निखिल ने रोडीज़ क्यों छोड़ा, क्यों दी गालियां:राहुल द्रविड़ के साथ पढ़े, बताया- वो क्यों तेंदुलकर-कोहली से बेस्ट

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: वैभव माथुर

निखिल चिनप्पा…फेमस वीजे-डीजे। MTV के पॉपुलर रियलिटी शो रोडीज़ के सबसे खतरनाक जजेज में से एक।

  • शो के ऑडिशन के दौरान किसी कंटेस्टेंट से नाराज होते तो टीवी पर डायलॉग कम, बीप का साउंड ज्यादा आता…
  • एक बार एक कंटेस्टेंट ने साथी कंटेस्टेंट गर्ल के कपड़ों को लेकर भद्‌दा कमेंट किया तो निखिल गुस्से में उसकी तरफ बढ़े, लेकिन शो के दूसरे जज रणविजय ने उन्हें रोक लिया
  • एक बार एक कंटेस्टेट से इतने गुस्सा हुए कि टेबल पर कोल्ड-ड्रिंक की बोतल तोड़ी। ऑडिशन का फॉर्म फाड़कर फेंका और उसके बाद सिर्फ बीप-बीप की आवाज।

निखिल के करियर की कहानी दिलचस्प है…

बचपन में खुद पिता की तरह आर्मी में जाना चाहते हैं, घरवाले चाहते थे डॉक्टर बने। फाइनली निखिल ने तय किया आर्किटेक्ट बनेंगे, लेकिन जब फाइनल ईयर में थे तो इंडिया में लॉन्च हो गया MTV और निखिल बन गए VJ(वीडियो जॉकी)।

भास्कर ने निखिल से कई मुद्दों को लेकर बात की…

  • उन्होंने, रणविजय, नेहा, प्रिंस और रफ्तार ने एक साथ रोडीज़ शो क्यों छोड़ दिया?
  • क्या वे और बाकी 4 दोबारा रोडीज़ में दिखेंगे?
  • टीवी पर इतनी गालियां क्यों देते थे?
  • गालियां दी तो क्या कभी किसी ने पलटकर मारने की धमकी दी?
  • क्यों अपने साथ पढ़े राहुल द्रविड़ को वो सचिन-कोहली से ग्रेट मानते हैं?
  • क्या ब्लूटिक के लिए ट्विटर को 8 डॉलर देंगे?

पढ़िए पूरा इंटरव्यू

सवाल: रोडीज़ के लाखों फैन जानना चाहते हैं आप, रणविजय, नेहा, प्रिंस, रफ्तार…आप सबने एक साथ शो क्यों छोड़ दिया?
निखिल :
हमने छोड़ा नहीं था, चैनल का डिसीजन था कि वो शो का फॉरमेट चेंज करना चाहते हैं, वैसे आप देखें तो शुरू से अब तक शो के फॉरमेट में कई बदलाव हुए हैं। उनका आइडिया था कि एक्स रोडीज़ और नए रोडीज़ एक दूसरे के खिलाफ कंपीट करेंगे। नए फॉरमेट के हिसाब से गैंग लीडर्स की जरूरत नहीं थी। इस वजह से शो का फॉरमेट बदला गया।

सवाल : आपने और रघु ने इंडियन टीवी पर एब्यूजिव लैंग्वेज की शुरुआत की। इतनी गालियां क्यों देते थे?
निखिल :
रोडीज़ के चौथे सीजन में मुझे जज के तौर पर इनवाइट किया गया था। उस वक्त मैंने सोचा कि मैं जिसका भी इंटरव्यू लूंगा, ईमानदारी से उस इंसान के बारे में अपनी राय बताऊंगा। उससे ज्यादा मैंने कुछ नहीं सोचा था, उस वक्त।
जब भी कोई बकवास करता था तो मैं उसी तरह से जवाब देता था, भूल जाता था कि उस वक्त मेरे सामने कोई कैमरा है।
गलत लैंग्वेज को या गालियों को टीवी पर बीप कर दिया जाता था, इसलिए हमें हमें आजादी थी, वो बोलने की, जो हम सोचते थे या महसूस करते थे।

सवाल : क्या टीवी पर इस तरह गालियां निकालना ठीक था?
निखिल :
नॉर्मली भी आप देखेंगे जब लोग स्कूल या कॉलेज में बात करते हैं तो ऐसे ही लैंग्वेज में बात करते हैं, ये अलग बात है कि शायद ऐसी लैंग्वेज टीवी पर इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। खास बात ये है कि ज्यादातर बार उस कंटेस्टेंट के बारे में लोग भी वहीं सोच रहे होते थे, जो मैं कह रहा होता था या रघु कह रहा होता था।

सवाल : क्या गालियां निकालने पर किसी कंटेस्टेंट ने आपको धमकी भी दी ?
निखिल :
नहीं ऐसा तो कभी नहीं हुआ। दरअसल, ज्यादातर लोगों को पता नहीं है कि रोडीज़ के ऑडिशन होते हैं वो करीब बार 40 से 60 मिनट तक के होते हैं। टीवी पर वो एडिट होकर 5 से 6 मिनट का टेलीकास्ट होता है। हम पूरे वक्त कंटेस्टेंट पर चिल्ला ही नहीं रहे होते थे, हम उसे समझाते थे कि उसपर गुस्सा क्यों हो रहे हैं। हमारा पॉइंट ऑफ व्यू क्या है। ज्यादातर इंटरव्यू का एंड अच्छे नोट पर होता था।

