मुखिया भी नहीं कर सके IAS का तबादला:दिल्ली में उजड़ेगा नेताओं का आशियाना, चुनावी साल के लिए रोके लैंड अलॉटमेंट

जयपुर7 महीने पहलेलेखक: गोवर्धन चौधरी
  • हर शनिवार पढ़िए और सुनिए- ब्यूरोक्रेसी और राजनीति से जुड़े अनसुने किस्से

प्रदेश के मुखिया की कार्यकर्ता वाले अंदाज में तारीफ करके ख्यात-कुख्यात हुए एक वरिष्ठ आईएएस अफसर का इस बार तबादला तय था। वरिष्ठ आईएएस के कामकाज से प्रदेश के मुखिया खुश नहीं बताए जा रहे। हवा का रुख भांपकर IAS ने क्रिकेट की राजनीति के सहारे डेमेज कंट्रोल कर लिया। हर कोई तबादला रुकने से अचंभित है, लेकिन दूर की सोचने वाले तोड़ निकाल ही लेते हैं। वरिष्ठ आईएएस अफसरी के साथ नेताओं वाला अंदाज भी रखते हैं।

समाजों के सैकड़ों जमीन आवंटन रोके, अब चुनावी साल में होंगे

सरकार में सामाजिक संस्थाओं के जमीन आवंटन की फाइलों को एक तरह से फ्रीज कर दिया है। 5-10 नहीं, 250 से ज्यादा जमीन आवंटन के मामलों को सरकार ने फिलहाल रोक दिया है। इनमें कोई घोटाला या गड़बड़ी नहीं है, सब कुछ ठीक है। पड़ताल में सामने आया कि किसी सलाहकार ने सलाह दी है कि समाजों को चुनावी साल में लाभार्थी बनाने का मैसेज देकर जमीन दी जाए, ताकि वोटों का फायदा हो सके। सलाहकार की सलाह के अनुसार चुनाव के आसपास अगर समाजों को जमीनें दी गई तो उन्हें याद रहेगा और वोट मिलेंगे। अब इसका फायदा कितना मिलेगाा, यह तो नहीं कह सकते, लेकिन देरी से नाराजगी बढ़ने का खतरा जरूर है।

जल्द टूटेगा दिल्ली का राजस्थान हाउस, नेताओं को दूसरा ठिकाना ढूंढना होगा

दिल्ली जाने वाले नेताओं को अब रुकने के लिए दूसरा ठिकाना ढूंढना होगा। लुटियंस जोन जैसे पॉश इलाके में बने राजस्थान हाउस को तोड़कर नया बनाने का काम शुरू हो रहा है। कुछ दिन बाद राजस्थान हाउस को पूरी तरह गिराकर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू होगा। पुरानी बिल्डिंग को गिराकर नया बनाने में दो साल का वक्त लगने की संभावना है। मतलब यह कि अब नई सरकार के वक्त ही नया राजस्थान हाउस बनकर तैयार होगा।

पूर्व संगठन मुखिया ने कट्टर विरोधी नेता के ट्वीट को रीट्ववीट क्यों किया ?

प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी के पूर्व संगठन मुखिया की नई भूमिका को लेकर लंबे समय से सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। सियासत में चर्चाओं के आधार पर कई बार नरेटिव बनते बिगड़ते हैं। इसी तरह की एक अपुष्ट चर्चा ने पार्टी हलकों में हड़कंप मचा दिया। देश की सबसे पुरानी पार्टी के कम्युनिकेशन हैड ने अपुष्ट चर्चा का तुरंत खंडन करते हुए ट्वीट किया। इस ट्वीट को सत्ताधारी पार्टी के पूर्व मुखिया ने रीट्वीट किया। कम्युनिकेशन हेड और पूर्व संगठन मुखिया के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। हाल के बरसों में यह पहली बार हुआ है जब कट्टर विरोधी के ट्वीट को रीट्वीट किया है, कहीं यह बर्फ पिघलने का संकेत तो नहीं?

