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राजस्थान कांग्रेस में कलह:पायलट-राहुल की मुलाकात के बाद 32 दिन पुराना सियासी ड्रामा खत्म; यूं चला राजनीतिक घटनाक्रम

जयपुर2 महीने पहले
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट।
  • सचिन को सबसे ज्यादा नुकसान, प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम का पद गंवाया
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मजबूत छवि बनकर उभरी

दिल्ली में सचिन पायलट और राहुल गांधी की सोमवार को दिल्ली में मुलाकात के बाद राजस्थान कांग्रेस में पिछले 32 दिनों से चल रही कलह खत्म हो गई है। पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा बाड़ेबंदी से निकलकर जयपुर आए और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले। इस घटनाक्रम में सचिन पायलट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, डिप्टी सीएम के पद के साथ पार्टी में विश्वसनीयता भी गंवाई। वहीं, अशोक गहलोत की मजबूत छवि उभर कर आई। सचिन पायलट और मुख्यमंत्री गहलोत के बीच विवाद की शुरुआत दो साल पहले कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही हो गई थी जब साल 2018 में पार्टी ने गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया। पायलेट का दावा था कि चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा गया तो वे सीएम पद के दावेदार हैं। लेकिन, हाल ही शुरू हुए झगड़े की कब और कैसे शुरुआत हुई नजर डालते हैं -

10 जुलाई - गहलोत बोले- भाजपा हमारी सरकार गिराना चाहती है
सीएम अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि बीजेपी हमारी सरकार गिराने में लगी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सचिन पायलट भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो गहलोत ने इस सवाल को टालने के बजाय साफतौर पर कह दिया कि 'कौन नहीं चाहता मुख्यमंत्री बनना।

11 जुलाई- पायलट आए दिल्ली, कांग्रेस से दूरी बनाई
कांग्रेस की अंदरूनी फूट सामने आ गई। 10 जुलाई को एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट व सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी को बयान देने के लिए नोटिस जारी किया। पायलट इस नोटिस के बाद दिल्‍ली निकल आए और मीडिया से संपर्क भी खत्‍म कर दिया। उनके साथ राजस्‍थान कांग्रेस के बागी 24 विधायक हरियाणा पहुंच गए।

12 जुलाई को जागा कांग्रेस आलाकमान
राजस्थान में पार्टी के अंदर जारी कलह पर कांग्रेस आलाकमान जागी। 12 जुलाई को लगातार अशोक गहलोत राजनीतिक उठापटक पर चर्चा के लिए कई नेताओं से मिले। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्‍बल ने राजस्‍थान के हालात से चिंतित होकर रविवार सुबह एक ट्वीट किया। उन्‍होंने लिखा, "अपनी पार्टी के लिए चिंतित हूं, क्या घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे?" कांग्रेस आलाकमान ने दिल्‍ली से रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन को जयपुर भेजने का फैसला किया।

13 जुलाई को गहलोत का शक्ति प्रदर्शन

पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई गई। इसके लिए कांग्रेस विधायकों को व्हिप जारी किया गया। व्हिप को लेकर दोनों नेताओं का खेमा अलग-अलग दावे कर रहा था। बैठक में पायलट खेमे के विधायक नहीं पहुंचे। गहलोत ने सीएम आवास पर विधायकों की बैठ बुलाई। इसमें 107 विधायक पहुंचे। मीडिया के सामने शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद बाड़ाबंदी शुरू हुई और सभी विधायकों को होटल रवाना कर दिया गया।

पायलट को मनाने की कोशिश
कांग्रेस बीजेपी पर सरकार गिराने का आरोप लगा रही थी और हर हाल में नाराज सचिन पायलट को मनाने में लगी थी। प्रियंका गांधी ने पायलट से बात की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर पर लगे पायलट के पोस्‍टर हटा दिए गए लेकिन प्रियंका की बातचीत के बाद फिर लगा दिए गए।

बीजेपी से परोक्ष रूप से पायलट को भेजा न्योता
बीजेपी ने सचिन पायलट के लिए अपने दरवाजे खोल दिए। प्रदेश के कई बीजेपी नेताओं ने कहा कि बीजेपी की विचारधारा में विश्वास जताने वाले किसी भी नेता के लिए पार्टी के द्वार खुले हुए हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘‘कोई भी बड़े जनाधार वाला नेता किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होना चाहे तो उसका स्वागत किया जाता है. हमारी विचारधारा में विश्वास जताकर कोई यदि हमसे जुड़ता है तो हम खुले हाथों से उसका स्वागत करेंगे. यह एक सामान्य प्रक्रिया है.’’

