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MSP पर फसली उपज बेचने की तैयारी करें किसान:20 अक्टूबर से सरकार शुरू करेगी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, 868 केन्द्रों पर होगी खरीद; मूंग-उड़द-सोयाबीन 1 नवम्बर और मूंगफली 18 नवम्बर से खरीदी जाएगी

जयपुर2 महीने पहले
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कृषि मण्डी फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
कृषि मण्डी फाइल फोटो।

राजस्थान में MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन और मूंगफली की खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 20 अक्टूबर से सरकार शुरू करने जा रही है। 868 से ज्यादा खरीद केन्द्रों पर मूंग, उड़द और सोयाबीन की 1 नवम्बर और मूंगफली की 18 नवम्बर से खरीद की जाएगी।

सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बताया कि जिन केन्द्रों पर फसलों की खरीद की जाएगी, उनमें मूंग के लिए 357, उड़द के लिए 168 , मूंगफली के 257 और सोयाबीन के लिए 86 खरीद केन्द्र छांटे गए हैं। आंजना ने बताया कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था ई-मित्र और खरीद केन्द्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक की गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने मूंग की 3.61 लाख मीट्रिक टन, उड़द की 61807 मीट्रिक टन, सोयाबीन 2.93 लाख तथा मूंगफली 4.27 लाख मीट्रिक टन की खरीद के लक्ष्य की स्वीकृति दी है। रजिस्ट्रेशन के बिना किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीद संभव नहीं होगी।

उपज खरीद के ये रहेंगे भाव

आंजना ने बताया कि साल 2021-22 में मूंग के लिए 7275 रुपए, उड़द के लिए 6300 रुपए, मूंगफली के लिए 5550 रुपए ,सोयाबीन के लिए 3950 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए खरीद केन्द्रों पर जरूरत के मुताबिक तौल-कांटे लगाए जाएंगे और बारदाना भी मुहैया करवाया जाएगा।

ये रहेगा रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस

प्रमुख शासन सचिव सहकारिता दिनेश कुमार ने बताया कि किसान को जन आधार कार्ड नम्बर, खसरा गिरदावरी की कॉपी और बैंक पासबुक की कॉपी को रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ ऑनलाइन अपलोड करना होगा। जो किसान बिना गिरदावरी के अपना रजिस्ट्रेशन करवाएगा उसका रजिस्ट्रेशन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए वैलिड नहीं होगा। अगर ई-मित्र की ओर से गलत रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। तहसील के बाहर रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे, तो ऐसे ऎसे ई-मित्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। किसान एक जनआधार कार्ड में लिखे हुए नाम से ही गिरदावरी और रजिस्ट्रेशन करवा सकेगा। किसानों को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि जिस तहसील में खेती की जमीन है,उसी तहसील के कार्य क्षेत्र वाले खरीद केन्द्र पर उपज को बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं। दूसरी तहसील में रजिस्ट्रेशन करवाने पर वह वैलिड नहीं होगा।

रजिस्ट्रेशन के वक्त किसान रखें इस बात का ध्यान

राजफैड की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा ने बताया कि किसान रजिस्ट्रेशन करवाते वक्त यह पक्के तौर पर देख लें रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर से उनका जन आधार लिंक होना चाहिए। ताकि समय पर तुलाई की तारीख की सूचना उन्हें फोन से मिल सके। किसान अपने बैंक खाते का सही नम्बर दें, जिससे कि ऑनलाइन पेमेंट के दौरान कोई परेशानी नहीं आए। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 भी 20 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा।

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