राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन ने मनाई काली दिवाली:डिस्कॉम मैनेजमेंट के बातचीत नहीं करने पर दिवाली पर दिया धरना, BMS बोला- अब आंदोलन करेंगे

जयपुर8 महीने पहले
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राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन ने मनाई काली दिवाली - Dainik Bhaskar
राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन ने मनाई काली दिवाली

देश और प्रदेश में दिवाली की खुशियां हैं, लेकिन राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन (राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ ) के कर्मचारियों को राजधानी जयपुर में दिवाली पर भी धरना देकर काली दिवाली मनानी पड़ी। फेडरेशन से जुड़े कर्मचारियों का धरना 31वें दिन भी जारी रहा। ये कर्मचारी अपनी 28 सूत्री मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। जिसमें रोज बदल-बदलकर कर्मचारी हिस्सा लेते हैं।

सरकार ने वक्त रहते मांगें नहीं मानी तो होगा आंदोलन

भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री हरिमोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार निरंकुशता पर उतारू हो गई है। सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। एक ओर सरकार कर्मचारी हित की बड़ी-बड़ी बातें कहती है, दूसरी ओर कर्मचारियों की वाजिब मांगों की भी अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का निजीकरण और शोषण हो रहा है। भारतीय मजदूर संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह केवल विभाग का धरना नहीं है, बल्कि संघ का धरना है। अगर अब भी वक्त रहते मांगों पर सरकार ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन किया जाएगा।

डिस्कॉम मैनेजमेंट पर बातचीत नहीं करने के आरोप

जयपुर डिस्कॉम मैनेजमेंट पर आरोप है कि वह इन कर्मचारियों से बातचीत की कोई पहल नहीं कर रहा है। प्रदेश सरकार और डिस्कॉम मैनेजमेंट के कम्युनिकेशन गैप के कारण ही दिवाली के त्योहारी मौके पर कर्मचारियों को धरना देना पड़ रहा है। पिछले एक महीने से इलेक्ट्रिसिटी बिल्डिंग ( विद्युत भवन) के पीछे ये धरना चल रहा है। राज्य सरकार ने राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन (राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ) के पदाधिकारियों से बातचीत नहीं की और न ही डिस्कॉम मैनेजमेंट ने किसी तरह का आश्वासन किया है।

क्या हैं कर्मचारियों की मांगें

  • राज्य सरकार तुरंत से निजीकरण पर रोक लगाए।
  • बिजली कंपनियों में नई भर्ती की जाए।
  • कर्मचारियों को एक कम्पनी से दूसरी बिजली कम्पनी में ट्रांसफर देने की फैसिलिटी शुरू हो।
  • कोविड महामारी के दौरान जिन बिजली कर्मचारियों की मौतें हुई हैं, उनके परिजनों को बिजली कम्पनियां 50 लाख रुपए की सहायता राशि दे।
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