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महलों में रहने वाली गायत्री देवी बदबूदार कोठरी में रहीं:C ग्रेड कैदियों की तरह जेल में रखा गया; छापों में मिला था सोने का भंडार

जयपुर5 महीने पहलेलेखक: गोवर्धन चौधरी

11 फरवरी 1975। जयपुर की महारानी और दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं में शामिल गायत्री देवी अपने आलीशान घर 'लिलीपूल' की छत पर योग करने के बाद नाश्ते के लिए बैठी थीं। तभी उनके सर्वेंट आए और कहा कि कुछ अजनबी लोग आपसे मिलना चाहते हैं। गायत्री देवी ने उन अजनबियों को अंदर बुला लिया। अंदर आते ही उन लोगों ने कहा- 'हम इनकम टैक्स ऑफिसर्स हैं और आपके घर की सर्चिंग करने आए हैं।'

'गो अहेड'(आगे बढ़िए)। गायत्री देवी ने उन अफसरों को जवाब दिया और कहा- 'मुझे कुछ लोगों से मिलना है, मैं जा रही हूं।' इनकम टैक्स ऑफिसर्स ने कहा- कोई कहीं नहीं जा सकता। छानबीन चल ही रही थी, तभी एक फोन से पता चला कि जयपुर राजघराने के महल सिटी पैलेस, मोती डूंगरी पैलेस, रामबाग पैलेस होटल, राजमहल, दिल्ली स्थित सांसद निवास पर इनकम टैक्स के छापे पड़े हैं। इसके दो दिन बाद जयपुर के जयगढ़ किले पर भी इनकम टैक्स ने छापा मारा। ये छापे कई दिनों तक चले।

इसके कुछ ही महीनों बाद 25 जून 1975 को भारत में इमरजेंसी लगा दी गई। इस दौरान पूरे देश में एक किस्सा बेहद प्रचलित हुआ कि आपातकाल के दौरान जयपुर राजघराने पर छापे में मिला बहुत सारा सोना-चांदी और खजाना जब्त करके ट्रकों से दिल्ली ले जाया गया, हालांकि इसकी कभी पुष्टि नहीं हुई।

गायत्री देवी जयपुर स्थित अपने लिलिपूल महल में। यहीं पर उनका सामना इनकम टैक्स ऑफिसर्स से हुआ था।
गायत्री देवी जयपुर स्थित अपने लिलिपूल महल में। यहीं पर उनका सामना इनकम टैक्स ऑफिसर्स से हुआ था।

उस आपातकाल को 47 बरस हो रहे हैं। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे देश में इमरजेंसी लगाकर रातों-रात विपक्ष के नेताओं को जेलों में डाल दिया था। पूरे देश में इमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों के किस्से आज भी कहे और सुने जाते हैं। राजस्थान का भी इमरजेंसी से अनचाहा रिश्ता है।

राजस्थान में इमरजेंसी लगते ही जनसंघ और तमाम विरोधी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं में शामिल जयपुर की पूर्व महारानी गायत्री देवी को भी आपातकाल में जेल भेजा गया था। गायत्री देवी ने अपनी किताब- ए प्रिंसेज रिमेंबर्स में आपातकाल में उनकी गिरफ्तारी से लेकर 156 दिन जेल में रखे जाने का ब्यौरा दिया है।

गायत्री देवी उस वक्त स्वतंत्र पार्टी की सांसद थीं और इंदिरा गांधी की कट्‌टर आलाेचक मानी जाती थीं। उन्हें आपातकाल लगने के महीने भर बाद दिल्ली के सांसद निवास से गिरफ्तार किया गया था। एक महीने तक वे मुंबई में होने के कारण गिरफ्तारी से बची हुई थीं। गायत्री देवी ने अपनी किताब में लिखा है- 'मैं जब संसद पहुंची तो विपक्ष की सीटें खाली थीं। मुझे देखकर कांग्रेस के सांसद अचंभित थे, क्योंकि विपक्ष के सभी नेता गिरफ्तार किए जा चुके थे।'

