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मंत्री मालवीय ने किया गुजरात का पानी रोकने का ऐलान:कुर्सी सम्भालते ही बोले- अब माही से नर्मदा का एक बूंद पानी नहीं जाने देंगे गुजरात

जयपुर7 महीने पहले
मंत्री मालवीय ने किया गुजरात का पानी रोकने का ऐलान

प्रदेश के नए जल संसाधन और इंदिरा गांधी नहर परियोजना मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने कुर्सी सम्भालते ही माही डैम से गुजरात जाने वाला नर्मदा नदी का पानी रोकने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा अब एक बूंद भी नर्मदा का पानी गुजरात नहीं जाने दिया जाएगा। ये 40 टीएमसी पानी रोककर राजस्थान को ही दिया जाएगा। इससे डूंगरपुर-बांसवाड़़ा जिले के किसानों को बड़ा फायदा होगा। मालवीय ने पिछले मंत्री उदयलाल आंजना का नाम लिए बिना कहा कि मुझसे पहले वाले मंत्री और सरकार ने क्या किया, वो मेरा विषय नहीं है। मैं तो अपने टाइम पर जो जिम्मेदारी आई है उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा।

गुजरात जाने वाला 40 टीएमसी पानी अब रोकेंगे

उदयलाल आंजना ने सचिवालय में विधिवत गणेश पूजा अर्चना कर कैबिनेट मंत्री का पद सम्भाला। जिसके तुरंत बाद मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने कहा कि मैंने पदभार ग्रहण करने से पहले ही विभाग के अधिकारियों की बैठक ली है। हम माही डैम से गुजरात जाने वाला 40 टीएमसी पानी अब रोकेंगे। क्योंकि यह समझौता दशकों पहले से किया हुआ है कि जब नर्मदा नदी का पानी गुजरात के खेड़़ा जिले में चला जाएगा। तो माही का पानी अपने आप गुजरात सरकार छोड़ देगी। नर्बदा का पानी खेड़ा में सालों पहले पहुंच चुका है। पुराने समय के समझौते के मुताबिक सरकार राजस्थान में ही वह 40 टीएमसी पानी लेगी।

पहले वाले मंत्री और सरकार ने क्या किया यह मेरा सब्जेक्ट नहीं

मालवीय ने कहा गुजरात से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह आते हैं, लेकिन यह डिस्कशन का लम्बा सब्जेक्ट होगा कि पानी अब तक क्यों नहीं रोका गया। केन्द्र में उनके सत्ता में आने के दशकों पहले से नर्मदा का पानी गुजरात जा रहा है। जब मीडिया ने पूछा कि प्रदेश में आपकी कांग्रेस सरकार लम्बे समय से रही है। मौजूदा सरकार को भी 3 साल हो रहे हैं। अब तक गुजरात जाने वाला पानी क्यों नहीं रोका गया। इस पर उन्होंने कहा पहले वाले मंत्री और सरकार ने क्या किया यह मेरा सब्जेक्ट नहीं है। मैं तो अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकता हूँ।

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में होगा रोके गए पानी का इस्तेमाल

दरअसल, राजस्थान और गुजरात सरकार के बीच 10 जनवरी 1966 को एक समझौता हुआ था,जिसमें गुजरात सरकार ने माही बांध के निर्माण के लिए 55 फीसदी लागत का पैसा दिया। जिसके बदले गुजरात को 40 टीएमसी पानी देने पर सहमति हुई। साथ ही समझौते की शर्त थी कि जब नर्मदा का पानी गुजरात के खेड़ा जिले में पहुंच जाएगा,तब गुजरात राजस्थान के माही बांध का पानी काम में नहीं लेगा। उस पानी का इस्तेमाल राजस्थान में ही होगा। सालों पहले नर्मदा का पानी खेड़ा तक पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद उस समझौते की पालना नहीं हो रही है। गुजरात अब तक माही के पानी पर अपना हक जताता आ रहा है।

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