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इंस्पेक्टर खुदकुशी मामला / सुसाइड नोट में लिखा- मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया, मैं बुजदिल नहीं था

सरकारी क्वार्टर में खुदकुशी करने वाले राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई वर्ष 1997 में पुलिस में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। फाइल फोटो सरकारी क्वार्टर में खुदकुशी करने वाले राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई वर्ष 1997 में पुलिस में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। फाइल फोटो
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सरकारी क्वार्टर में खुदकुशी करने वाले राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई वर्ष 1997 में पुलिस में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। फाइल फोटोसरकारी क्वार्टर में खुदकुशी करने वाले राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई वर्ष 1997 में पुलिस में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। फाइल फोटो

  • राजस्थान के चुरू में राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने क्वार्टर में फंदा लगाकर खुदकुशी की
  • सीआईडी क्राइम ब्रांच एसपी विकास शर्मा को सौंपी जांच, भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
  • पुलिस इंस्पेक्टर ने एक सुसाइड नोट चुरू एसपी और दूसरा अपने माता-पिता और भाई के नाम लिखा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 10:52 PM IST

जयपुर. जिले के राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई के सरकारी क्वार्टर में शनिवार तड़के फंदा लगाकर खुदकुशी करने के बाद अब उनके दो सुसाइड नोट सामने आए है। इनमें एक नोट उन्होंने अपने जिले की एसपी तेजस्विनी गौतम के नाम लिखा। इसमें उन्होंने लिखा- आदरणीय मैडम, माफ करना, प्लीज, मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वोत्तम देने का राजस्थान पुलिस को प्रयास किया। निवेदन है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मेरा गुनाहगार मैं स्वयं हूं। विश्नोई ने शनिवार अलसुबह अपने क्वार्टर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह काफी देर तक क्वार्टर से बाहर नहीं आने पर स्टॉफ ने दरवाजा खोलकर देखा तो खुदकुशी का पता चला।

खुदकुशी से पहले राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने एसपी चुरु के नाम सुसाइड नोट लिखा कि मैं बुजदिल नहीं था

भाई से ख्वाहिश लिखी मेरे दोनों बच्चों के लिए मेरा सपना पूरा करना, ये कायरों का काम है

इसी तरह, पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त ने दूसरा सुसाइड नोट अपने माता पिता के नाम से लिखा- आदरणीय मां पापा, मैं आपका गुनाहगार हूं। इस उम्र में दुख देकर जा रहा हूं। उमेश, मन्कू और लक्की मेरे पास कोई शब्द नहीं है। आपको बीच मझधार में छोड़कर जा रहा हूं। पता है ये कायरों का काम है बहुत कोशिश की खुद को संभालने की पर शायद गुरु महाराज ने इतनी सांस दी थी। उमेश दोनों बच्चों के लिए मेरा सपना पूरा करना। संदीप भाई पूरे परिवार को संभाल लेना प्लीज, मैं खुद गुनाहगार हूं। आप सबका विष्णु

खुदकुशी से पहले राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने दूसरा सुसाइड नोट माता पिता और भाई के नाम लिखा जिसमें दोनों बच्चों की देखभाल करने को कहा 

सीएमओ तक पहुंचा मामला, डीजीपी ने सीआईडी क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच

विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस मुख्यालय से पूरी रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने विश्नोई के आत्महत्या प्रकरण की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के एडीजी बीएल सोनी के निर्देशन में एसपी विकास शर्मा को सौंपी है। इसके बाद एसपी विकास शर्मा राजगढ़ के लिए रवाना हो गए। डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त पुलिस बेड़े के होनहार एवं सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों में से एक थे। उनके निधन से पूरा पुलिस परिवार आहत है। डीजीपी ने कहा कि इस दुखद घटना के बारे में कुछ लोग भ्रामक बातें फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। जो कि अनुचित है। यह उस जाबांज अधिकारी का अपमान है।

राजगढ़ थानाप्रभारी के खुदकुशी प्रकरण के बाद भाजपा नेताओं की अगुवाई में थाने के सामने धरने पर बैठ गए। वहां कांग्रेस विधायक के खिलाफ नारेबाजी की

सोशल एक्टिविस्ट से चैटिंग में कहा- अफसर कमजोर है, मुझे गंदी राजनीति में फंसाने की कोशिश हो रही है

खुदकुशी करने से पहले थानाप्रभारी ने एक सुसाइड नोट लिखा था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इसमें किसी के नाम का जिक्र नहीं है। इसके अलावा यह भी पता चला है कि खुदकुशी से एक दिन पहले इंस्पेक्टर विष्णु दत्त ने अपने परिचित सोशल एक्टिविस्ट से व्हाट्सएप पर चैटिंग की थी। इसमें लिखा था राजगढ़ में उन्हें गंदी राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश हो रही है। ऐसे में वह अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले हैं। यहां के ऑफिसर बहुत कमजोर है। इस व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।  मामले में डीजीपी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी। डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त एक अच्छे अफसर थे। हर कोई अधिकारी उन्हें अपनी टीम में लेना चाहता था। 

शनिवार को ही पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई चुरु जिले में हुई गैंगवार व फायरिंग हत्या केस में जांच करने गए थे

सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोवर, महकमे में एक तेज तर्रार व ईमानदार अफसर की छवि

विष्णुदत्त एक तेज तर्रार अफसर थे। पुलिस महकमे में सामाजिक नवाचारों को लेकर उनकी कार्यप्रणाली खासी चर्चाओं में रहती थी। उनकी लोकप्रियता का इसी से पता चलता है कि सोशल मीडिया पर उनके हजारों की संख्या में फॉलोवर थे। महकमे में विष्णुदत्त की एक ईमानदार छवि थी। वे मूल रुप से रायसिंहनगर, हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। वर्ष 1997 में पुलिस विभाग में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। उनके चाचा सुभाष विश्नोई भी एडिशनल एसपी रहे है।

मामले में गरमाई राजनीति, भाजपा और रालोप नेताओं ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड के बाद राजनीति भी गरमा गई है। घटना के बाद वहां पूर्व विधायक मनोज न्यांगली और पूर्व सांसद कस्वां राजगढ़ थाने पहुंचे। वहां धरने पर बैठ गए। स्थानीय लोगों ने कांग्रेस विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर कहा कि इस घटना ने कांग्रेस सरकार के सिस्टम पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। राज्य सरकार तुरंत मामले की जांच करवाकर घटना के पीछे की हकीकत से पर्दा हटाएं।
वहीं, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने तत्काल इस गम्भीर घटना की वस्तुस्थिति जांचने के लिए उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ एवं सांसद राहुल कस्वां को राजगढ़ भेजा। डाॅ. पूनियां ने कहा कि थानाधिकारी की आत्महत्या एक गम्भीर घटना है और यह हमारी व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रही है। सरकार को इसकी जांच करवा कर तथ्यों का पता लगाना चाहिए कि ऐसे क्या कारण रहे की एक थानाधिकारी को आत्महत्या करनी पड़ी। इसी तरह से रालोप से सांसद हनुमान बेनीवाल ने मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की।

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