जैसलमेर में मिग-21 बाइसन विमान क्रैश:हवा में ही आग लगने के बाद पाकिस्तान बॉर्डर के पास गिरा फाइटर जेट, विंग कमांडर शहीद

जैसलमेर9 महीने पहले

भारतीय वायुसेना का एक मिग-21 लड़ाकू विमान शुक्रवार शाम राजस्थान के जैसलमेर के पास क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा की मौत हो गई है। एयरफोर्स ने इसकी पुष्टि कर दी है। जिस जगह जेट गिरा है, वह सुदासरी डेजर्ट नेशनल पार्क में है और पाकिस्तान बॉर्डर के पास है। यह एरिया आर्मी के कंट्रोल में है। इसलिए वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है।

विमान लगभग साढ़े 8 बजे क्रैश हुआ है। विंग कमांडर हर्षित सिन्हा ने रेगुलर उड़ान के लिए जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी थी। हादसे की जगह जैसलमेर से करीब 70 किमी दूर है। मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। आसपास के ग्रामीणों के अनुसार विमान में हवा में ही आग लग गई थी, उसके बाद वह धमाके के साथ जमीन पर आ गिरा।

आसपास के इलाके को आर्मी ने किया कवर
जहां हादसा हुआ है, उसके पास ही नीम्बा गांव है। यहां के गुलाम रसूल ने बताया कि उड़ते विमान में आग के तुरंत बाद ही वह धमाके के साथ नीचे गिरा। जब गांव के कई लोग वहां दौड़े तो चारों तरफ आग का घेरा बन चुका था। हादसा नेशनल पार्क में था, इसलिए वहां किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया।

बाद में आर्मी ने पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेते हुए कवर कर लिया। इसके बाद मौके पर कलेक्टर आशीष मोदी, एसपी अजय सिंह, दमकल की टीम और लोकल थाने की पुलिस पहुंच गई। अब तक की जानकारी के अनुसार मौके पर मिली बॉडी की ड्रेस पर नेम प्लेट भी जल चुकी है। माना जा रहा है कि हवा में ही आग लगने के कारण विंग कमांडर सिन्हा खुद को इजेक्ट नहीं कर पाए।

अगस्त में भी हुआ था हादसा
इससे पहले अगस्त 2021 में बाड़मेर में एक मिग-21 विमान क्रैश हुआ था। यह फाइटर जेट ट्रेनिंग उड़ान पर था। टेक ऑफ के बाद इसमें तकनीकी खराबी आ गई और प्लेन एक झोपड़ी पर जा गिरा। प्लेन क्रैश होने से पहले पायलट ने खुद को इजेक्ट कर लिया था।

रूस और चीन के बाद भारत मिग-21 का सबसे बड़ा ऑपरेटर
रूस और चीन के बाद भारत मिग-21 का तीसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर है। 1964 में इस विमान को पहले सुपरसोनिक फाइटर जेट के तौर पर एयरफोर्स में शामिल किया गया था। शुरुआती जेट रूस में बने थे और फिर भारत ने इस विमान को असेंबल करने का अधिकार और तकनीक भी हासिल कर ली थी।

तब से अब तक मिग-21 ने 1971 के भारत-पाक युद्ध, 1999 के कारगिल युद्ध समेत कई मौकों पर अहम भूमिका निभाई है। रूस ने तो 1985 में इस विमान का निर्माण बंद कर दिया, लेकिन भारत इसके अपग्रेडेड वैरिएंट का इस्तेमाल करता रहा है।

राजस्थान में 8 साल में 7 फाइटर जेट क्रैश

  • 12 फरवरी 2013: उत्तरलाई से महज 7 किमी. दूर अनाणियों की ढाणी कुड़ला के पास मिग-21 क्रैश, पायलट सुरक्षित।
  • 7 जून 2013: उत्तरलाई से 40 किमी. दूर सोडियार में मिग-21 क्रैश, पायलट सुरक्षित।
  • 15 जुलाई 2013: उत्तरलाई से 4 किमी. दूर बांदरा में मिग-27 क्रैश, पायलट सुरक्षित।
  • 27 जनवरी 2015: बाड़मेर के शिवकर रोड पर मिग-21 क्रैश, पायलट सुरक्षित।
  • 10 सितंबर 2016: मालियों की ढाणी बाड़मेर में मिग-21 क्रैश, पायलट सुरक्षित।
  • 15 मार्च 2017: शिवकर के पास सुखोई- 30 क्रैश, पायलट सुरक्षित।
  • 25 अगस्त 2021: मातासर भुरटिया में मिग-21 बाइसन क्रैश, पायलट सुरक्षित।
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