राज्यसभा चुनाव में दो उम्मीदवार उतारेगी BJP:राठौड़ बोले- कांग्रेसी खेमे के विधायक हमारी तरफ आएंगे तो स्वागत करेंगे

जयपुर3 महीने पहले
राठौड़ बोले-राज्यसभा चुनाव 'सेकेंड कैंडिडेट' पर की चर्चा। - Dainik Bhaskar
राठौड़ बोले-राज्यसभा चुनाव 'सेकेंड कैंडिडेट' पर की चर्चा।

राज्यसभा चुनाव में BJP दूसरा उम्मीदवार भी उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। विधानसभा में बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी ने सेकेंड कैंडिडेट उतारने पर प्रारम्भिक चर्चा कर ली है। अगर विद्रोह कर कांग्रेस के खेमे से विधायक हमारी तरफ आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे।

दूसरा उम्मीदवार उतारते ही कांग्रेस और बीजेपी में 1 सीट पर बेहद रोचक मुकाबला हो जाएगा। क्योंकि बीजेपी के पास जीत का जरूरी गणित नहीं है। लेकिन सियासी मैसेज देने के लिए वह कांग्रेस को वॉकओवर नहीं देना चाहती। कांग्रेस को चुनौती देने के लिए ही दूसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है। राज्यसभा चुनाव के वोटिंग और प्रत्याशी की जीत तय करने के फॉर्म्युले (एकल संक्रमणीय मत प्रणाली) से कांग्रेस की 2 और बीजेपी की 1 सीट पर जीत पक्की है। लेकिन चौथी सीट के लिए दोनों पार्टियों में मुकाबला हुआ। तो सियासी जोड़-तोड़ और बाड़ाबंदी देखने को मिलेगी। आज से राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन पीरियड शुरु हो गया है। जो 31 मई तक चलेगा। 10 जून को राजस्थान विधानसभा में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव होना है।

कांग्रेस भी 2 के बाद अपना तीसरा प्रत्याशी खुदके दम पर नहीं जिता सकती है। इसके लिए निर्दलीय और दूसरी पार्टियों के विधायकों के वोट ही जीत तय कर सकते हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां ऐसे विधायकों को अपने-अपने पाले में रखने की कवायदों में जुट गई हैं। बीजेपी नेता दूसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए निर्दलीय और दूसरी पार्टियों के विधायकों की मदद लेने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसके लिए ऐसे विधायकों पर नजर है जो कांग्रेस, सरकार, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज चल रहे हैं।

दूसरा उम्मीदवार पर प्रारम्भिक चर्चा हुई,हमारे पास 30 वोट सरप्लस

बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी ने राज्यसभा चुनाव में दूसरा उम्मीदवार उतारने पर प्रारम्भिक चर्चा कर ली है। प्रदेशाध्यक्ष और संगठन महामंत्री से विचार-विमर्श कर रहे हैं। हमारे पास 30 वोट सरप्लस हैं। निश्चित तौर पर दूसरे उम्मीदवार को उतारने पर चर्चा करेंगे। जिस पर फैसला हमारा पार्लियामेंट्री बोर्ड निर्णय करेगा। उसके बाद पत्ते खोलेंगे। क्या पिछले राज्यसभा चुनाव की तरह फिर से बाड़ाबंदी या पार्टी का प्रशिक्षण शिविर होगा। सवाल पर राठौड़ ने कहा हमने बाड़ेबंदी नहीं की। अपने कार्यकर्ताओं से मिलना जुलना मीटिंग करना कोई बड़ी बात नहीं है। हम तो होटल में सिर्फ दो दिन के लिए बैठे थे। वो तो आपस का विचार विमर्श था।

विद्रोह कर विधायक हमारी तरफ आते हैं तो हम स्वागत करेंगे

राठौड़ ने कहा 35 दिन तक सरकार 5 सितारा होटल में बाड़ाबंदी में बंद रही। इस दौरान निर्दलीय, बीटीपी, सीपीएम विधायकों की मिजाजपुर्सी में सरकार लगी रही। सरकार ने बहुत से वादे भी उनसे किए। सरकार के मंसूबे थे कि संसदीय सचिव बनाकर, सलाहकारों को गाड़़ी देकर, सुविधाएं देकर सबको संतुष्ट किया जाए। लेकिन हमने समय रहते राज्यपाल को पत्र लिखकर जानकारी दे दी कि संविधान के आर्टिकल के अनुसार सरकार संसदीय सचिव नहीं बना सकती। इसलिए उन विधायकों को वह सुविधाओं नहीं मिल सकीं। निश्चित तौर पर जो वादा किया वो चीज नहीं मिलती है तो तड़प होती है। तड़पन अगर विद्रोह में बदलती है और सामने हम खड़े नजर आते हैं, अगर वो विधायक हमारी तरफ आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे।

बाड़ाबंदी और सियासी जोड़-तोड़ की इसलिए जरूरत होगी

राजस्थान में कांग्रेस के 108, भाजपा के 71, निर्दलीय 13, आरएलपी के 3, बीटीपी के 2, माकपा के 2 और आरएलडी का 1 विधायक है। कांग्रेस के पाले में कुल 126 विधायक माने जाते हैं। बीजेपी के पास कुल 74 ही विधायक हैं। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस 3 प्रत्याशी खड़ा करेगी, तो उन्हें जिताने के लिए 41-41-41 यानी कुल 123 वोट की जरूरत पड़ेगी। बीजेपी अगर 2 प्रत्याशी उतारेगी तो उन्हें जिताने के लिए 41-41 यानी कुल 82 वोट की जरूरत होगी। ऐसे हालात में बीजेपी को कांग्रेस के पाले में बैठे 8 विधायकों को सियासी जोड़-तोड़ कर अपने खेमे में लाना होगा। लेकिन यह मौजूदा हालात में बहुत कठिन है।

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