गहलोत के सलाहकार का उन्हीं के विभाग के खिलाफ मोर्चा:संयम लोढ़ा ने CM के विभाग के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

जयपुर3 महीने पहले

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार और सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने अब उन्हीं के विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयम लोढ़ा ने विधानसभा में घोषणा के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर गृह विभाग और राजस्व विभाग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। लोढ़ा ने कल ही विधानसभा सचिव को दोनों विभागों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस सौंपे हैंं। अब विधानसभा सचिवालय आगे का प्रोसेस शुरू करेगा।

गृह विभाग के खिलाफ पेश किए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस में सिरोही जिले के बरलूट में हत्या के मामले में निर्दोष व्यक्ति को फंसाकर जेल भेजने के मामले में कार्रवाई नहीं होने को आधार बनाया है। सयंम लोढ़ा ने कहा हकि 15 मार्च को विधानसभा में बरलूट मामले में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में गृह मंत्री के तौर पर जवाब देते हुए शांति धारीवाल ने 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। दो महीने से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

जमीन घोटाले में दो साल से कार्रवाई नहीं

संयम लोढ़ा ने दूसरा विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव राजस्व विभाग के खिलाफ पेश किया है। सिरोही के पिंडवाड़ा तहसील के बनास गांव में जमीन घोटाले के मामले में 19 फरवरी 2020 में संयम लोढ़ा ने विधानसभा में मामला उठाया था। तत्त्कालीन राजस्व मंत्री ने राजस्व सचिव से जाचं करवाकर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अब विशेषाधिकार हनन का मामला बनाया गया है।

विधानसभा की विशेषाधिकार समिति करेगी फैसला
संयम लोढा ने विधानसभा सचिव को गृह विभाग और राजस्व विभाग के खिलाफ विधानसभा सचिव को विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव अब विधानसभा की विशेषा​धिकार समिति के पास भेजा जाएगा। यह कमेटी तय करेगी कि यह मामला विशेषाधिकार का बनता है या नहीं। सीएम के सलाहकार का सीएम के विभाग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव सियासी चर्चा का विषय जरूर बन गया है।