कुमार विश्वास का गहलोत पर तंज, फिर तारीफ:बोले- पांच ​MLA एक साथ बाथरूम चले जाएं तो गहलोत बाहर कुर्सी लगा लेते हैं

जयपुर9 महीने पहले
डॉ. कुमार विश्वास।

नेताओं पर बेबाक तंज कसने के लिए मशहूर मंचीय कवि कुमार विश्वास की नागपुर के खासदार सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान की गई टिप्पणियों की गूंज राजस्थान के सियासी हलकों तक पहुंच गई है। नागपुर में कविता पाठ करते हुए कुमार विश्वास ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भला आदमी बताते हुए सियासी संकट के वक्त विधायकों की बाड़ेबंदी पर इशारों में कटाक्ष किया। कुमार विश्वास की पत्नी ​को गहलोत राज में ही राजस्थान लोक सेवा आयोग का मेंबर बनाया गया है। कुमार विश्वास ने कहा- 'बेचारे कांग्रेसियों की तीन सरकारें आई थीं। एक छत्तीसगढ़ में, एक राजस्थान में और एक मध्यप्रदेश में, वह भी इन भाजपाइयों से सहन नहीं हुईं। ऐसा जीना नरक कर दिया उनका, वो बेचारे अशोक गहलोत इतने भले आदमी हैं, उनकी यह हालत कर रखी है इन भाजपाइयों ने कि अगर पांच एमएलए एक साथ बाथरूम चले जाएं तो गहलोत साहब बाथरूम के बाहर कुर्सी लगा लेते हैं। इस आशंका में कि कहीं पीछे की खिड़की से अमित भाई निकाल कर तो नहीं ले गए! भाई, यह कोई तरीका नहीं है। उन बेचारों को भी अवसर दीजिए लोकतंत्र में। मैं राजनीतिक वंचितों के साथ हूं।'

कुमार विश्वास ने तीन दिन पहले नागपुर में खासदार सांस्कृतिक महोत्सव में कविता पाठ करते हुए ये सियासी टिप्पणी की थी। कुमार विश्वास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी तारीफ करते हुए कई कटाक्ष किए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि थे।

कन्हैया कुमार पर नाम लिए बिना तंज
कुमार विश्वास ने नाम लिए बिना हाल ही कांग्रेस में शामिल हुए जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर भी तंज कसा। कन्हैया कुमार ने कहा- 'अमित शाह के गृह मंत्री बनने से पहले दिल्ली में कई लोग कहते थे, हमें चाहिए आजादी, अब कोई नहीं कह रहा। चूंकि उन्हें पता है यह होम डिलीवरी भी करा सकता हैं।'

विश्वास की पत्नी कांग्रेस राज में आरपीएससी सदस्य बनीं, इसलिए उनके तंज की सियासी हलकों में ज्यादा चर्चा

कुमार विश्वास कवि सम्मेलनों में नेताओं पर तंज कसते रहते हैं, लेकिन उन्होंने जिस अंदाज में सीएम अशोक गहलोत की तारीफ के साथ उन पर कटाक्ष किए हैं उसकी सियासी हलकों में खूब चर्चाएं हो रही हैं। नागपुर के कवि सम्मेलन में की गई कुमार विश्वास की टिप्पणियों की गूंज कांग्रेसी हलकों में इसलिए ज्यादा है कि उनकी पत्नी कांग्रेस राज में ही राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्य बनी हैं। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राहुल गांधी ही कांग्रेस में लेकर आए। कुमार विश्वास ने जेएनयू और जामिया में लगने वाले आजादी के नारों पर भी तंज कसकर एक तरह से राहुल गांधी पर भी सवाल उठा दिए।

आप सह लेते हैं तो हम कह लेते हैं
इसी कवि सम्मेलन में पीएम मोदी, अमित शाह, सीएम गहलोत पर सियासी कटाक्ष करने के बाद कुमार विश्वास ने नितिन गडकरी से मुखातिब होकर यह भी कहा कि आप सह लेते हैं तो हम कह लेते हैं। यह टिप्पणी करके कुमार विश्वास ने राजस्थान के संदर्भ में भी बयान को जस्टिफाई करने का प्रयास किया।

विश्वास की पत्नी को मेंबर बनाने पर कांग्रेस में उठे थे सवाल
कुमार विश्वास ने 2014 में राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ा था। उस वक्त उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कुछ हल्की सियासी टिप्पणियां की थीं। कुमार विश्वास की पत्नी को जब आरपीएससी सदस्य बनाया गया था तब कांग्रेस के एक गुट ने पुरानी टिप्पणियों का हवाला देकर गहलोत के फैसले पर सवाल उठाए थे। कुमार विश्वास की हालिया टिप्पणियों से एक बार फिर कांग्रेस के भीतर सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।

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