मंत्री रामलाल बोले- अग्निवीर में आप मिलिटेंट खड़ा कर रहे:कहा- देश को ट्रेंड शुदा आतंकवाद की तरफ ले जाएगी अग्निपथ स्कीम

जयपुर3 महीने पहले

राजस्थान के राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने अग्निपथ स्कीम का विरोध करते हुए इसे देश को आतंकवाद की तरफ ले जाने वाला बताया है। रामलाल जाट ने मीडिया से बातचीत में कहा- अग्निवीर जैसी स्कीम लाए हैं। एक साल विधायक-सांसद रहने के बाद भी पेंशन मिलती है। आप नौजवान साथी को पांच साल, चार साल, तीन साल की नौकरी दे रह हो, कम से कम पेंशन तो दीजिए। एक मिलिटेंट खड़ा कर रहे हो आप। आने वाले समय में ट्रेंड शुदा आतंकवाद की तरफ जाने के लिए देश को खड़ा कर रहे हो। यह गलत काम कर रहे हैं।

रामलाल जाट ने कहा- समय रहते आने वाले समय में देश का युवा समझेगा। जनता समझेगी तो ही ये लोग सबक लेंगे। इसमें सुधार करवा पाएंगे। विपक्ष में रहते हुए हम हर प्लेटफार्म पर इस स्कीम का विरोध करेंगे। राहुल गांधी जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, उनका समर्थन करते हुए हम देश को जागृत करेंगे।

कांग्रेस लगातार विरोध में
अग्निपथ स्कीम को लेकर कांग्रेस ने राजधानी जयपुर से लेकर हर जिले में विरोध प्रदर्शन किए थे। रामलाल जाट ने अब अग्निवीरों के आंतकवाद की तरफ शिफ्ट होने का अंदेशा जताया है। मंत्री रामलाल जाट के इस बयान के बाद सियासी वाद विवाद होना तय माना जा रहा है। थल सेना, वायु सेना और नौ सेना में अग्निपथ स्कीम से भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पुरानी भर्ती रद्द की जा चुकी हैं, अब सेना में सिपाही की भर्ती अग्निवीर स्कीम से ही होगी।

रामलाल बोले- नूपुर बयान नहीं देती तो कन्हैयालाल जिंदा होते

उदयपुर में कन्हैयालाल टेलर की तालिबानी हत्या के मामले में राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा- कन्हैयलाल का मर्डर हिलाने वाला है। नूपुर शर्मा बयान नहीं देती तो मौलाना नहीं आता। मौलाना नहीं आता तो कन्हैयाला जिंदा होता। ये भड़काने के काम होते हैं। बीजेपी के नेता इस तरह बर्ताव कर रहे हैं और मारने काटने वाले बयान दे रहे हैं। जैसे मुगलों, अंग्रेजों की तरह राज मिल गया हो। ये मुगलों, अंग्रेजों की तरह ही काटने, पीटने की बातें कर रहे हैं। रामलाल ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि ऐसा कानून बनाया जाए कि निर्दोश लोगों को मारने वालों को सरेआम फांसी पर लटकाया जाए। धार्मिक भावना भड़काकर लोगों को मारने वालों के खिलाफ काननू बनाकर फांसी पर लटकाना चाहिए, तभी सबक मिलेगा।