14 जुलाई- सचिन पायलट को पद से हटाया गया
दोबारा बुलाई गई विधायक दल की बैठक में बागी विधायक नहीं पहुंचे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने महेश जोशी की शिकायत पर बागी विधायकों को विधानसभा सदस्यता खत्म करने को लेकर नोटिस जारी किए। कांग्रेस ने सचिन पायलट को डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया। इसके साथ ही पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और खाद्य मंत्री रमेश मीणा को भी पद से हटा दिया गया। सचिन पायलट की जगह पर प्रदेश कांग्रेस की कमान शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपी गई।

राहुल गांधी ने कहा- पार्टी छोड़कर जाने वालों से डरने की जरूरत नहीं
राजस्थान में सचिन पायलट समेत लगभग डेढ़ दर्जन कांग्रेस विधायकों की बगावत के बीच कांग्रेस छोड़ कर जाने वाले नेताओं को लेकर राहुल गांधी का कड़ा रुख सामने आया। पार्टी के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, जिसे जाना है जाएगा, पार्टी छोड़ कर जाने वालों से डरने की जरूरत नहीं है।

सचिन पायलट ने कहा- बीजेपी में नहीं जाऊंगा
इस बीच सचिन पायलट का बयान आया जिसमें उन्होंने साफ किया कि वे बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे। उनका कहना है कि कुछ नेताओं ने गलत अफवाहें फैलाई। उन्होंने कहा, राजस्थान में कांग्रेस की वापसी के लिए मैंने बहुत मेहनत की है।

पायलट को पदों से हटाए जाने पर कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी
पायलट को पद से हटाए जाने के तुरंत बाद एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने पद से इस्तीफा दे दिया। पूनिया ने कहा कि युवक कांग्रेस, राष्ट्रीय भारतीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और सेवा दल में विभिन्न पदों पर रहे लगभग 400 से 500 सदस्यों ने ताजा घटनाक्रम के विरोध में इस्तीफा दे दिया है।

पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में 50 से ज्यादा कांग्रेसजनों ने भी अपने नेता पर कार्रवाई के खिलाफ इस्तीफा दे दिया। पाली जिला कांग्रेस अध्यक्ष चुन्नीलाल चादवास ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वहीं दौसा में मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किए गए। कई पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर अपने पद से इस्तीफे दिए। इसके बाद से पायलट खेमे के लोग वीडियो जारी कर अपनी बात रखते रहे हैं। वे कहते रहे हैं कि उनकी नाराजगी पार्टी से नहीं बल्कि नेतृत्व से है, मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके से है।

पायलट के समर्थन में कम विधायक रहे

पायलट खेमे में 3 निर्दलीयों समेत कुल 25 विधायक थे। मगर इनमें से 3 कांग्रेस विधायकों ने उनका साथ छोड़ दिया। ऐसे में पायलट गुट में 22 विधायक ही बचे। 8 गुर्जर विधायकों में से 5 दूर रहे ... कांग्रेस पार्टी में सचिन पायलट सहित कुल 8 गुर्जर विधायक हैं। इनमें बसपा से शामिल जोगेंदर सिंह अवाना, पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह, जीआर खटाणा, इंद्राज सिंह गुर्जर, खेल मंत्री अशोक चांदना, शकुंतला रावत एवं राजेंद्र विधूड़ी हैं। पायलट के साथ सिर्फ दो विधायक खटाणा और इंद्राज ही रह गए हैं। 3 कांग्रेस विधायक साथ थे, फिर लौटे... चेतन डूडी, दानिश अबरार, रोहित बोहरा (अब ये सीएम गहलोत के खेमे में शामिल हो गए हैं) 3 निर्दलीयों का ही समर्थन मिला... पायलट समर्थकों को उम्मीद थी कि उनके खेमे में 13 निर्दलीयों में से कम से कम आधे आ जाएंगे। मगर 3 ही आए। बीटीपी के दो तटस्थ की भूमिका में आ गए। वहीं, सीपीएम के एक विधायक ने खुलकर गहलोत का समर्थन कर दिया।

16 जुलाई - ऑडियो जारी
विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने और इसके सबूत होने के सीएम अशोक गहलोत के दावे के एक दिन बाद उनके ओएसडी ने 3 ऑडियो जारी किए। दावा है कि इनमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह, कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा व विश्वेंद्र तथा दलाल संजय सौदेबाजी कर रहे हैं। दूसरी ओर, गजेंद्र सिंह व भंवरलाल ने कहा- बगावत के कारण इस समय सरकार बौखलाई हुई है, मुख्यमंत्री गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा अपने आदमियों से ये फर्जी ऑडियो तैयार करा रहे हैं।

17 जुलाई - गजेंद्र सिंह और विधायक भंवर लाल पर राजद्रोह का केस लगाया
भंवर लाल और विश्वेंद्र कांग्रेस से निलंबित किए गए। दलाल संजय गिरफ्तार। भाजपा ने आरोप लगाया कि ऑडियो फर्जी तथा इन्हें सीएम आवास पर बनाया गया।

18 जुलाई फोन टैपिंग पर केंद्र ने चीफ सेक्रेटरी से जवाब मांगा

विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में एसओजी दिल्ली पहुंचती तो पायलट खेमा गायब मिला। गहलोत पर हमला बोलते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं कुछ लोग बिना तथ्यों के भ्रम फैला रहे हैं। मैं 3 दशक से पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा करती आई हूं। पार्टी के साथ खड़ी हूं। कांग्रेस अपने कलह का दोष भाजपा पर मढ़ रही है। इसका नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है। दलाल संजय को एसओजी की 4 दिन की रिमांड पर भेजा गया।

