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टोने-टोटके की आड़ में दरिंदगी:पीड़िता को कमरे से वीडियो कॉल करता और बोलता-मैं जन्नत में हूं

पाली6 महीने पहले
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रोशन बाबा का जन्नत महल - Dainik Bhaskar
रोशन बाबा का जन्नत महल
  • महिला से 16 माह तक मुख्य आरोपी और एक शागिर्द दरिंदगी करते रहे, 45 लाख ठगे, वही पीड़िता के बेटे को मारना चाहते थे
  • टोटकेबाज को आऊवा में ठिकाना देने वाला कथित मौलवी भी हुआ गिरफ्तार

गड़े धन के लालच में टोटकेबाज और उसका चेला 16 महीने तक सामूहिक दरिंदगी, 45 लाख रुपए ठगने के बाद उसके इकलौते बेटे को भी मार देना चाहते थे। पत्थरों से सोना बनाने का झांसा देते हुए मुख्य आरोपी राेशन बाबा उर्फ साजिद सिद्धीकी ने उसे समझाने की कोशिश की कि यदि उसने 10 साल के बेटे की बलि दी तो पत्थर सोना बनने लगेगा और करोड़ों रुपए कमा सकेगी। यह भी कहा था कि पत्थर बेचने से उसे 3 कराेड़ 20 लाख रुपए मिलेंगे। हालांकि पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया था। ठगी के इस मामले में वसील कादरी की भूमिका सामने आने पर सीओ साेजत डाॅ. हेमंत जाखड़ ने मंगलवार को उसे भी गिरफ्तार कर लिया। वसील भी अपने आपकाे माैलवी कहता है। यह वही शख्स है, जिसने आऊवा में मुख्य आरोपी राेशन बाबा को घर में ठिकाना दे रखा था। वह रिश्तेदार भी है।

रोशन वर्ष 2014 से 2020 तक वसील कादरी के साथ ही रहा। बता दें कि जमीन में गड़ा साेना व धन निकालने के लालच और टोने-टोटके की आड़ में महिलाओं से दरिंदगी करने वाले आराेपी राेशन बाबा उर्फ साजिद सिद्दीकी काे सिरियारी पुलिस ने काेर्ट के आदेश पर रिमांड पर लिया है। शागिर्द राजू और आरिफ को जेल भेज दिया।

मौलवी वसीम, ग्राउंड फ्लोर में रहता है।
मौलवी वसीम, ग्राउंड फ्लोर में रहता है।

जन्नत महल में ऐशो-आराम की सभी चीजें

राेशन बाबा रात के समय पीड़िता काे वीडियाे काॅल करके अपने कमरे काे दिखा कर कहता कि देखाे, मैं जन्नत में पहुंच गया हूं और फिर लाैट आता हूं। तुम्हारा बेटा भी मर कर लाैट आएगा। यह कमरा आऊवा गांव में उसने अपने रिश्तेदार माैलवी वसील कादरी के मकान में बना रखा था, जिसे जन्नत महल कहता था। यहां ऐशो-आराम की तमाम चीजें थीं। रात के समय लाइट इफेक्ट भी था। वह वीडियाे काॅल रात के समय ही करता था।

रोशन उर्फ साजिद 4 साल सिरियारी में मौलवी रहा

राेशन बाबा, पहले माले पर रहता था।
राेशन बाबा, पहले माले पर रहता था।

मूलतया बिहार के सहरसा जिले में सलखुआं का रहने वाला राेशन बाबा उर्फ साजिद सिद्धकी खुद को माैलवी और तांत्रिक बताता है। वह 2010 से 2014 तक सिरियारी की मस्जिद में माैलवी रहा, लेकिन कारगुजारियां देख समाज के सदर अल्ला बख्श समेत अन्य लाेगाें ने भगा दिया, तभी से आऊवा में वसील कादरी के पास आ गया था। मकान के नीचे हिस्से में परिवार के साथ रहता है।

पॉलिश वाले पत्थर दिखाकर कहता था- देखो सोना बन गया

आराेपी तांत्रिक ने पत्थराें पर पर ऐसे पाॅलिश कर रखी थी, जिससे लगे कि पत्थर साेने का है।
आराेपी तांत्रिक ने पत्थराें पर पर ऐसे पाॅलिश कर रखी थी, जिससे लगे कि पत्थर साेने का है।

राेशन बाबा ने चेले राजू व आरिफ की मदद से पीड़िता के कमरे में खुदाई करवाई थी और पीड़िता काे दिखाए बगैर गड्ढे से मिट्टी बाेरी में भरी और उसमें कुछ पत्थर रख गए। उनमें कुछ पत्थर पर साेने जैसे विशेष केमिकल की पाॅलिश कराई थी, ताकि पीड़िता बाेरी खाेल कर देखे ताे यकीन हाे जाए कि पत्थर साेने का रूप ले रहे हैं। इसकी आड़ में आराेपी तांत्रिक व उसका चेला राजू 16 माह तक रात के समय टाेना-टाेटका की आड़ में पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म करते रहे और उससे 45 लाख रुपए भी हड़प लिए।