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जेईई परीक्षा का दूसरा दिन:रायपुर में सुबह 5 बजे ही सेंटर पर पहुंच गए छात्र, जयपुर में कम जिलों में सेंटर होने से छात्र-पैरेंट्स नाराज और परेशान

जयपुर2 वर्ष पहले
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यह फोटो जयपुर के आर्य इंजीनियरिंग कॉलेज की। यहां थर्मल स्कैनिंग के बाद ही स्टूडेंट्स को एंट्री दी गई। - Dainik Bhaskar
यह फोटो जयपुर के आर्य इंजीनियरिंग कॉलेज की। यहां थर्मल स्कैनिंग के बाद ही स्टूडेंट्स को एंट्री दी गई।
  • परीक्षा दो पालियों में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 3 से शाम 6 बजे के बीच हो रही है

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई-मेन्स) का बुधवार को दूसरा दिन है। परीक्षा छह सितंबर तक होगी। इसके लिए देशभर में 660 परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं। पहले दिन करीब 65-70% छात्र परीक्षा में शामिल हुए। हालांकि, इसका आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिला है। परीक्षा में 8.58 लाख स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन है। परीक्षा दो पालियों में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 3 से शाम 6 बजे के बीच हो रही है।

राजस्थान: 9 जिलों में ही जेईई के 19 सेंटर, छात्रों को सफर करने में मुश्किल

राजस्थान के 33 जिलों में से केवल 9 जिलों में ही जेईई मेंस के लिए 19 सेंटर बनाए गए हैं। यानी 24 जिलों के छात्रों को दूसरे शहरों में परीक्षा देने के लिए जाना पड़ा। कई स्टूडेंट्स को एग्जाम देने के लिए 250 से 300 किमी दूर जाना पड़ेगा। सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि बसें और ट्रेनें सीमित संख्या में ही चल रही हैं। इसकी वजह से सेंटर पर पहुंचना भी अपने आप में एक चुनौती है। इसको लेकर पैरेंट्स और छात्र दोनों परेशान हैं।

कोरोना के चलते एक दिन पहले आकर होटल में रुकना संभव नहीं हो पा रहा है। जयपुर में 4 सेंटरों पर परीक्षा ली जा रही है। बुधवार से बीई-बीटेक की परीक्षाएं होंगी। कल राजस्थान में पहली शिफ्ट में 1079 बच्चों ने परीक्षा दी थी। दूसरी शिफ्ट में 897 स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया।

जयपुर में सेंटर के बाहर मौजूद स्टूडेंट्स के परिजन। उनका कहना है कि सेंटर ज्यादा बनाए जाने चाहिए।
जयपुर में सेंटर के बाहर मौजूद स्टूडेंट्स के परिजन। उनका कहना है कि सेंटर ज्यादा बनाए जाने चाहिए।

छत्तीसगढ़: रायपुर में रात में ही छात्र सेंटर्स पर पहुंच गए, पहले दिन 42% ने परीक्षा छोड़ी

राज्य में तीन शहरों में ही जेईई की परीक्षा हो रही है। रायपुर में सिर्फ सरोना में एक सेंटर बनाया गया है। पहले दिन 42% छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी। बुधवार को बीटेक एंट्रेस एग्जाम देने परीक्षार्थी सेंटर पर पहुंचे। पहली पाली में सुबह 9 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी। इसके लिए 2 घंटे पहले छात्रों को पहुंचना था। कई छात्र सारी रात सफर कर सीधा एग्जाम सेंटर पहुंचे थे। सफर की थकान और परीक्षा का तनाव उनके चेहरे पर दिखाई दे रहा था। एग्जाम सेंटर्स में लाउडस्पीकर से स्टूडेंट्स को रूल्स समझाए गए।

रायपुर स्थित एग्जाम सेंटर में अंदर जाने से पहले सभी डॉक्यूमेंट और जरूरी चीजों की जांच करते स्टूडेंट्स और उनके परिजन।
रायपुर स्थित एग्जाम सेंटर में अंदर जाने से पहले सभी डॉक्यूमेंट और जरूरी चीजों की जांच करते स्टूडेंट्स और उनके परिजन।

झारखंड: सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सेंटर में दिया प्रवेश

राजधानी रांची समेत राज्यभर के 10 सेंटरों पर दूसरे दिन जेईई मेन्स एग्जाम बुधवार को 9 बजे से शुरू हो गई। रांची में एग्जाम के लिए दो सेंटर बनाए गए हैं। छात्रों को 7 बजे से ही सोशल डिस्टेंसिंग के तहत सेंटर में एंट्री दी गई। पैरेंट्स ने कहा कि एग्जाम तो जरूरी था। एग्जाम सेंटर पर सुबह छात्र पांच बजे से ही पहुंचने शुरू हो गए थे।

रांची में छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एग्जाम सेंटर के अंदर प्रवेश दिया गया।
रांची में छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एग्जाम सेंटर के अंदर प्रवेश दिया गया।

मध्य प्रदेश: ग्वालियर से अपनी गाड़ी बुक करके परीक्षा देने इंदौर पहुंचे

मोहित शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में फ्री परिवहन की जानकारी ऑनलाइन सबमिट की, पर कोई व्यवस्था नहीं की गई।
मोहित शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में फ्री परिवहन की जानकारी ऑनलाइन सबमिट की, पर कोई व्यवस्था नहीं की गई।

इंदौर में जेईई मेंस की परीक्षा के दूसरे दिन शहर के तीन सेंटरों में परीक्षा आयोजित की गई। इंदौर में 6 दिनों में करीब 8 हजार बच्चे परीक्षा देंगे। मुख्यमंत्री के फ्री परिवहन की घोषणा का मिला-जुला रिएक्शन दिखाई दिया। ग्वालियर से इंदौर एग्जाम देने पहुंचे मोहित शर्मा तो फ्री परिवहन की बात सुनते ही उखड़ से गए। उन्होंने कहा कि फ्री परिवहन के लिए ऑनलाइन जानकारी सबमिट की। न तो शाम तक किसी का फोन आया न कोई व्यवस्था की गई।

मोहित ने बताया कि वो खुद ही ट्रैवल एजेंट के पास गए, उसे पैसे दिए और रात 8 बजे रवाना हुए और सीधे परीक्षा देने सेंटर पर पहुंचे।

इंदौर में सैनिटाइजेशन के बाद ही छात्रों को भीतर जाने दिया गया। यहां सभी सेंटर में सैनिटाइजेशन मशीन लगी थी।
इंदौर में सैनिटाइजेशन के बाद ही छात्रों को भीतर जाने दिया गया। यहां सभी सेंटर में सैनिटाइजेशन मशीन लगी थी।
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