पायलट-गहलोत में फिर दिखा टकराव:राहुल की यात्रा की तैयारियों पर हुई मीटिंग में दूर-दूर बैठे, सचिन पहले निकल गए

जयपुर8 दिन पहले
जयपुर में बुधवार को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर बैठक हुई। राहुल की यात्रा 3 दिसंबर को राजस्थान में एंट्री करेगी और 6 जिलों से गुजरेगी।

राजस्थान के CM अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बीच की तल्खी बुधवार को एक बार फिर जाहिर हुई। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में आने वाली है। इसकी तैयारियों को लेकर बुलाई गई बैठक में गहलोत और पायलट दूर-दूर बैठे दिखे। दोनों नेताओं ने आपस में बात भी नहीं की। सचिन पायलट तो मीटिंग खत्म होने से पहले ही वहां से चले गए। राजस्थान में 25 सितंबर को हुए सियासी बवाल के बाद पहली बार दोनों नेता किसी इवेंट में एक साथ पहुंचे थे।

दरअसल, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 3 दिसंबर को यात्रा राजस्थान में आएगी। राहुल यहां 17 दिन तक रहेगी और यहां से हरियाणा जाएगी। यात्रा की राजस्थान में तैयारियों को लेकर समन्वय समिति की पहली मीटिंग कांग्रेस वॉर रूम में हुई। इसमें समिति के 33 सदस्य शामिल हैं।

मीटिंग खत्म होने से 30 मिनट पहले निकल गए सचिन
कांग्रेस की बैठक में गहलोत और पायलट की कुर्सी दूर-दूर थीं। पायलट हरीश चौधरी के बगल में बैठे। वहीं, अशोक गहलोत के एक ओर जितेंद्र सिंह और दूसरी ओर प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बैठे थे। करीब 12 बजे शुरू हुई मीटिंग में अशोक गहलोत देरी से पहुंचे और सचिन पायलट मीटिंग खत्म होने से करीब आधा घंटे पहले निकल गए।

जयपुर के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीटिंग के दौरान दोनों बड़े नेताओं को लेकर चर्चा का माहौल था। करीब दो महीने बाद पायलट-गहलोत किसी पार्टी मीटिंग में साथ थे।
जयपुर के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीटिंग के दौरान दोनों बड़े नेताओं को लेकर चर्चा का माहौल था। करीब दो महीने बाद पायलट-गहलोत किसी पार्टी मीटिंग में साथ थे।

भारत जोड़ो यात्रा के रूट का जायजा लेगी समिति
भारत जोड़ो यात्रा में बुधवार को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में है। बैठक में तय किया गया कि समन्वय समिति के सदस्य 25 नवंबर को राजस्थान में मध्य प्रदेश बॉर्डर से लेकर हरियाणा बॉर्डर तक के 527 किलोमीटर रूट का जायजा लेंगे।

भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों के लिए कांग्रेस की समन्वय समिति की पहली बैठक हो रही है। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कमेटी के 33 मेंबर पहुंचे।
भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों के लिए कांग्रेस की समन्वय समिति की पहली बैठक हो रही है। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कमेटी के 33 मेंबर पहुंचे।

विजय बैंसला को पायलट का जवाब
गुर्जर नेता विजय बैसला की धमकी और गुर्जर CM से जुड़े सवाल पर सचिन पायलट ने कहा& कांग्रेस पार्टी जब 21 सीट पर सिमट गई थी, हमें उस समय सब वर्गों से सहयोग मिला। हमें बहुमत सब वर्गों के सहयोग से मिला। उस बहुमत पर हम कारगर उतर सके उसकी कोशिश है।

​भाजपा की नीति तोड़ने की है, यात्रा का मकसद जोड़ना है। राहुल गांधी की यात्रा से भाजपा के लोग विचलित हैं। वह यात्रा में बाधा डालना चाहते हैं। यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है, इसके जरिए राहुल गांधी लोगों की बात सुन रहे हैं। राजस्थान में यात्रा भी सफल होगी।

मीटिंग शुरू होने से पहले सचिन पायलट यात्रा कमेटी के दूसरे मेंबर्स से बातचीत करते दिखे। पायलट मीटिंग खत्म होने से पहले ही निकल गए थे।
मीटिंग शुरू होने से पहले सचिन पायलट यात्रा कमेटी के दूसरे मेंबर्स से बातचीत करते दिखे। पायलट मीटिंग खत्म होने से पहले ही निकल गए थे।

अजय माकन नाराज होकर इस्तीफा दे चुके, नहीं पहुंचे
भारत जोड़ो यात्रा की समन्वय समिति में प्रदेश प्रभारी अजय माकन मेंबर हैं, लेकिन वह ​इस्तीफा दे चुके हैं, ऐसे में बैठक में शामिल नहीं हुए। माकन ने 8 नवंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी भेजकर राजस्थान प्रभारी के पद से इस्तीफा दे दिया था। माकन का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने राजस्थान को लेकर कोई बैठक या फैसला भी नहीं किया है।

