रीट लेवल-1 में 14 प्रश्न-उत्तर विवादित,संशोधित रिजल्ट की मांग:हाईकोर्ट ने बोर्ड एडवोकेट को दिलवाई याचिका की कॉपी, 13 दिसम्बर को अगली सुनवाई

जयपुर6 महीने पहले
रीट लेवल-1 में 14 प्रश्न-उत्तर विवादित,संशोधित रिजल्ट की मांग

REET लेवल-1 परीक्षा के 14 विवादित प्रश्न-उत्तर के मामले में आज राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एडवोकेट को याचिका की कॉपी देने के आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 दिसम्बर को तय की है। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल की सिंगल बेंच में जितेन्द्र कुमार मीणा और अन्य 5 कैंडिडेट्स की याचिका पर यह सुनवाई हुई। आदेश पर बोर्ड के एडवोकेट विज्ञान शाह को याचिका की कॉपी दी गई है। प्रथम लेवल के 5 कैंडिडेट्स जितेन्द्र कुमार मीणा व अन्य ने याचिका लगाई है। उन्होंने अपने सही उत्तरों के लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और एनसीईआरटी की किताबों,मान्यता प्राप्त पुस्तकों,लेखकों के सबूत और रेफरेंस दिए हैं। याचिका में राजस्थान सरकार के शिक्षा सचिव, प्रारम्भिक शिक्षा बीकानेर के निदेशक, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के सचिव और रीट 2021 कॉर्डिनेटर को पार्टी बनाया गया है।

रामप्रताप सैनी,याचिकाकर्ता के वकील
रामप्रताप सैनी,याचिकाकर्ता के वकील

150 में से 14 प्रश्न बताए विवादित

याचिकाकर्ता के वकील रामप्रताप सैनी ने दैनिक भास्कर को जानकारी देते हुए बताया कि याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि 29 सितम्बर 2021 को हुई रीट लेवल-1 परीक्षा के प्रश्न पत्र में 150 में से लगभग 14 प्रश्नों के उत्तर विवादित हैं। जोकि याचिकाकर्ता ने सही किए,लेकिन बोर्ड ने गलत माना। इन विवादित प्रश्नों पर विशेषज्ञ कमेटी बनाकर जांच करवाने और याचिकाकर्ताओं को बोनस अंक देने की गुहार की गई है। याचिका में M सीरीज के प्रश्न नम्बर 11, 14, 15, 16, 23, 27, 49, 69, 89, 97, 100, 116, 123, 145 को विवादित बताया गया है।

याचिका
याचिका
विवादित प्रश्न - उत्तर
विवादित प्रश्न - उत्तर
विवादित प्रश्न - उत्तर
विवादित प्रश्न - उत्तर
विवादित प्रश्न-उत्तर पर बोनस अंक की मांग
विवादित प्रश्न-उत्तर पर बोनस अंक की मांग

संशोधित आंसर-की और नए सिरे से जारी हों परिणाम

16 नवम्बर 2021 से हाईकोर्ट में यह याचिका लगी हुई है। आज पहली सुनवाई हुई है। बोर्ड की आंसर की को चुनौती देते हुए कोर्ट से मांग की गई है कि बोर्ड की ओर से जारी आंसर की को निरस्त किया जाए। विवादित प्रश्न उत्तर की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से जो सबूत पेश किए गए हैं, उनके आधार पर संशोधित आंसर-की जारी की जाए। फिर नए सिरे से संशोधित परिणाम जारी किया जाए। जिन पेपर सेटर्स ने यह गलती की है, उन्हें भविष्य के लिए ब्लैक लिस्ट किया जाए। याचिकाकर्ता को बोनस अंक दिए जाएं।