सवाल : आपने चुनिंदा फिल्में ही की हैं, इसकी कोई खास वजह?
निखिल :
मैंने जितनी भी फिल्में की हैं, दोस्तों के लिए ही की है। मैं अपने आपको एक्टर मानता भी नहीं हूं, हालांकि मैं एक्टिंग को काफी एंजॉय करता हूं। ज्यादा फिल्में नहीं करता, क्योंकि मैं म्यूजिक के फील्ड में काफी काम कर रहा हूं। 2007 में मैंने सनबर्न शुरू किया था, इसके बाद 2013 में वीएच-1 सुपरसोनिक। हालांकि फिल्मों का दरवाजा बंद नहीं किया है, अगर कोई रोल हाेता है, जो एक्साइटिंग लगे तो मैं तैयार हूं।

सवाल : महिलाओं की सुरक्षा बड़ा इश्यू है। घर हो या वर्क प्लेस, महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। आपको क्या लगता है, इसकी क्या वजह है?
निखिल :
जब तक पूरी दुनिया में मां-बाप अपने 2 साल के बेटे को सिखाएंगे नहीं कि लड़कियों की इज्जत कैसे की जाती है, ये प्रॉब्लम जाएगी नहीं। ये प्रॉब्लम टीनएज, कॉलेज या ऑफिस में शुरू नहीं होती। न इसकी वजह, फिल्में, वेस्टर्न कल्चर या किताबें हैं।
इस प्रॉब्लम की वजह परवरिश है। आपके मां-बाप घर में एक दूसरे के साथ कैसा बर्ताव करते हैं, वैसा ही बच्चे सीखते हैं।

सवाल : क्या आप ब्लू टिक के लिए 8 डॉलर देंगे?
निखिल :
मैं तो बिल्कुल दूंगा, ब्लू टिक के लिए नहीं, लेकिन इसके साथ जो एंटरटेनमेंट आता है, उसके लिए। इसके अलावा ब्लू टिक से ज्यादा मतलब नहीं है। अगर कोई और मेरे नाम से प्रोफाइल बनाता है, बन जाए निखिल चिनप्पा, मुझे दिक्कत नहीं है।

सवाल : आपके प्रोफाइल के साथ एक वर्ड आता है EDM, इसके बारे में बताइए?
निखिल :
EDM का फुलफॉर्म है इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक। ये बहुत वाइड रेंज को कवर करता है। जैसे क्लासिक म्यूजिक एक टर्म हैं, जो बहुत तरह के म्यूजिक को कवर करता है। EDM टेक्नो, हाउस म्यूजिक, इंडस्ट्रियल टेक्नो जैसे कई म्यूजिक को कवर करता है। मैं इन सब में इंट्रेस्ट हूं, क्योंकि म्यूजिक मुझे जिंदा रखता है।

सवाल : क्या आपका बिग बॉस में जाने का प्लान है?
निखिल :
बिल्कुल नहीं। हालांकि उन्होंने कई बार अप्रोच किया है, लेकिन मेरा अभी वहां जाने का इरादा नहीं है, या शायद कभी नहीं।

सवाल : कॅरियर की शुरुआत कैसे हुई?
निखिल:
जब मैं कॉलेज में था तो मैंने ज्यादा क्लासेज अटेंड नहीं की। मुझे दूसरी एक्टिविटीज में ज्यादा इंटरेस्ट था। मैंने कॉलेज के टाइम पर थिएटर में काम किया, बतौर साउंड इंजीनियर। उस समय बैंगलोर में कई प्रोडक्शन थे, जो लाइव सिंगिंग और लाइव म्यूजिक में काम करते थे। मैंने वहां साउंड इंजीनियर के तौर पर काम किया। मैंने उस वक्त रेडियो में भी काम किया। इसके बाद चेन्नई में एफएम पर 1 घंटे का डेली शो किया। इसके बाद मैंने कई शो और पब में बतौर प्रजेंटर काम किया।

सवाल : एमटीवी का सफर कैसे शुरू हुआ?
निखिल:
1997 में एमटीवी ने वीजे हंट अनाउंस किया था। उस वक्त मैं फाइनल ईयर था तो सोचा ट्राई कर लेते हैं। हालांकि मैंने सोचा नहीं था कि मैं सिलेक्ट हो जाऊंगा, क्योंकि उस वक्त एमटीवी के जो वीजे थे वो सारे सुपर मॉडल जैसे थे। हालांकि ये धारणा तोड़ने का क्रेडिट जाता है साइरस ब्रोचा का। जब मैंने सायरस को देखा तो मुझे लगा ये बंदा तो सुपर मॉडल जैसा नहीं है।

सवाल : क्या आप वीगन हैं?
जवाब :
नहीं, मैंने काफी हद तक मीट छोड़ दिया है, लेकिन मैं वीगन नहीं हूं। मैं अंडे खाता हूं, बटर खाता हूं। सुबह भी चाय के साथ 3 बूंद दूध चाहिए ही। लेकिन मैं वीगन कल्चर को समझता हूं और इसे सपोर्ट करता हूं।

सवाल : अपने आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बताइए, आपके फैन आपको दोबारा कब टीवी पर देख पाएंगे?
जवाब :
टीवी का तो पता नहीं, क्योंकि मैं टीवी पर करियर बनाने के पीछे भाग भी नहीं रहा हूं। म्यूजिक मेरा पैशन है, अभी उसी में काम कर रहा हूं। अभी वीएच-1 सुपरसोनिक के साथ काम कर रहा हूं। इंडिया में कई म्यूजिक फेस्टिवल हो रहे हैं, उन्हें होस्ट कर रहा हूं, इसके अलावा मीडिल ईस्ट में भी एक नया म्यूजिक फेस्टिवल शुरू करने की बात चल रही है।

ग्राफिक्स : तरुण शर्मा

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