इस वजह से नाराज हैं माकन
माकन ने 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के मामले में जिम्मेदार ठहराए गए तीन नेताओं शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दिया है।

माकन ने खड़गे को लिखी चिट्ठी में इस बात पर नाराजगी जताते हुए पद छोड़ने की पेशकश की थी। 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक के लिए खड़गे और माकन पर्यवेक्षक थे, दोनों की रिपोर्ट के आधार पर ही तीनों नेताओं को नोटिस जारी किए गए थे।

6 जिलों में 521 किलोमीटर का होगा राहुल की यात्रा का रूट
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के छह जिलों से होकर गुजरेगी। यह यात्रा झालवाड़ जिले से मध्यप्रदेश से राजस्थान में एंटर करेगी। झालावाड़, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, दौसा, अलवर जिले से होकर गुजरेगी। इन छह जिलों में यात्रा 521 किलोमीटर का सफर तय करेगी। करीब 3 दिसंबर को यात्रा राजस्थान में आएगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।

जिला स्तर पर भी यात्रा के लिए बनाईं कमेटियां
राज्य स्तर पर समन्वय समिति के अलावा जिला स्तर पर यात्रा के लिए कॉर्डिनेटर समिति बनाई है। जिले की समिति में प्रभारी मंत्री, संगठन के जिला और संभाग प्रभारी, जिले के सांसद उम्मीदवार,विधायक और विधायक उम्मीदवार और बोर्ड निगमों के अध्यक्ष समिति के सदस्य बनाए गए हैं ।

3 दिसंबर को यात्रा राजस्थान में आएगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।
3 दिसंबर को यात्रा राजस्थान में आएगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।

बैठक के बाद पायलट आज यात्रा में शामिल होने बुरहानपुर जाएंगे
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज से मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। महाराष्ट्र का सफर खत्म करके से राहुल की यात्रा बुरहानपुर से मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी। बुरहानपुर से यात्रा में प्रियंका गांधी शामिल ​होंगी। प्रियंका गांधी का चार दिन तक यात्रा में रहने का कार्यक्रम है। कांग्रेस वॉर रूम में बैठक के बाद सचिन पायलट राहुल की यात्रा में शामिल होने बुरहानपुर गए हैं। पायलट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से राजस्थान के सियासी हालात को लेकर चर्चा करेंगे।

सरदार शहर उपचुनाव से ज्यादा ताकत राहुल की यात्रा पर
कांग्रेस ने राहुल गांधी की यात्रा की तैयारियों पर पूरी ताकत लगा रखी है, पार्टी का फोकस सरदार शहर (चूरू) के उपचुनाव से ज्यादा यात्रा पर है। सरदार शहर सीट पर उपचुनाव के लिए 5 दिसंबर को वोटिंग है, जिस दिन वोटिंग है, उस समय राहुल की यात्रा राजस्थान में होगी।

कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन से खाली हुई सीट पर कांग्रेस ने उनके बेटे अनिल शर्मा को टिकट दिया है। कांग्रेस को यहां सहानुभूति लहर का पूरा भरोसा है, इसीलिए बड़े नेताओं की जगह स्थानीय नेता ही उपचुनावों में लगे हैं। अब तक के उपचुनावों में कांग्रेस के बड़े नेता मैदान में उतरते रहे हैं, लेकिन इस बार राहुल की यात्रा पर पहला फोकस हो गया है।

राजस्थान कांग्रेस में सियासी नरेटिव बदलने की संभावना
राहुल गांधी की यात्रा से राजस्थान का सियासी नरेटिव बदलने की संभावना है। कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को लेकर भी तस्वीर साफ होगी। सियासी बवाल के जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होने या नहीं होने से गहलोत-पायलट कैंप पर काफी असर पड़ेगा। पायलट कैंप की मांगों के बारे में भी तस्वीर साफ हो जाएगी। राहुल की यात्रा तक अगर फैसला नहीं हुआ तो फिर मामला लंबा खिंच सकता है।

33 नेताओं की राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर कमेटी संभालेगी यात्रा का मैनेजमेंट
राजस्थान में राहुल की यात्रा की मैनेजमेंट संभालने के लिए 33 नेताओं की राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में प्रभारी महासचिव अजय माकन,सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, भंवर जितेंद्र सिंह, सचिन पायलट, जुबेर खान,रघुवीर मीणा,हरीश चौधरी, रघु शर्मा,धीरज गुर्जर, कुलदीप इंदौरा, गिरिजा व्यास, नारायण सिंह, बीडी कल्ला,चंद्रभान, रामेश्वर डूडी, मंत्री हेमाराम चौधरी, रामलाल जाट, प्रताप सिंह खाचरियावास, भजनलाल जाटव, महेंद्र जीत मालवीय, ममता भूपेश, प्रमोद जैन भाया, लालचंद कटारिया, परसादीलाल मीणा, महेंद्र चौधरी, आरसी चौधरी, मुमताज मसीह और ललित तूनवाल शामिल हैं।

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