ओमिक्रॉन के बीच कांग्रेस की रैली से खतरा बढ़ा:जयपुर में सबसे घातक वैरियंट के सबसे ज्यादा मरीज, फिर भी रैली करने पर अड़ी कांग्रेस

जयपुर5 महीने पहले

जयपुर में ओमिक्रॉन के 9 मरीज मिलने के बावजूद कांग्रेस नेता 12 दिसंबर को बड़ी रैली करने पर अड़े हुए हैं। शहर में रैली करने से आगे खतरा और बढ़ गया है। कल बीजेपी ने इनडोर में हजारों कार्यकर्ताओं को बुलाकर जनप्रतिनिधि सम्मेलन किया। कल ही 9 लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई। खतरा सामने होने के बावजूद दोनों पार्टियों प्राथमिकता में सियासत पहले दिख रही है, पब्लिक हेल्थ बाद में।

अगले रविवार को राजधानी में कांग्रेस एक लाख से ज्यादा की भीड़ जुटाएगी। नेता और मंत्री अलग-अलग जिलों में जाकर भीड़ जुटाने की तैयारी कर रहे हैं। मंत्रियों से जब रैली से कोरोना फैलने के खतरे के बारे में पूछा गया तो तर्क दिया कि जब पीएम रैली कर सकते हैं तो कांग्रेस क्यों नही?

भीड़ जुटाकर खतरा बढ़ाने में कांग्रेस-बीजेपी साथ
भीड़ जुटाकर कोरोना का खतरा बढ़ाने में फिलहाल कांग्रेस बीजेपी एक साथ दिख रहे हैं। बीजेपी की बीते रविवार को जनप्रतिनिध्णि सम्मेलन था। इसलिए कांग्रेस की रैली पर कोई सवाल नहीं उठाया। कांग्रेस ने बीजेपी के जनप्रतिनिधि सम्मेलन पर इसलिए सवाल नहीं उठाया, क्योंकि अगले रविवार को उनकी राष्ट्रीय रैली है। पक्ष और विपक्ष के इस मुद्दे पर एक होने से दिक्कत और बढ़ गई है।

बीजेपी के रविवार को हुए जनप्रतिनिधि सम्मेलन में भी नेता बिना मास्क थे।
बीजेपी के रविवार को हुए जनप्रतिनिधि सम्मेलन में भी नेता बिना मास्क थे।

एक लाख से ज्यादा लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग नामुमकिन
कांग्रेस की रैली जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में होने वाली है। एक लाख से ज्यादा की भीड़ जुटाने का दावा है। पड़ोसी राज्यों के अलावा देश भर से इस रैली में नेता और कार्यकर्ता आएंगे। इतनी बड़ी रैली में सोशल डिस्टेंसिंग रख पाना लगभग नामु​मकिन है।

जानकारों के मुताबिक इस भीड़ में एक भी संक्रमित आ गया। वह कितने लोगों में संक्रमण फैलाएगा इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल होगा। बीजेपी के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी कल बहुत से नेता बिना मास्क देखे गए। कुछ हजारों में ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ तो एक लाख से ज्यादा की भीड़ में इसका पालन होना संभव नहीं दिख रहा।

19 जिलों में फैल चुका कोरोना
अब तक कोरोना बढ़ने में भीड़भाड़ का सबसे बड़ा रोल रहा है। मेले और पर्वों में मिली छूट के बाद कोरोना का आंकड़ा बढ़ा है। राजस्थान सतर्कता और सावधानी से कोरोना फ्री होने की तरफ बढ़ रहा था, आज हालत उलट गए हैं। 19 जिलों में 221 एक्टिव केस सामने आ चुके हैं। रोज यह आंकड़ा बढ़ रहा है।

जनमत भीड़ वाले कार्यक्रमों के खिलाफ
भास्कर सर्वे में 96 फीसदी लोगों ने राय दी थी कि कोरोना के खतरे के कारण रैलियां नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस-बीजेपी ने लोगों के रुझान की भी परवाह नहीं की। रैलियों से भीड़ जुटाने पर ही ज्यादा जोर दिया।

डोटासरा बोले- रैली में हम कोरोना गाइडलाइन का पालन करेंगे
ओमिक्रॉन के खतरे के बीच रैली के सवाल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह सब हमारे संज्ञान में है। हम रैली में कोरोना गाइडलाइन की पूरी पालना करेंगे। रैली में मास्क, सैनिटाइजर सहित कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा।

ओमिक्रॉन के लिए कितना तैयार है राजस्थान:तीसरी लहर से निपटने के लिए 300 ICU समेत 1200 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड तैयार

राजस्थान में मिले ओमिक्रॉन के 9 केस:दक्षिण अफ्रीका से लौटे एक ही परिवार के 4 लोग, संपर्क में आए 5 रिश्तेदारों की रिपोर्ट पॉजिटिव

राजस्थान आ गया ओमिक्रॉन, एक्सपर्ट से जानें कैसे बचें:घातक है नया वैरिएंट, डबल डोज ले चुके लोग भी इसे हल्के में न लें

खबरें और भी हैं...