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खाकी-खादी में टकराव:सालासर जा रहे महाराष्ट्र विधायक को नो एंट्री में भारी पड़े सीकर पुलिस के दर्शन, पूर्व एमएलए पिता सहित 5 गिरफ्तार, साढ़े चार घंटे बाद छोड़ा

सीकर4 महीने पहले
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विधायक काे ले जाते हुए पुलिसकर्मी। - Dainik Bhaskar
विधायक काे ले जाते हुए पुलिसकर्मी।
  • विधायक - ऐसा बर्ताव ताे मर्डर करने वाले आरोपी के साथ भी नहीं हाेता, यहां क्याें आएंगे टूरिस्ट
  • पुलिस - विधायक और उसके परिजनाें ने ट्रैफिककर्मियाें से मारपीट की और वर्दी फाड़ी
  • जयपुर से परिवार-रिश्तेदारों के साथ बस किराए पर लेकर राजस्थान घूमने निकले थे विधायक कीर्ति कुमार

रास्ता भटकी बस को बजाज सर्किल पर खड़ी पुलिस ने नो एंट्री पर नहीं रोका, ड्राइवर ने आगे रास्ता पूछा तो चालान काट दिया, 20 मिनट से ज्यादा लगा दिए तो विधायक ने नीचे उतर कर कारण पूछा, यहीं से शुरू हुआ खाकी-खादी में टकराव

नियमों के नाम पर वर्दी की धौंस दिखाकर पुलिस ने महाराष्ट्र की चिमूर विधानसभा के विधायक से अभद्रता की। यहां तक कि विधायक सहित पांच को गिरफ्तार भी कर लिया। दरअसल शहर में बजरंग कांटा से लेकर कल्याण सर्किल तक कहीं भी नो एंट्री का कोई बोर्ड नहीं है।

इसके बावजूद परिवार व परिचितों के साथ सालासर जा रहे महाराष्ट्र की चिमूर विधानसभा के विधायक कीर्ति कुमार भागड़िया की बस का ट्रैफिक पुलिस ने एसके कॉलेज के पास चालान काटा। जबकि इससे पहले बस काे बजरंग कांटा चाैराहे के पास राेका जा सकता था। दिलचस्प यह है कि पुलिस के पास ऑनलाइन चालान की भी व्यवस्था है, ऐसे में बस को रोकने की जरूरत नहीं थी।

बस चालक लेखराज ने चालान न काटने की गुहार लगाते हुए कहा कि वह नया है और गलती से नाे एंट्री में आ गया। पुलिस ने उसका 500 रुपए का चालान काट दिया। आरोप है कि इसके बाद ट्रैफिककर्मी चालक काे एसके गर्ल्स कॉलेज ले गया और लाइसेंस जब्त कर लिया। इधर, 25 मिनट बाद भी जब चालक नहीं लाैटा ताे विधायक कीर्ति कुमार और उसके पिता पूर्व विधायक मितेश कुमार सहित पांच लाेग बस से उतर महिला ट्रैफिककर्मी के पास पहुंचे और चालक के बारे में पूछा।

पूर्व विधायक मितेश का कहना है कि महिला ट्रैफिककर्मी ने पहचान बताने के बाद भी उनसे अभद्रता की। इस पर उसके साथ माैजूद लाेग भी गुस्सा हो गए। मितेश का कहना है कि चालान काट दिया था ताे ट्रैफिककर्मी ने लाइसेंस क्याें रख लिया। इसके बाद काेतवाली पुलिस माैके पर पहुंची और उनके साथ गलत व्यवहार करते हुए थाने ले गई।

इधर, पुलिस का कहना है कि विधायक तथा उसके साथ माैजूद लाेगाें ने महिला ट्रैफिककर्मी कमला काे घेर लिया था। हैड कांस्टेबल गिरधारीलाल से लाइसेंस छीनने का प्रयास किया और मारपीट कर उसकी वर्दी फाड़ दी। उसकी बनियान तक फट गई थी। गिरधारीलाल ने काॅलेज में घुसकर अपनी जान बचाई थी।

इस पर माैके पर हंगामा करते मिले पांच लाेग विधायक कीर्ति कुमार तथा उसके पिता मितेश पुत्र गाेटूलाल भागड़िया, भाई श्रीकांत तथा अंकित व सुशील काेठारी काे शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। जिनकाे साढे़ चार घंटे बाद जमानत पर छाेड़ दिया।

हैडकांस्टेबल ने लगाया विधायक के परिजनों पर मारपीट का आरोप।
हैडकांस्टेबल ने लगाया विधायक के परिजनों पर मारपीट का आरोप।

