कोटा में बनेगा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट:गहलोत सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त दी 1250 एकड़ जमीन, जल्द शुरू होगा अत्याधुनिक हवाईअड्‌डा बनाने का काम

जयपुर4 महीने पहले

कोटा में बने पुराने एयरपोर्ट की जगह अब नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने का रास्ता साफ हो गया है। अब एयर कनेक्टिविटी का विस्तार हो सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने कोटा के शंभूपुरा क्षेत्र में 1250 एकड़ जमीन मुफ्त देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पिछले करीब एक साल पहले इस जमीन के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसे अब मंजूरी मिली है। गौरतलब है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच कोटा में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर चर्चा हुई थी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी एयरपोर्ट के लिए जमीन आवंटन के संबंध में बात की थी। इसके अलावा नागरिक उड्‌डयन विभाग ने जमीन आवंटन के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था।

इसलिए पड़ी जरूरत

बड़े विमानों के लिए मौजूदा एयरपोर्ट पर एयर पट्‌टी छोटी है। एयरपोर्ट पर 4000 फीट की हवाई पट्टी (रनवे) है, जबकि जेट श्रेणी के विमान उतरने के लिए 9 हजार फीट की हवाई पट्टी होनी चाहिए। इसके विस्तार में बड़ी समस्या आ रही है। विस्तार के लिए यूआईटी (अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट) से जमीन लेनी पड़ेगी और कई कॉलोनियों का पुनर्वास करना पड़ेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट के आस-पास भी बड़ी संख्या में कॉलोनियां बसी हुई हैं। ऊंची-ऊंची इमारतें हैं। ये इमारतें सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं हैं।

फ्लाइट की संख्या बढ़ेगी

एजुकेशन के नजरिए से उत्तर भारत में कोटा सबसे बड़ा हब माना जाता है। यहां इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की तैयारी कराने के लिए एक से बढ़कर एक कोचिंग सेंटर हैं। यही कारण है कि राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर के अलावा नॉर्थ ईस्ट से जुड़े राज्यों के लाखों स्टूडेंट यहां हर साल पढ़ाई करने आते हैं। इन स्टूडेंट्स को अभी यहां पहुंचने का सबसे बड़ा जरिया ट्रेन है। एयरपोर्ट छोटा है, इसलिए फ्लाइट की संख्या भी सीमित है। नया एयरपोर्ट बनने के बाद उन शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू हो जाएंगी, जहां के लिए अभी सेवा नहीं है। साथ ही, फ्लाइट की संख्या भी बढ़ जाएगी। इससे कोटा आने-जाने वालों को ज्यादा लाभ होगा। इसके अलावा बूंदी के पर्यटन स्थल और कोटा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूंदी एरिया में फैला मुकुंदरा हिल अभ्यारण, सवाई माधोपुर रणथम्भौर आने वाले पर्यटकों का भी समय बचेगा।

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