20 जुलाई को सीएम ने लगाया फंडिंग का आरोप
मुंबई के कॉरपोरेट हाउस सचिन पायलट की फंडिंग कर रहे हैं। सीएम गहलोत से पहले कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने भी सचिन पायलट पर गंभीर आरोप लगाए। मलिंगा ने कहा कि बीजेपी ने उनसे कभी संपर्क नहीं किया लेकिन सचिन पायलट ने उन्हें कांग्रेस से बीजेपी में लाने के लिए 35 करोड़ रुपए की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। मलिंगा ने कहा कि घटना दिसंबर और फिर राजस्थान राज्यसभा चुनाव से पहले हुई।

21 जुलाई - पायलट ने मलिंगा को भेजा नोटिस

धौलपुर जिले के बाड़ी से कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को सचिन पायलट ने मंगलवार को लीगल नोटिस भेजा। आरोप-प्रत्यारोंपों के बीच लीगल नोटिस भेजा गया।

23 जुलाई को एससी का स्पीकर को झटका

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की एसएलपी पर सुनवाई करते हुए सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को जारी अयोग्यता नोटिस मामले में सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट के दखल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। गहलोत बोले बहुमत हमारे साथ विधानसभा सत्र जल्द होगा।

24 जुलाई बागियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक
हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 19 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई से रोका। हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार को मामले में पक्षकार बनाने संबंधी पायलट की याचिका भी मंजूर कर ली। गहलोत सहित सभा विधायकों का राजभवन पर विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर धरना।
25 जुलाई - बसपा ने अपने छह विधायकों को व्हिप जारी कर कांग्रेस के खिलाफ वोट देने को कहा। सरकार ने राज्यपाल को सत्र बुलाने का संशोधित प्रस्ताव भेजा लेकिन फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया।

26 जुलाई - राज्यपाल ने सत्र के लिए सरकार की दूसरी अर्जी भी लौटाई। कहा, 21 दिन का नोटिस दें।

27 जुलाई - रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि पायलट खेमे के 3 विधायक उनके संपर्क में हैं। ये तीनों 48 घंटे में जयपुर पहुंच जाएंगे। वहीं पायलट खेमा बोला गहलोत खेमे के 13 विधायक हमार संपर्क में। बसपा विधायकों के विलय मामले में हाईकोर्ट ने कहा, सारहीन है भजपा की याचिका।

28 जुलाई - सरकार ने सत्र बुलाने के लिए तीसरी अर्जी भेजी। कांग्रेस बोली राज्यपाल मानसिक रूप से बीमार। बसपा विधायकों के कांग्रेस में मर्जर की अर्जी खारिज होने पर मदन दिलावर ने दो अर्जियां कोर्ट में लगाईं।

29 जुलाई - राज्यपाल सत्र के लिए माने

बोले नियमों के तहत सत्र बुलाया तो मैंने मंजूरी दी। बसपा ने अपने विधायकों की कांग्रेस में विलय को हाईकोर्ट में चुनौती दी। डोटासरा के कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने पर पायलट ने उन्हें बधाई दी। डोटासरा बोले उम्मीद है आप कांग्रेस के साथ खड़े होंगे।

30 जुलाई
हाईकोर्ट ने बसपा के विधायकों के मर्जर मामले में स्पीकर को नोटिस भेजकर 11 अगस्त तक मांगा जवाब। गहलोत बोले जिस रात विधानसभा सत्र की तारीख तय हुई उसी रात हॉर्स ट्रेडिंग के भाव बढ़ गए। पहले 10, 15, 25 करोड़ थे अब अनलिमिटेड हो गए। वैभव गहलोत और स्पीकर जोशी की बातचीत का वीडियो वायरल। इसमें जोशी बोले 30 आदमी भी निकल जाते तो आप कुछ नहीं कर सकते थे।

1 अगस्त
सरकार की बाड़ेबंदी जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह की आवाज के नमूने लेने के लिए सीएमएम कोर्ट में अर्जी दी गई।

2 अगस्त
गहलोत बोले धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल समेत कई मंत्री सरकार गिराने में लगे हैं। बोले बागी विधायकों को आलाकमान माफ कर देगा तो मैं गले लगा लूंगा। वहीं राज्यपाल बोले सरकार होटलों से काम कर रही है यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण

5 अगस्त
एसओजी ने विधायक खरीद फरोख्त मामले में राजद्रोह की धारा हटाई।

6 अगस्त
हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एकल पीठ को बसपा मर्जर मामले में 11 अगस्त को फैसला सुनाने का आदेश दिया।

7 अगस्त
विधायक खरीद फरोख्त मामले में दर्ज तीनों केस में एसओजी ने एफआर लगाई। भाजपा की बाड़ेबंदीशुरू। 12 विधायक गुजरात भेजे

8 अगस्त
भाजपा ने 6 और विधायक गुजरात भेजे, पार्टी बोली हमारी 40 विधायकों को लालच दे रही कांग्रेस

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