पीएचक्यू जाएगी पत्रावली
पुलिस मामले के बारे में पीएचक्यू काे लिखेगी। यहां से पत्रावली जाने पर प्रकरण की जांच सीअाईडी सीबी काे साैंपी जाएगी। क्याेंकि विधायक के खिलाफ किसी थाने में मुकदमा दर्ज हाेने के बाद उसकी जांच लाेकल पुलिस के बजाय इन्हीं काे साैंपी जाती है।

  • शांतिभंग में पांच लाेगाें काे गिरफ्तार किया था। उसमें एक विधायक थे। जिनकाे काेर्ट द्वारा जमानत पर रिहा किया गया है। नियमानुसार अनुसंधान जारी है। - कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी

2 बड़े सवाल : जब ऑनलाइन चालान काट सकते हैं तो बस को रोका क्यों, परिचय पत्र दिखाने के बावजूद एक जनप्रतिनिधि का अपमान क्यों

विधायक के परिजन व पुलिसकर्मी आपस में उलझते हुए।
विधायक के परिजन व पुलिसकर्मी आपस में उलझते हुए।

पुलिस सख्ती करे, लेकिन खुद की गलती भी तो देखे
जयपुर रोड, बजरंग कांटा से एंट्री करने पर शहर में नो एंट्री का बोर्ड ही नहीं तो अनजान वाहन चालक की क्या गलती?‌
बजाज सर्किल पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है, फिर यह बस वहां से आगे कैसे बढ़ गई? ड्राइवर का कहना है, वहां पुलिसकर्मी से उसने सालासर का रास्ता पूछा। उसने आगे बढ़ने का इशारा किया।
सबसे बड़ा सवाल आखिर सीसीटीवी फुटेज जारी क्यों नहीं?
जब भी बड़ी घटना होती है तो पुलिस खुद मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज जारी करती है, फिर इस घटना से जुड़े फुटेज जारी क्यों नहीं किए गए? विधायक के पिता मितेश ने मीडिया से कहा-पुलिस फुटेज जारी करे पता चल जाएगा पहल किसने की थी।

साढे़ चार घंटे परेशान हाेते रहे 42 लाेग, जिनमें बच्चे भी शामिल थे
विधायक के रिश्तेदार हैदराबाद निवासी रामकिशन ने बताया कि बस में उनके साथ 42 लाेग शामिल थे। इनमें 15 पुरुष, 20 महिलाएं और करीब 10 बच्चे थे। दाेपहर 12.30 बजे उनकी बस काे रुकवाया गया था। ट्रैफिक वालाें ने कहा कि बस खाली कराे। इसकाे थाने में लेकर जाना है। पुलिस की वजह से हमें साढ़े चार घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी।

विधायक कीर्ति कुमार का कहना है कि ट्रैफिककर्मियाें काे विधायक हाेने की आईडी दिखाई थी। पुलिस ने आते ही इनकाे गाड़ी में डाल लिया। पूछा तक नहीं। जबकि ऐसा ताे मर्डर और दूसरे अपराध करने वालाें के साथ भी नहीं हाेता। यदि पुलिस ही ऐसा बर्ताव करेगी ताे यहां टूरिस्ट क्याें आएगा। इधर, हैड कांस्टेबल गिरधारी सिंह और कांस्टेबल कमला के अनुसार बस से उतरने के बाद वे लाेग उग्र हाे गए थे।

बदसलूकी की और मारपीट करने लगे थे। जिनके खिलाफ काेतवाली में रिपाेर्ट दी गई है। बस के चालक लेखराज के अनुसार डिपाे तिराहे से अंदर आने के दाैरान उसने वहां माैजूद एक महिला ट्रेफिककर्मी से रास्ता पूछा ताे उसने इशारा करते हुए बस काे इधर से ले जाने की बात कही थी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के फाेन पर भाजपा नेता पहुंचे, जमानत कराई
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने सीकर के भाजपा नेताओं काे फाेन किया। इस पर वे माैके पर पहुंचे और विधायक सहित उसके पिता व बाकी लाेगाें की जमानत करवाई। विधायक कीर्ति कुमार का कहना है कि मामले काे वे आगे तक लेकर जाएंगे।
राजस्थान में कानून-व्यवस्था का जंगलराज : भारद्वाज
भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने महाराष्ट्र विधायक के साथ पुलिस की बदसलूकी की घटना को लेकर कहा कि राजस्थान में अब जंगलराज जैसा माहौल है। अधिकारी अपनी मर्जी कर रहे हैं। कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची। विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं। परिवार के साथ बाहर से घूमने आने वालों पर पुलिस सख्ती दिखाती है, जबकि गुंडे-बदमाश खुले आम वारदात कर रहे हैं।

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