मुखिया के खास मंत्री की भागवत में पूर्व सीएम-पूर्व डिप्टी सीएम

राजधानी से जुड़े सौम्य छवि वाले मंत्री की भागवत कथा भले ही धार्मिक आयोजन हो, लेकिन बड़े नेताओं का जमावड़ा सियासी कहानी कह रहा है। नेताजी प्रदेश के मुखिया के खास हैं। भागवत में पूर्व सीएम से लेकर पूर्व डिप्टी सीएम ने उपस्थिति दर्ज करवाई। अभी तक प्रदेश के मुखिया नहीं गए हैं। यह अलग बात है कि नेताजी उनके प्रतिनिधि के तौर पर ही राजधानी में धार्मिक आयोजनों का पुण्य ले रहे हैं। एक तरह से प्रदेश के मुखिया की तरफ से पूजा अर्चना से लेकर दर्शन तक कर जिम्मा उनके पास ही है। भागवत के आयोजन में जमीन कारोबारी भी पूरा पुण्य लाभ कमा रहे हैं।

सरकार के मुखिया के सलाहकार की संगठन के पूर्व मुखिया के स्वागत की दौड़ में

पिछले दिनों सत्ताधारी पार्टी के पूर्व मुखिया की डांग क्षेत्र की यात्रा कई मायनों में चर्चा में रही। स्टेशन पर स्वागत में उमड़ी भीड़ से ज्यादा चर्चा स्वागत के लिए दौड़ लगाते सत्ता के मुखिया के सलाहकार की रही। सलाहकार पहले युवा नेता के खेमे में थे, लेकिन बाद में राजयोग ने उन्हें प्रदेश के मुखिया के खेमे में खींच लिया। सलाहकार बने नेता अब पूर्व मुखिया की नाराजगी दूर करने के जतन कर रहे हैं। सियासत में अब परमानेंट दोस्ती दुश्मनी तो होती नहीं, इसलिए सलाहकार बर्फ पिघलने के इंतजार में है। यह अलग बात है कि बर्फ अभी पिघली नहीं है।

विधायक ने करवा दी थानेदार से लेकर आबकारी अफसरों की पेशी

मौजूदा सरकार में सत्ता के सहयोगी विधायकों का जलवा हर तरफ है। राजधानी के एक विधायक के रिश्तेदार की वाइन शॉप आठ बजे बाद भी खुलती है, इसकी शिकायत मिलने पर आबकारी और पुलिस ने रैड की। अब विधायक के रिश्तेदार की वाइन शॉप पर कार्रवाई करना आसान थोड़े ही है, तत्काल फोन पहुंच गए और रैड करने वाले उल्टे पांव लौट आए। विधायक ने पुलिस के बड़े अफसर के सामने थानेदार की पेशी करवा दी। पुलिस और आबकारी दोनों तक तक प्रोपर चैनल से मैसेज पहुंचा दिया है कि विधायक के रिश्तेदार की वाइन शॉप की तरफ देखना तक नहीं है।

इलेस्ट्रेशन : संजय डिमरी

वॉइस ओवर: प्रोड्यूसर राहुल बंसल

सुनी-सुनाई में पिछले सप्ताह भी थे कई किस्से, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

अफसर ने मंत्री का न्योता कैंसिल कराया:पैसे देकर मेंबर बनाए, नेताजी की पोल खुली; मुखिया-प्रभारी की पटरी नहीं बैठ रही

मंत्रियों पर भारी पड़ गया एक अफसर:नेता बनने की तैयारी में कलेक्टर; सीएम फेस वाले नेताओं के अरमानों पर फिरा पानी

महिला अफसर भिड़ीं, जूनियर ने कहा-हद में रहिए:ACB ट्रैप में फंसे अफसर, नींद नेता की उड़ी; AAP नेताओं से मिले सरकार के खास विधायक