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कांग्रेस का लखीमपुर मार्च टला:यूपी बॉर्डर तक पैदल मार्च करने के बाद लौटे कांग्रेसी, डोटासरा बोले- प्रियंका गांधी को रिहा कर दिया गया, अब लखीमपुर नहीं जाएंगे

जयपुर2 महीने पहले
ऊंचा नंगला बॉर्डर की तरफ जाता कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा का काफिला।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के विरोध में राजस्थान कांग्रेस के नेताओं ने यूपी बॉर्डर पर पहुंचकर पैदल मार्च टाल दिया। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भरतपुर जिले के ऊंचा नगला बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक पैदल मार्च निकालने की घोषणा की थी, लेकिन बॉर्डर पर पहुंचने के बाद लखीमपुर खीरी तक पैदल मार्च टालने की घोषणा कर दी। डोटासरा ने कहा कि प्रियंका गांधी को रिहा कर दिया गया इसलिए अब वह लखीमपुर खीरी नहीं जाएंगे। कांग्रेस नेता बॉर्डर पर सभा करके और पुतला दह दहन करके वापस लौट गए।

कांग्रेस ने कल ही लखीमपुर खीरी तक पैदल मार्च की घोषणा की थी। इसके लिए कल से तैयारियां शुरू कर दी थी। भरतपुर के प्रभारी सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने बुधवार को ही बैठकें लेकर कार्यकर्ताओं को पैदल मार्च की जिम्मेदारी दी थी। कांग्रेस नेता ऊंचा नगला बॉर्डर पहुंचे तो यूपी पुलिस ने किसी को नहीं रोका, कांग्रेस नेताओं ने खुद ही लखीमपुर खीरी तक पैदल मार्च टाल दिया। इससे पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा काफिले के साथ जयपुर से भरतपुर पहुंचे। एक सभा करने के बाद यूपी बॉर्डर तक गए।

डोटासरा बोले- किसानों के दर्द पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी
कांग्रेस प्रदेश्यााध्यक्ष गोविंद सिंह ​​​डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस किसान नरसंहार में पीड़ित परिवारों साथ खड़ी है। यूपी की बीजेपी सरकार ने संवदेनहीनता की हदें पार कर दी। पीड़ित किसानों से मिलकर संवेदना जताने जा रहे नेताओं के साथ जिस तरह का बर्ताव यूपी सरकार ने किया वह पूरे देश ने देखा है।

कांग्रेस का हर कार्यकर्ता इस वक्त पीड़ित किसानों के साथ खड़ा है। किसानों के दुख में हम चुपचाप नहीं बैठ सकते।

पहले कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी देने का प्लान बनाया था लेकिन फिर टाला

कांग्रेस नेताओं ने पहले यूपी बॉर्डर पार नहीं करने देने पर गिरफ्तारी देने का प्लान बनाया था, बाद में इसे टाल दिया गया। यूपी बॉर्डर पर प्रदर्शन और सभा के बाद कांग्रेस नेता वापस लौट गए। कांग्रेस नेता आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन जारी रख सकते हैं। कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया था। आगे भी कांग्रेस इस मुद्दे को जोर शोर से उठाने की रणनीति बना रही है।

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