मंत्री गुढ़ा बोले- राज्यसभा चुनाव में 25 करोड़ ऑफर हुए:सरकार के सियासी संकट के समय 60 करोड़ दे रहे थे

जयपुर/ झुंझुनूं4 महीने पहले

सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक बार फिर राज्यसभा चुनावों और सियासी संकट के समय विधायकों को करोड़ों रुपए देकर खरीद-फरोख्त का दावा किया है। गुढ़ा ने कहा- राज्यसभा चुनावों के समय एक वोट के बदले 25 करोड़ रुपए का ऑफर मिला। दो साल पहले कांग्रेस में बगावत के समय आए सियासी संकट के समय 60 करोड़ रुपए के ऑफर का दावा किया है। गुढ़ा ने किसी का नाम नहीं लिया।

गुढ़ा ने सोमवार को झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में ए​क प्राइवेट स्कूल के बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए कहा- जब पिछला राज्यसभा चुनाव हुआ तो उस वक्त मुझे 25 करोड़ का ऑफर था, केवल 25 करोड़ रुपए लेकर वोट किसी एक आदमी को दे दो। मैंने पत्नी से पूछा कि 25 करोड़ आ रहे हैं, एक वोट ही देना है। पत्नी ने कहा था कि हमें पैसे नहीं चाहिए, आपकी इज्जत खराब हो जाएगी।

उससे पहले जब सरकार में उठापटक शुरू हुई, तब मेरे पास 60 करोड़ रुपए का ऑफर था। मेरा मन थोड़ा सा 60 करोड़ के अंदर लगा भी था। मेरे बेटे-बेटी और वाइफ ने कहा कि पैसा नहीं, हमें इज्जत चाहिए। जब सारे बच्चे ऐसे सोचेंगे तो देश अपने आप ही ठीक हो जाएगा।

गुढ़ा के बयान के सियासी मायने
गुढ़ा लगातार मुखर होकर बयानबाजी कर रहे हैं। गुढ़ा खुद को कम महत्व का विभाग मिलने से नाराज हैं। बसपा छोड़कर कांग्रेस में आने वाले दो विधायकों को कुछ पद नहीं मिलने और वादे पूरे नहीं करने को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गुढ़ा ने राज्यसभा चुनाव और ​सियासी संकट के समय उन्हें मिले ऑफर के बावजूद सरकार का साथ देने का एहसान गिनाया है।

गुढ़ा इससे पहले यह भी कह चुके हैं कि बसपा से आने वाले विधायकों ने साथ नहीं दिया होता तो सरकार की बरसी मन चुकी होती। हालांकि सीएम गहलोत सरकार बचाने का क्रेडिट बसपा मूल के विधायकों, निर्दलियों, सीपीएम और बीटीपी विधायकों को देते आए हैं।

कल्ला बोले- राजस्थान में कई बार हो चुकी हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश
गुढ़ा के बयान पर शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि उनके साथ किसी ने इस तरह का ऑफर किया होगा, इसके बारे में तो वही बता सकते हैं। यह बात निश्चित है कि राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग करने की कोशिश कई बार हो चुकी हैं।

जो लोकतांत्रिक पद्धति में विश्वास रखता है, वह व्यक्ति उसकी निंदा करेगा। राजस्थान को मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र बनाने की कोशिश कई बार की थी, लेकिन यह हुआ नहीं। राजस्थान में दो-तीन बार कोशिश की गई है, लेकिन यहां लोग मजबूत है, एकजुट है।