अफसर ने मंत्री का न्योता कैंसिल कराया:पैसे देकर मेंबर बनाए, नेताजी की पोल खुली; मुखिया-प्रभारी की पटरी नहीं बैठ रही

जयपुर7 महीने पहलेलेखक: गोवर्धन चौधरी
  • हर शनिवार पढ़िए और सुनिए- ब्यूरोक्रेसी और राजनीति से जुड़े अनसुने किस्से

अफसरशाही का कोई तोड़ नहीं है, इसका नजारा हाल ही राजधानी में देखने को मिला। राजधानी में एक सिंगिंग प्रोग्राम के लिए एक तेजतर्रार मंत्री और एक चर्चित आईएएस को बुलाया गया। कार्ड छप गए और आधे बंट भी गए तब आयोजकों के सामने आईएएस ने ऐसी शर्त रख दी जिससे उलझन बढ़ गई। आईएएस ने शर्त रखी कि प्रोग्राम में गाना गाउंगा, लेकिन मंत्री नहीं आने चाहिए। इस शर्त के कारण तेजतर्रार मंत्री का न्योता कैंसिल कर दिया गया। आयोजकों में झगड़ा भी हुआ। खैर प्रोग्राम हुआ, आईएएस ने आधे घंटे तक गाने भी गाए।

डेपुटेशन को लेकर भिड़े मंत्री

मेडिकल महकमे में डेपुटेशन खत्म करने की घोषणा विवाद का कारण बन गई है। मंत्री-विधायक हर कीमत पर अपने समर्थकों की सिफारिश को पूरा करने की जिद पहले की तरह अब भी करते हैं। इसे लेकर दो मंत्री सीधे ही भिड़ गए। राजधानी से जुड़े एक मंत्री ने अपने समर्थक डॉक्टर की सिफारिश के लिए पहले मंत्री और फिर उनके सहायक अफसर को ही जमकर खरी खोटी सुना दी। सार यह है कि डेपुटेशन हो या ट्रांसफर-पोस्टिंग, चाहे जो पॉलिसी बना लो, चलेगी नेताओं की ही।

मेंबर बनाने में टॉप पर पहुंचे नेताजी की रणनीति लीक

सत्ताधारी पार्टी में ऑनलाइन मेंबर बनाने के अभियान में पहले पिछड़ने के बाद आखिर में कई नेताओं ने गजब का उत्साह दिखाया। ऐनवक्त पर सारे काम करने की तो रीत पुरानी है। पश्चिमी राजस्थान के एक हारे हुए नेता ने तो मेंबरशिप अभियान में इतना जोर लगाया कि कंपनियों की तर्ज पर कैश रिवॉर्ड देने की घोषणा कर दी। एक ऑनलाइन मेंबर पर 200 रुपए तक का कैश रिवॉर्ड देने की घोषणा खुद के वाॅट्सऐप ग्रुप्स पर की। यह स्कीम चल निकली और नेताजी ने मेंबरशिप में डंका बजवा दिया। अब मेंबरशिप के पीछे की कहानी सामने आ रही है। नेताजी के नजदीकियों ने ही मेंबरशिप के बदले कैश रिवॉर्ड की घोषणा के स्क्रीन शॉट सही जगह पहुंचा दिए हैं। नंबर बढ़ाने की कोशिश में अब नंबर कम होने का खतरा पैदा हो गया है।

राजधानी में क्यों फटे मंत्री के पोस्टर

राजधानी के एक मंत्री इलाके में भागवत कथा करवा रहे हैं। मंत्री का क्षेत्र माइनोरिटी बहुल है, लेकिन गैर माइनोरिटी वोट भी बड़ी संख्या में हैं। मंत्री प्रैक्टिशनर हिंदू हैं लेकिन विपक्षी पार्टी ने नरेटिव कुछ अलग ही बना दिया है। विपक्षी पार्टी के नरेटिव को काउंटर करवाने के लिए मंत्री ने भागवत कथा करवाने का फैसला किया। भागवत कथा के खूब पोस्टर लगे। पोस्टर में जहां मंत्री का नाम और फोटो था उसे फाड़ दिया और बाकी एज इट इज रहने दिया। मंत्री और विरोधियों में ‘तू डाल-डाल मैं पात-पात’ वाला कंपीटीशन चल रहा है।

दिल्ली की दो टूक के बाद विपक्षी पार्टी में कई नेता मायूस

विपक्षी पार्टी में कई नेता इन दिनों परेशान हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ राजस्थान के नेताओं की बैठक के बाद मिले संकेतों ने बहुत कुछ साफ कर दिया है। सीएम दावेदार एक नेता के समर्थकों की मायूसी बहुत कुछ सियासी संकेत दे रही है। अब नेताओं की चिंता पहले टिकट की है, बाकी तो इसी से तय होना है। अगले कुछ महीने में कई मुगालते दूर होने की संभावना है।

मुखिया और प्रभारी की ट्यूनिंग बिगड़ी

सत्ताधारी पार्टी में प्रभारी की राजस्थान से अरुचि चर्चा का विषय बनी हुई है। राजस्थान आना बहुत कम हो गया है। पार्टी सत्ता में है लेकिन प्रभारी की उदासीनता बरकरार है। इसके पीछे सत्ता के मुखिया और प्रभारी की ट्यूनिंग का स्तर भी एक कारण है। प्रभारी और सत्ता के मुखिया के बीच पुराने प्रभारी जैसी प्रगाढ़ता नहीं है। बताया जाता है कि प्रभारी की कई सिफारिशों ने सत्ता की दहलीज पर दम तोड़ दिया, जिसके बाद ट्यूनिंग काफी प्रभावित हुई है। कुछ फैसलों को लेकर भी सत्ता खेमा खुश नहीं था। मौजूदा राजनीतिक हालात भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।

इलेस्ट्रेशन : संजय डिमरी

वॉइस ओवर: प्रोड्यूसर राहुल बंसल

सुनी-सुनाई में पिछले सप्ताह भी थे कई किस्से, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

मंत्रियों पर भारी पड़ गया एक अफसर:नेता बनने की तैयारी में कलेक्टर; सीएम फेस वाले नेताओं के अरमानों पर फिरा पानी

महिला अफसर भिड़ीं, जूनियर ने कहा-हद में रहिए:ACB ट्रैप में फंसे अफसर, नींद नेता की उड़ी; AAP नेताओं से मिले सरकार के खास विधायक

सचिवालय के अफसरों में मैडम का खौफ:राजस्थान में सरकार बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के इलेक्शन कैंपेन एक्सपर्ट को बुलाया

खबरें और भी हैं...