राज्यपाल बोले- राजस्थान के लोग अभावों का रोना नहीं रोते:कहा- मुख्यमंत्री से तालमेल बना हुआ है, दिक्कत होने पर बातचीत से सुलझा लेते हैं मसले

जयपुर3 महीने पहले

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ अच्छा तालमेल होने की बात कही है। राज्यपाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मेरा हमेशा यह प्रयास है कि हमारा आपसी सामंजस्य बना रहे। कभी किसी प्रकार की कठिनाई होती है तो आपसी बातचीत से उसका समाधान निकाल लेते हैं। इसलिए मेरा लगातार राज्य के मुख्यमंत्री से मिलना होता है, उनसे बात होती है। कोई बात या कठिनाई होती इै तो हम आपस में बात कर लेते हैं। क्योंकि यह हमारा दायित्व है कि शासन ठीक से चले, आपसी तालमेल बना रहे और संवैधानिक रूप से प्रक्रिया आगे बढ़ती रहे। राज्यपाल तीन साल का कार्यकाल पूरा करने पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान में कई बार अकाल सूखा पड़ा और कई दिक्कतें आईं। राजस्थान के लोग कभी अभावों का रोना नहीं रोते। कोरोना जैसी भयंकर आपदा आई, जिसमें सबने बढ़ चढ़कर सहयोग किया। राज्यपाल सहायता कोष से भी मदद की गई। पश्चिमी बंगाल में राज्यपाल को विश्वविद‌्यालयों के कुलाधिपति से हटाकर केवल विजटर रखने का बिल लाने के सवाल पर मिश्र ने कहा कि अभी राजस्थान में ऐसा कुछ नहीं है, भविष्य में क्या होगा, इस पर कुछ नहीं कह सकते।

विधानसभा का सत्रावसान नहीं करने पर राज्यपाल का आपत्ति से इनकार

विधानसभा का लंबे समय से सत्रावसान नहीं करने पर राज्यपाल ने किसी तरह की आपत्ति से इनकार कर दिया। बजट सत्र के बाद विधानसभा सत्र का सत्रावसान नहीं करने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि ​​​​​​ जब सत्रावसान नहीं होता तो किसी भी समय विधानसभा की बैठक बुला सकते हैं। इसमें राज्यपाल के अनुमोदन की जरूरत नहीं होती है। विधानसभा का सत्रावसान नहीं होने के कारण विधायकों के सवालों के कोटे को लेकर दिक्कत जरूरत आती है।

सभी यूनिवर्सिटीज में एक तरह का सिलेबस होगा

राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में संविधान पार्क नवंबर तक बनकर पूरा होने की कोशिश की जा रही है। संविधान पार्क में भारतीय संविधान के निर्माण की पूरी यात्रा को दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में क्वालिटी एज्यूकेशन के लिए टास्क फोर्स बनाने का प्रयास किया जारहा है। विश्वविद्यालयों में एक समान सिलेबस लागू करने के लिए काम शुरु कर दिया है। इसके लिए सिलेबस अपडेट किया जा रहा है।

जयपुर में बनेगा सैनिक कल्याण भवन

राज्यपाल ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए जयपुर में सैनिक कल्याण भवन बनाया जाएगा। पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जाएगी।

सियासी संकट के वक्त आया था सरकार-राज्यपाल के रिश्तों में तनाव, सीएम की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने दिया था राजभवन में धरना

राज्यपाल कलराज मिश्र और सीएम अशोक गहलोत के बीच अच्छा तालमेल रहा है। दो साल पहले जुलाई 2020 में सचिन पायलट खेमे की बगावत के कारण आए सियासी संकट के वक्त राज्यपाल और सरकार आमने सामने आ गए थे। उस वक्त सरकार ने विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल के पास कैबिनेट का प्रस्ताव भेजा लेकिन राज्यपाल ने कम से कम 14 दिन पहले सूचना देने और सत्र बुलाने का कारण पूछते हुए फाइल को लौटा दिया। जब चार बार राजभवन ने विधानसभा सत्र बुलाने की फाइल लौटा दी तो सीएम अशोक गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने दिनभर राजभवन में धरना दिया। इस धरने के बाद विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की सहमति बनी। इस दौरान राजभवन और सरकार के बीचतल्ख बयानबाजी हुई थी। बाद में 14 अगस्त 2020 को विधानसभा सत्र बुलाकर गहलोत सरकार ने बहुमत साबित कर दिया। बहुमत साबित करने के बाद गहलोत औरराज्यपालके बीच रिश्ते सामान्य हो गए। राजभवन से विधानसभा सत्र को लेकर हुए टकराव के बाद सरकार ने बजट सत्र का सत्रावसान नहीं करने का पैटनर्ल अपनाया जो आज तक चल रहा है।