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गहलोत बोले प्रदेश कांग्रेस के आदेश पर चलेगी हमारी सरकार:खुला अधिवेशन बुलाकर चर्चा होगी,CM और सरकार की आलोचना होगी,लेकिन इससे सुधार होगा

जयपुर9 महीने पहले
गहलोत बोले प्रदेश कांग्रेस के आदेश पर चलेगी हमारी सरकार

राजस्थान की गहलोत सरकार अब अपने कई बड़े फैसले और बज़ट घोषणाएं प्रदेश कांग्रेस के अधिवेशन के प्रस्ताव के आधार पर लेगी। जनवरी में कांग्रेस पार्टी की ओर से अधिवेशन बुलाकर प्रस्ताव पास किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में आज से जयपुर के बाड़ा पदमपुरा में शुरू हुए कांग्रेस पार्टी के 3 दिन के ट्रेनिंग कैम्प में यह घोषणा हुई है। इस दौरान गहलोत ने कहा राज्य की कांग्रेस सरकार में बहुत अच्छे फैसले हुए हैं। हमारी योजना बहुत शानदार है। जिसे हमें जनता तक पहुंचाना पड़ेगा। लेकिन हम सब काम करने के बावजूद मार्केटिंग में बहुत पीछे रहते हैं। जबकि बीजेपी वाले काम कुछ नहीं करते हैं। लेकिन वो मार्केटिंग में बहुत उस्ताद लोग हैं। खाली मार्केटिंग ही करते हैं,हमें इन बातों को समझना पड़ेगा।

बाड़ा पदमपुरा में कांग्रेस ट्रेनिंग कैम्प को संबोधित करते CM अशोक गहलोत।
बाड़ा पदमपुरा में कांग्रेस ट्रेनिंग कैम्प को संबोधित करते CM अशोक गहलोत।

जनवरी 2022 में होगा कांग्रेस का अधिवेशन

डो़टासरा ने ट्रेनिंग कैम्प के उद्घाटन सेशन में मुख्यमंत्री गहलोत से कहा कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान होना चाहिए। वो सरकार से जो भी चाहते हैं। जनता के हित में उनकी जो मांगें हैं। उसके लिए हम एक अधिवेशन जनवरी 2022 में बुलाएंगे। जिसमें प्रस्ताव पारित कर सरकार को दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत से कहा कि मैं उम्मीद करता हूँ आपने संगठन और सरकार दोनों में काम किया है। संगठन की बात को पूरी तवज्जो देंगे।

अब कांग्रेस पार्टी सरकार को आदेश दे-गहलोत

गहलोत ने भी मंच से कहा कि मौजूदा सरकार के फैसले अभी तक तो हो गए हैं। अब कांग्रेस पार्टी सरकार को आदेश दे। पब्लिक में ये भावना होनी चाहिए। तब जाकर हमें भी काम करने में मजा आएगा। जब कांग्रेस कार्यकर्ता यह कहेंगे कि कांग्रेस कमेटी के माध्यम से कुछ काम होता है। गहलोत ने डोटासरा से कहा कि आप अधिवेशन बुलाओ। उसमें सरकार और मुख्यमंत्री की आलोचना होगी। जो होनी भी चाहिए। आप हमें कमियां बताओ। जो काम नहीं हो पाए उनके लिए मंत्री को कहें। ऐसा एक प्लेटफॉर्म होना चाहिए जहां पर खुलकर बात हो। मंत्री-मुख्यमंत्री जवाब दें। हर बात का लेखा-जोखा रहे। उसके बाद में जो प्रस्ताव आप पास करेंगे। उसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, पीसीसी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं की भागीदारी होगी। उस प्रस्ताव के आधार पर जब सरकार विधानसभा में बजट पेश करती है। घोषणा करती है। स्कीम लेकर आती है। जब वह स्कीम लागू होती है। तो गांव में बैठा आदमी बोलता है कि हमारे कांग्रेस नेता के कहने से सरकार को यह स्कीम बनानी पड़ी है।गहलोत ने कहा कार्यकर्ताओं को मान-सम्मान सब मिलेगा। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने पीसीसी में मंत्रियों को जनसुनवाई के लिए बैठाना शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता मंत्रियों से मिलना चाहें तो मिल सकते हैं। अगर अध्यक्ष अलग व्यवस्था कर देंगे कि कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलें। तो हम उस दिन खाली कार्यकर्ताओं से ही मिलेंगे। हालांकि कोरोना की स्थिति के कारण इसमें कुछ गैप रहा है।

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