गहलोत बोले- मोदी का घमंड बोल रहा है:बीजेपी ने आनन-फानन जयपुर में मीटिंग रखी यह उनकी घबराहट

जयपुर8 महीने पहले

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल बीजेपी सरकार की तैयारी वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि यह वो नहीं बोल रहे, यह उनका अहम और घमंड बोल रहा है। गहलोत ने कहा- प्रधानमंत्रीजी बोले हैं, मुझे आश्चर्य है। जिस तरह आज तनाव का माहौल है, दंगे भड़क रहे हैं। हमारा आरोप तो बीजेपी और आरएसएस पर है। इनकी एकतरफा सोच है। इसी कारण से तनाव पैदा होता है, योजनाबद्ध तरीके से दंगे होते हैं। गहलोत राजस्थान आर्केटेक्चर फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

गहलोत ने कहा- जहां तक बात 25 वर्ष की सत्ता की बात कही कि हम सत्ता में रहेंगे, ये तो भविष्यवक्ता कोई है नहीं। डेमोक्रेसी में भविष्यवाणी कोई नहीं कर सकता है, कल क्या मूड हो जनता का, कोई नहीं कह सकता है। इसलिए ये उनका अहम और घमंड बोल रहा है, वो खुद नहीं बोल रहे हैं ये मेरा मानना है और इसका जवाब जनता खुद देगी समय आने पर। राजस्थान में जो योजना बनाई वे बेमिसाल हैं, किसी राज्य में ऐसी योजना नहीं बनी जैसी हमने राजस्थान में बनाई है। चहुंमुखी विकास हो, यह ध्येय है और इसे लेकर नरेटिव बनाना है। ये आज जिस प्रकार से घबराकर आनन-फानन में मीटिंग की,जैसे ही उदयपुर में चिंतन शिविर हुआ और ये यहां पर अनाउंसमेंट कर दिया और बैठ गए आकर। प्रधानमंत्री जी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे हैं, ये तमाम इनकी घबराहट का परिचायक है। मेरा मानना है कि अब जो ये अहम और घमंड में बात कर रहे हैं 25 साल की, पहले 50 साल की की थी, 50 साल से 25 साल पर आ गए अब ये और थोड़े दिन बाद में 25 साल से और 5 साल पर आ जाएंगे, देखते हैं कि क्या करते हैं।

गहलोत बोले- मेरी बेटी को राजस्थान सरकार ने एडमिशन नहीं दिया था

आर्केटेक्चर फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आर्किटेक्ट के लिए राजस्थान सरकार प्रयास करेगी। मेरा खुद का अनुभव है क्योंकि मेरी बेटी आर्किटेक्ट है। राजस्थान में एक घटना ने मेरी सोच बदल दी। जब मैं सासंद और केंद्रीय मंत्री था, तब मेरे बेटे और बेटी के एडमिशन की बात आई तो राजस्थान सरकार ने मना कर दिया । राजस्थान सरकार ने कहा कि आपको एडमिशन नहीं मिल सकता क्योंकि आप यहां के मूलनिवासी नहीं हो आप दिल्ली रहते हो। मैंने कहा कि मेरी कॉन्स्टीट्यूएंसी जोधपुर है, एमपी बन गया इसलिए दिल्ली रहता हूं, डोमिसाइल कैसे नहीं हुआ। यहां एडमिशन नहीं मिला इसलिए उन्हें पुणे भेजना पड़ा। इसके दो साल बाद खुद सीएम बन गया। पहला काम मैंने अनुभव से यह किया कि प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों को अनुमति दी। पहले हमारे स्टूडेंट्स को तमिलनाडू, महाराष्ट्र जाना पड़ता था।

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