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राजस्थान में ऑक्सीजन और बेड की कमी:20 दिन में कोरोना के 1 लाख से ज्यादा केस आए, 51% मरीज जयपुर समेत 4 बड़े शहरों के

जयपुर2 वर्ष पहले
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राजस्थान में कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते संक्रमण ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्थिति काफी खराब है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा में बेड फुल हैं। समय पर लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। कोटा में तो ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से 19 अप्रैल की रात 2 मरीजों की जान तक चली गई थी।

ऑक्सीजन और बेड की कमी के चलते मरीज भटक रहे हैं, लेकिन देखने-सुनने वाला कोई नहीं है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों पर दबाव बहुत ज्यादा है। पिछले 20 दिनों में कोरोना के एक लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका है।

राज्य में हर रोज औसतन 13 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत हो रही है और मांग लगातार बढ़ भी रही है। प्रशासन का दावा है कि राज्य में सभी जगह हर रोज औसतन 25 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर प्रोडक्शन की क्षमता है। इसके बावजूद कोटा, उदयपुर जैसे शहरों में ऑक्सीजन के लिए मारामारी हो रही है। उदयपुर में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए प्रशासन ने हिंदुस्तान जिंक का प्लांट कब्जे में ले लिया है।

51% संक्रमित सिर्फ 4 जिलों में आए
राजस्थान में अप्रैल के 20 दिन के अंदर एक लाख 5 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। यह अब तक कोरोना काल में किसी महीने में सबसे ज्यादा संख्या है। जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में स्थिति ज्यादा बिगड़ी हुई है। पूरे प्रदेश में जितने मरीज अप्रैल में आए, उसके 51% इन चार जिलों में मिले हैं। इन चारों जिलों में 20 दिन के अंदर 54 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं। राज्य में कोरोना से मौत की संख्या भी अप्रैल में 450 पहुंच गई है, जबकि इससे पहले सबसे ज्यादा मौतें पिछले साल सितंबर में (438) हुई थीं।

इसलिए भी बिगड़े हालात

जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जिलों में कोरोना संक्रमित मिलने के अलावा आस-पास के जिलों में आए कोरोना मरीजों के इलाज का लोड भी बढ़ गया है। उदयपुर में राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ से भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसी तरह, जोधपुर में नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर और पाली जिलों के गंभीर मरीजों का लोड है। जयपुर में सीकर, झुंझुनूं, चूरू, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।

सरकार कोटा में मौत के आंकड़े छिपा रही
कोटा की बात करें तो यहां बीते 20 दिन के अंदर 11,400 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत और समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से गंभीर मरीजों की मौत हो रही है। कोटा में मंगलवार को 19 लोगों की मौत हुई, लेकिन कोविड की रिपोर्ट में सरकार ने सिर्फ 10 मौतें ही बताई हैं। कोटा में भी ऑक्सीजन के प्लांट अब हांफने लगे हैं। यहां रोज 1,900 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग है।

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