'सांसद निवास पहुंचते ही कुछ देर बाद पुलिसवाले आए, उन्होंने गिरफ्तारी का वारंट दिखाया। पुलिस वालों ने न टेलीफोन करने दिया, न वकील से मिलने दिया और सीधे थाने ले गए। तीन घंटे थाने में रखने के बाद तिहाड़ जेल ले गए।' गायत्री देवी ने लिखा है- इंदिरा गांधी ने बदला लेने के लिए बिना कानूनी कार्रवाई के ही दूसरे कई लोगों की तरह मुझे भी जेल में रखा।

कम्युनिस्ट नेता स्वामीनाथन ने अपना पलंग दिया
गायत्री देवी को तिहाड़ जेल के जिस कमरे में शिफ्ट किया गया, उस कमरे में पहले से ही रेडिकल कम्युनिस्ट नेता श्रीलता स्वामीनाथन को रखा गया था। आसपास की नालियों से इस कमरे तक बदबू आती थी। इस कमरे में केवल एक पलंग था। श्रीलता ने गायत्री देवी को वह पलंग दे दिया और खुद फर्श पर सोईं।

गायत्री देवी ने अपनी किताब ए प्रिसेंस रिमेम्बर्स में लिखा है- पहली रात तो सो नहीं सकी। यह सोचती रही कि मुझे क्यों पकड़ा गया? कब तक जेल में रहना पड़ेगा और कब अपने वकीलों से सलाह ले सकूंगी ? दूसरे दिन सुबह चाय दी गई और पूछा गया कि कौनसा अखबार पढ़ेंगी? मैंने सभी अखबार मांगे तो देखा कि वे सभी सेंसर्ड थे। मुझे जेल में सी कैटेगरी के कैदियों की तरह रखा और ऊपर की अनुमति से 'बी' कैटेगरी का भोजन दिया जाता था।

गायत्री देवी ने विजयराजे सिंधिया के लिए पर्दा लगाकर सोने की व्यवस्था की
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की मां और जनसंघ की सांसद विजयाराजे सिंधिया को भी आपातकाल में तिहाड़ जेल में रखा गया था। गायत्री देवी के पास ही जेल की एक सेल में विजयाराजे सिंधिया को रखा गया।

गायत्री देवी अपनी किताब में लिखती हैं- अगस्त का महीना था। बरसात शुरू हो चुकी थी। जेल की कोठरी में भयानक उमस थी। विजयाराजे सिंधिया मेरे कमरे के बाहर बरामदे में सोना चाहती थीं। गायत्री देवी ने एक पर्दा लगवाकर उनके सोने की व्यवस्था की।

महल के फर्श के नीचे मिला था सोने के सिक्कों का भंडार
गायत्री देवी ने अपनी किताब द प्रिंसेस रिमेम्बर्स में लिखा है कि फरवरी में इनकम टैक्स छापों के दौरान मोती डूंगरी महल में फर्श के नीचे सोने के सिक्कों का भंडार मिला था। इनकम टैक्स अफसर भी इतना बड़ा खजाना देखकर दंग रह गए थे। इसकी रिपोर्ट तत्काल दिल्ली भेजी गई।

जयपुर का मोती डूंगरी पैलेस। गायत्री देवी ने अपनी किताब में लिखा है कि यहां छापे में ऑफिसर्स को सोने के सिक्कों का भंडार मिला था।
जयपुर का मोती डूंगरी पैलेस। गायत्री देवी ने अपनी किताब में लिखा है कि यहां छापे में ऑफिसर्स को सोने के सिक्कों का भंडार मिला था।

गायत्री देवी ने इन छापों को लेकर अपनी किताब में विस्तार से जिक्र किया है। गायत्री देवी ने लिखा है यह सोना जयपुर रियासत की ट्रेजरी का था। इस सोने को जयपुर रियासत के विलय से पहले ही नाहरगढ़ से मोती डूंगरी शिफ्ट किया गया था। इस सोने का जयपुर रियासत के अंतिम बजट में पूरा लेखा जोखा है।