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दैनिक भास्कर टॉक शो में मंत्री के खिलाफ उठी आवाज:रीडर्स बोले- शराब को फेस नहीं बनाए सरकार, लोगों की सेहत की कीमत पर सरकारी खजाना नहीं भरें

जयपुर2 महीने पहले
भास्कर टाॅक शो में ज्यादातर रीडर्स ने आबकारी मंत्री के बयान का विरोध किया

ज​हरीली शराब पीकर मरने की जगह सरकार सिस्टम से शराब खरीदने की सलाह देने के आबकारी मंत्री परसादीलाल मीणा के बयान पर विवाद हो गया है। आबकारी मंत्री के बयान को विपक्षी पार्टियों ने शराब को प्रमोट करने वाला बताते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। दैनिक भास्कर के टॉक शो में रीडर्स ने आबकारी मंत्री के बयान को गलत करार देते हुए इसे शराब को प्रमोट करने वाला बताया। रीडर्स ने कहा कि सरकार शराब को फेस नहीं बनाए और इसे इनकम का जरिया भी नहीं बनाए।

शराब को फेस नहीं बनाएं, इसे कमोडिटी समझें
रिटायर्ड पुलिस अ​धिकारी उम्मेद सिंह राठौड़ ने कहा- शराब को लेकर सरकार ने अलग तरह का माहौल बना रखा है। शराब को सरकार एक कमोडिटी माने, सरकार शराब संस्कृ​ति को बढ़ावा देने से बाज आए। यूरोप के देशों में हमारी तरह शराब की दुकानें नहीं सजती। हमारे यहां तो शराब की दुकानें ज्वैलरी की दुकानों की तरह सजती हैं। यह ठीक नहीं हे। शराब सरकार का फेस नहीं बनना चाहिए और न इसे सरकार की आय का जरिया बनाया जाना

मंत्री का बयान शराब का प्रचार
सामाजिक कार्यकर्ता सूरज सोनी ने कहा-2015 में शराबबंदी की मांग पर अनशन करते हुए जब गुरशरण छाबड़ा की मौत हुई थी, उस वक्त आज के सीएम अशोक गहलोत ने शराबबंदी की वकालत की थी। उन्हीं के मंत्रिमंडल के साथी ने शर्म के शर्मनाक बयान दिया है। शराब दुखांतिकाओं में लोग मरे हैं, वैसे हालात फिर से नहीं बने इसके उपाय करने की जगह सरकार शराब का प्रचार प्रसार कर रही है।लोगों की कीमत पर सरकार को शराब से रेवेन्यू कमाने पर जोार नहीं देना चाहिए।

जहरीली शराब पर कार्रवाई क्यों नहीं?
युवा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा- आबकारी मंत्री को बयान देने से पहले समझना चाहिए कि वे मंत्री हैं मुनीम नहीं। मंत्री कह रहे हैं कि राजस्थान में जहरीली शराब मिल रही है, आपके पास सरकार है। जहरीली शराब मिल रही है तो कार्रवाई कीजिए। मंत्री तो कह रहे हैं कि सरकारी सिस्टम की शराब पीजिए। आप स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, आपको शराब नहीं पीने की अपील करनी चाहिए थी। गांधीवादी मुख्यमंत्री के राज में गांधीवाद से दूर दूर तक ही संबंध नहीं रहा है। सरकार के मंत्री ही शराब को प्रमोट कर रहे हैं।

टॉक शो में शामिल लोगों ने शराब काे लेकर खुलकर राय रखी
टॉक शो में शामिल लोगों ने शराब काे लेकर खुलकर राय रखी

सोशल मीडिया एक्सपर्ट एसएम देव ने कहा- नीतियां बनाने की जगह सरकार शराब को प्रोत्सा​हित कर रही है। शराब की दुकानों के खुलने के समय की सख्ती से पालना नहीं होती। रात के समय भी शराब बिकती है। इसे राका जाना चाहिए।

मंत्री के समर्थन में भी राय
आबकारी मंत्री के बयान का कुछ रीडर्स ने समर्थन भी किया है। कर्मचारी नेता राजपाल मीणा और कांग्रेस नेता जसवंत गुर्जर ने कहा- आबकारी मंत्री के बयान को सही संर्दी में लें तो यह सच्च्चाई है। जहां जहां भी शराबबंदी हुई है, वहां अवैध शराब को बढ़ावा मिला है। गुजरात का उदाहरण सबके सामने है। गुजरात में शराब बैन है लेकिन अवैध रूप से खूब मिल रही है। शराबबंदी से अवैध औीर जहरीली शराब का खतरा है।

'जहरीली से अच्छा है सरकारी शराब पीएं':गहलोत के आबकारी मंत्री बोले- लोग जहरीली शराब पीकर मरने से अच्छा सरकारी खरीदें; शराबबंदी नहीं करेंगे