्जियां ही उड़ा दीं। जमकर कांग्रेसियों ने नारेबाजी की।

सीकर में तो बिना मास्क रैली भी निकाली

चेयरमैन जीवण खां व अन्य कांग्रेसी प्रदर्शन करते हुए।
चेयरमैन जीवण खां व अन्य कांग्रेसी प्रदर्शन करते हुए।

सीकर में भी नगरपरिषद चेयरमैन जीवण खां, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीएस जाट कई कांग्रेसियों के साथ डाक बंगले पर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए सिहोटिया पेट्रोल पंप पर पहुंचे, जबकि जुलूस और रैली निकालने के आदेश भी नहीं है। कई लोगों ने मास्क भी नहीं लगा रखे थे।

महिला कांग्रेस कार्यकताओं के साथ नेताजी का प्रदर्शन

झुंझुनूं में तेल कीमतों के विरोध प्रदर्शन में विधायक बृजेंद्र सिंह शामिल हुए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ 20-25 कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान सोशल डिस्टेंस को भूल गए और कई कांग्रेसियों ने तो मास्क भी नहीं लगा रखा था।

चित्तौड़गढ़ में पंडाल लगाया और तोड़े नियम

चित्तौड़गढ़ में पंडाल लगा कोरोना गाइडलाइन का मजाक उड़ाते कांग्रेसी।
चित्तौड़गढ़ में पंडाल लगा कोरोना गाइडलाइन का मजाक उड़ाते कांग्रेसी।

चित्तौडगढ़ के निंबाहेड़ा में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना कांग्रेसियों के साथ विरोध प्रदर्शन में पहुंचे। सरकार ने कोरोना गाइडलाइन में शादी-समारोह को भी 30 जून तक पाबंदी लगा रखी है ऐसे में बाकायदा पंडाल लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया गया।

पंप पर दरी-पट्‌टी लगा भूले नियम

दौसा में राज्यमंत्री ममता भूपेश दरी-पट़्टी लगा नियमों को ही भूल बैठे।
दौसा में राज्यमंत्री ममता भूपेश दरी-पट़्टी लगा नियमों को ही भूल बैठे।

दौसा के सिकराय में महिला बाल विकास राज्यमंत्री ममता भूपेश प्रदर्शन में पहुंचे। दरी-पट्‌टी लगाकर सारे नियमों को ताक पर रख दिया गया। प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने मास्क लगाना भी उचित नहीं समझा। प्रदर्शन में अधिकतर लोगों ने मास्क ही नहीं लगा रखे थे।

महंगाई की मार में कोरोना भूली सरकार

कोटा में मास्क नीचे उतार कर फोटो खिंचाते हुए।
कोटा में मास्क नीचे उतार कर फोटो खिंचाते हुए।

कोटा में भी महापौर राजीव अग्रवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी विरोध प्रदर्शन किया। कई जगहों पर बाकायदा पंडाल भी लगाए गए। प्रदर्शन में जमकर भीड़ भी हुई। कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई गईं।

खबरें और भी हैं...