कटारिया बोले-खराब कानून व्यवस्था पर मुंह खोलें गहलोत:साधु हत्याओं-मॉबलिंचिंग से फैला भ्रम, आर्मी ट्रक से पैसा BJP कार्यालय आया, तो CM करें खुलासा

जयपुर2 महीने पहले
कटारिया बोले-खराब कानून व्यवस्था पर मुंह खोलें गहलोत

बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहा है कि गहलोत के राज में राजस्थान में जंगलराज से भी घटिया राज हो गया है। राजस्थान का मुख्यमंत्री ही खुद गृहमंत्री है। प्रदेश में अपराधों में बढ़ोतरी को लोग जंगल राज की कैटेगरी में लेते हैं। लेकिन मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूँ कि जंगल राज से भी कोई कोई घटिया शब्द है क्या, जिसका प्रयोग राजस्थान की जनता करे।

कटारिया ने कहा-पिछले कुछ दिनों से लगातार साधुओं की हत्या-मौतें हो रही है। हनुमानगढ़ के सांगरिया में साधु की हत्या हुई है। इससे पहले जालोर और भरतपुर में साधुओं की हत्या या मौतों पर सरकार स्पष्टीकरण नहीं दे पाई। जालोर में बच्चे के मटके से पानी पीने का कारण हत्या के मामले में भी पुलिस अब तक मौन बैठी हुई है। लोगों की जो बातें निकलकर आ रही हैं, उससे प्रदेश में बहुत बड़ा भ्रम फैल रहा है। पुलिस को जो भी हकीकत पता है और जो उसकी जानकारी में आया है, वही बोलेगी तो उसे सच माना जाएगा। कटारिया ने कहा अलवर की घटना ने तो सबका दिल दहला दिया है। मॉब लिंचिंग कर एक निर्दोष व्यक्ति को खेत में शौच के वक्त हमला करके पीट-पीटकर मार डाला। इससे ज्यादा और किसी प्रदेश में जंगल राज नहीं हो सकता।

प्रदेश बीजेपी कार्यालय,जयपुर।
प्रदेश बीजेपी कार्यालय,जयपुर।

आर्मी ट्रक से पैसा BJP कार्यालय आया तो खुलासा करो, केवल बोलने से नहीं होगा

मुख्यमंत्री आप बाकी बातें तो बहुत बोलते हो कि चोरी का पैसा आता है। बीजेपी कार्यालय पहुंचता है। तो आप क्या कर रहे हो। राज चला रहे हो या मजाक कर रहे हो। अगर आपको लगता है किसी गाड़ी, ट्रक या आर्मी के व्हीकल से पैसा बीजेपी कार्यलय में आया है तो उसका खुलासा करके काम करो ना, केवल बोलने से नहीं होगा। आप पर जो आरोप लगा है उसके बारे में कौन बोलेगा। राजस्थान की जनता पूछ रही है कानून व्यवस्था की धज्जियां जब उड़ रही हैं तब राजस्थान का मुख्यमंत्री मौन क्यों है। मुंह खोलकर बोलें। मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से तो पूछते हैं बोलो, पहले वह तो प्रदेश के बारे में बोलें। जंगलराज से भी घटिया कोई राज हो सकता है तो वो राजस्थान का है। कृपा करके अपना मुंह खोलो और राजस्थान को सम्भालो।